यमुनानगर : हरियाणा के यमुनानगर में सिंचाई विभाग के XEN और SDO पर आधी रात बिना ड्यूटी वाहन चालकों को रोककर जांच करने पर केस दर्ज किया गया है। आरोप है कि दोनों अधिकारी नदी क्षेत्र से खनन सामग्री लेकर आने-जाने वाले वाहनों की जांच कर रहे थे, जबकि रिकार्ड अनुसार उनकी यहां कोई ड्यूटी निर्धारित नहीं थी।
जब दोनों अधिकारी वाहनों की जांच कर रहे थे, तभी एक वाहन चालक ने उनका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दिया। वीडियो सामने आने के बाद दादूपुर जल सेवा मंडल के कार्यकारी अभियंता (एक्सईएन) विजय गर्ग और एसडीओ अजय कटारिया के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।
प्रतापनगर थाना पुलिस ने हथनीकुंड बैराज सर्किल के अधीक्षक अभियंता प्रवीण गुप्ता की शिकायत पर एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

वायरल वीडियो में वाहनों की जांच को लेकर एक व्यक्ति से बहसबाजी करते दिखाई दिए सिंचाई विभाग के एक्सईएन विजय गर्ग और एसडीओ अजय कटारिया।
वीडियो बनाने वाला पूछता है- क्या ये आपका जांच क्षेत्र है?
वीडियो में दिखाई दे रहा है कि अधिकारियों के वाहन के बाहर खड़ा व्यक्ति सबसे पहले पूछता है कि दोनों अधिकारियों में से एक्सईएन कौन हैं। इस पर ड्राइवर सीट पर सफेद शर्ट पहने बैठे एसडीओ अजय कटारिया अपने साथ वाली सीट पर बैठे एक्सईएन विजय गर्ग की ओर इशारा करते हैं।
इशारे के बाद व्यक्ति एक्सईएन से सवाल करता है कि क्या यह सिंचाई विभाग की पटरी है और क्या यहां ओवरलोड वाहनों की जांच की जा रही है। वीडियो में एक्सईएन विजय गर्ग जवाब देते हुए कहते सुनाई देते हैं कि यह सिंचाई विभाग की ही पटरी है और यदि उनकी पटरी का दुरुपयोग हो रहा है, तो वे उसकी जांच करेंगे।
वेट ब्रिज पर वजन जांचने पर बहस हुई
इसके बाद बाहर खड़ा व्यक्ति दोबारा सवाल उठाता है कि इस स्थान पर किस आधार पर ओवरलोड वाहनों की जांच की जा रही है। इस पर अधिकारी जवाब देते हैं कि वाहनों को कांटे (वेट ब्रिज) पर ले जाकर उनका वजन जांचा जाएगा। वीडियो में दोनों पक्षों के बीच वाहनों की जांच को लेकर बहसबाजी होती हुई भी दिखाई देती है।

वायरल वीडियो में एक व्यक्ति से बातचीत करते दिखाई दे रहे सिंचाई विभाग के एक्सईएन विजय गर्ग और एसडीओ अजय कटारिया।
अधीक्षक अभियंता बोले- दोनों अधिकारियों की कोई ड्यूटी नहीं थी
अधीक्षक अभियंता प्रवीण गुप्ता ने पुलिस को दी शिकायत में कहा कि वायरल वीडियो में दोनों अधिकारी कुछ निजी व्यक्तियों के साथ दिखाई दे रहे हैं। वे बुढ़कलां गांव में नदी क्षेत्र से खनन सामग्री लेकर आने-जाने वाले वाहनों की जांच करते नजर आ रहे हैं। जबकि रिकॉर्ड के अनुसार उस समय दोनों अधिकारियों की ओवरलोड वाहनों की जांच के लिए कोई ड्यूटी निर्धारित नहीं थी।
इतना ही नहीं, उन्हें ऐसे वाहनों की जांच करने के लिए अधिकृत या सक्षम अधिकारी भी नहीं बताया गया है। शिकायत में कहा कि वीडियो में दिखाई गई गतिविधियां अधिकारियों के अव्यावसायिक आचरण को दर्शाती हैं। जिस प्रकार वे वाहनों की जांच करते नजर आ रहे हैं, उससे उनकी कार्यप्रणाली और ईमानदारी पर सवाल खड़े होते हैं।

दोनों अधिकारियों का 54 सेकेंड का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
दोनों अधिकारियों पर भ्रष्टाचार का केस
अधीक्षक अभियंता की शिकायत में भ्रष्टाचार की आशंका जताई गई है और मामले की जांच की मांग की। प्रताप नगर थाना एसएचओ रोहताश ने बताया SE की शिकायत पर दोनों आरोपी अधिकारीयों के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत केस दर्ज कर लिया गया है।
पुलिस अब वायरल वीडियो की सत्यता, घटना के समय दोनों अधिकारियों की भूमिका, उनकी मौजूदगी के कारणों और पूरे घटनाक्रम की परिस्थितियों की भी जांच कर रही है।

