अयोध्या : अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे के 7 करोड़ रुपए की चोरी के दावे का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, मंदिर ट्रस्ट ने शनिवार को सीएम योगी से चोरी के दावे की जांच SIT (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम) से कराने की मांग की।
इधर, मंदिर के कर्मचारी लवकुश मिश्रा (27) के घर से 10 लाख रुपए बरामद हुए हैं। उसने रुपए गोबर में दबाकर छिपाए थे। इसके अलावा, कुछ पैसे बक्से में भी रखे थे। हालांकि, ये रुपए किसके हैं, यह अभी पता नहीं चल पाया है। वहीं लवकुश के पिता ने भी रुपए मिलने की पुष्टि की है। सूत्रों के मुताबिक, लवकुश मंदिर में चढ़ावे की रकम गिनने का काम करता था।
लवकुश की नौकरी उसके ससुर ने लगवाई थी। लवकुश का साला अनुकल्प मिश्रा पहले से मंदिर में नौकरी कर रहा था। सूत्रों के मुताबिक, अनुकल्प और लवकुश दोनों अभी पुलिस हिरासत में हैं।

लवकुश मिश्रा के पिता ने बताया कि घर में इसी बक्से से रुपए बरामद हुए हैं।
लवकुश के पिता बोले- 4-5 महीने से राम मंदिर में नौकरी कर रहा था
लवकुश अयोध्या के रुदौली क्षेत्र के मीनापुर ठकुरन फगौली गांव का रहने वाला है। उसके पिता बच्चूलाल ने कहा- मेरा बेटा 4-5 महीने से राम मंदिर में नौकरी कर रहा था। इसी दौरान वहां चोरी की घटना हुई। जांच के सिलसिले में कुछ लोग हमारे घर आए और तलाशी ली। इस दौरान 10 लाख रुपए बरामद हुए। अब जो होना था, वह हो गया। फैजाबाद में बन रहे मकान का मेरे बेटे से कोई संबंध नहीं है। मकान बनाने के लिए मैंने 10-12 बीघा खेत गिरवी रखा है।
वहीं, गांववालों का कहना है कि टीम में कुल 6 लोग थे। इनमें 2 पुलिस की वर्दी में थे और 4 सादे कपड़ों में थे। रुपए लवकुश के घर की आलमारी-बक्से में रखे थे, कुछ रुपए उसने गोबर में दबाकर छिपाए गए थे। लवकुश पहले कार मैकेनिक था। मंदिर में नौकरी मिलने के बाद उसकी आर्थिक स्थिति तेजी से बदली थी।
गांव आने पर वह खूब पैसे खर्च करता था। एक बार उसने गांववालों को शराब पिलाने के लिए ठेके पर 50 हजार रुपए खर्च कर दिए थे। लवकुश के पिता बच्चूलाल गाजियाबाद की लोहा मंडी में काम करते हैं। बच्चूलाल की 3 बेटियां और एक बेटा लवकुश है। लवकुश की शादी 8 साल पहले हुई थी। उसका 6 साल का बेटा और 2 साल की बेटी है।

यह आरोपी लवकुश के पिता बच्चूलाल हैं। इनका कहना है कि जांच के सिलसिले में कुछ लोग हमारे घर पहुंचे और तलाशी ली।
नृपेंद्र मिश्रा अयोध्या पहुंचे, कहा- निर्माण के बारे में जानकारी लेने आया
नृपेंद्र मिश्रा 5 दिन में दूसरी बार शनिवार दोपहर अयोध्या पहुंचे। मदिर निर्माण समिति की बैठक में हिस्सा लिया। मीटिंग से पहले चढ़ावा विवाद को लेकर उनसे सवाल-जवाब किए गए।
सपा नेता पवन पांडे बोले- जिम्मेदार नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दें
- पूर्व मंत्री और सपा नेता पवन पांडे ने शनिवार को एक वीडियो जारी किया। कहा- संघ से जुड़े रहे महिपाल सिंह ने मंदिर के चढ़ावे में चोरी-डकैती के आरोप लगाए हैं। इनकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। महिपाल सिंह ने जिन ट्रस्ट सदस्यों और पदाधिकारियों के नाम लिए हैं, उन्हें नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिए।
- राम मंदिर करोड़ों लोगों की आस्था और देश की अस्मिता से जुड़ा विषय है। इसलिए मामले में पारदर्शिता जरूरी है। अगर जिम्मेदार लोग इस्तीफा नहीं देते और जांच का सामना नहीं करते, तो यह माना जाएगा कि प्रभु राम के चढ़ावे में जो डकैती हुई है, उसके ये भागीदार हैं। इन्होंने डकैती कराई है। ये डकैती के हिस्सेदार हैं।
- यह अयोध्या है। प्रभु राम ने भी परीक्षा दी थी। माता सीता पर आरोप लगा, तो उन्हें वनवास जाना पड़ा था। आज ये लोग दिन-रात राम के नाम पर राजनीति करते हैं। मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम का नाम न लें, तो शायद इनकी जमानत जब्त हो जाए। चौबीस घंटे राम-राम करते हैं, तो राम के आदर्शों को अपने जीवन में भी उतारिए।

