अयोध्या : अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे के 7 करोड़ रुपए की चोरी के दावे का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। मंदिर ट्रस्ट ने शनिवार को सीएम योगी से चोरी के दावे की जांच SIT (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम) से कराने की मांग की। इसके कुछ ही घंटों बाद शासन ने 3 सदस्यीय SIT बना दी है।
SIT 7 दिन में प्रारंभिक रिपोर्ट और 15 दिन में अंतिम रिपोर्ट देगी। SIT आगे गड़बड़ी न हो, इसके लिए भी सुझाव देगी।
वहीं, मंदिर के कर्मचारी लवकुश मिश्रा (27) के घर से 10 लाख रुपए बरामद हुए हैं। उसने रुपए गोबर में दबाकर छिपाए थे। इसके अलावा, कुछ पैसे बक्से में भी रखे थे। हालांकि, ये रुपए किसके हैं, यह अभी पता नहीं चल पाया है। वहीं लवकुश के पिता ने भी रुपए मिलने की पुष्टि की है। सूत्रों के मुताबिक, लवकुश मंदिर में चढ़ावे की रकम गिनने का काम करता था।
लवकुश की नौकरी उसके ससुर ने लगवाई थी। लवकुश का साला अनुकल्प मिश्रा पहले से मंदिर में नौकरी कर रहा था। सूत्रों के मुताबिक, अनुकल्प और लवकुश दोनों अभी पुलिस हिरासत में हैं।
इन 3 अफसरों को क्यों शामिल किया गया
SIT में लखनऊ के कमिश्नर विजय विश्वास पंत (IAS), किरन एस. (IPS, आईजी रेंज) और नीलरतन (विशेष सचिव, वित्त) को शामिल किया गया है। किरन एस. सीबीआई में डीआईजी रह चुके हैं। यानी वित्त, कानून के एक्सपर्ट को कमिश्नर लीड करेंगे।
विजय विश्वास पंत: IIT कानपुर से बी.टेक पास हैं। अभी लखनऊ के मंडलायुक्त हैं। SIT की अध्यक्षता करेंगे। चढ़ाव और दान की व्यवस्था को समझेंगे। बेहतर करने के सुझाव देंगे।
किरन एस.: अपराध की जांच का लंबा अनुभव है। चढ़ावा चोरी के आरोपों की तह तक जाएंगे। यानी, पुलिस के एंगल से जांच संभालेंगे।
नीलरतन: वित्त विभाग में विशेष सचिव हैं। यह मंदिर के ऑडिट, दान और वित्तीय लेन-देन का निरीक्षण करके रिपोर्ट तैयार करेंगे।
लवकुश के पिता बोले- 4-5 महीने से राम मंदिर में नौकरी कर रहा था
लवकुश अयोध्या के रुदौली क्षेत्र के मीनापुर ठकुरन फगौली गांव का रहने वाला है। उसके पिता बच्चूलाल ने कहा- मेरा बेटा 4-5 महीने से राम मंदिर में नौकरी कर रहा था। इसी दौरान वहां चोरी की घटना हुई। जांच के सिलसिले में कुछ लोग हमारे घर आए और तलाशी ली। इस दौरान 10 लाख रुपए बरामद हुए। अब जो होना था, वह हो गया। फैजाबाद में बन रहे मकान का मेरे बेटे से कोई संबंध नहीं है। मकान बनाने के लिए मैंने 10-12 बीघा खेत गिरवी रखा है।

लवकुश मिश्रा के पिता ने बताया कि घर में इसी बक्से से रुपए बरामद हुए हैं।
वहीं, गांववालों का कहना है कि टीम में कुल 6 लोग थे। इनमें 2 पुलिस की वर्दी में थे और 4 सादे कपड़ों में थे। रुपए लवकुश के घर की आलमारी-बक्से में रखे थे, कुछ रुपए उसने गोबर में दबाकर छिपाए गए थे। लवकुश पहले कार मैकेनिक था। मंदिर में नौकरी मिलने के बाद उसकी आर्थिक स्थिति तेजी से बदली थी।
गांव आने पर वह खूब पैसे खर्च करता था। एक बार उसने गांववालों को शराब पिलाने के लिए ठेके पर 50 हजार रुपए खर्च कर दिए थे। लवकुश के पिता बच्चूलाल गाजियाबाद की लोहा मंडी में काम करते हैं। बच्चूलाल की 3 बेटियां और एक बेटा लवकुश है। लवकुश की शादी 8 साल पहले हुई थी। उसका 6 साल का बेटा और 2 साल की बेटी है।

यह आरोपी लवकुश के पिता बच्चूलाल हैं। इनका कहना है कि जांच के सिलसिले में कुछ लोग हमारे घर पहुंचे और तलाशी ली।
नृपेंद्र मिश्रा अयोध्या पहुंचे, कहा- निर्माण के बारे में जानकारी लेने आया
नृपेंद्र मिश्रा 5 दिन में दूसरी बार शनिवार दोपहर अयोध्या पहुंचे। मंदिर निर्माण समिति की बैठक में हिस्सा लिया। मीटिंग से पहले चढ़ावा विवाद को लेकर उनसे सवाल-जवाब किए गए।

