नई दिल्ली : शहीदों की कहानी आंखें नम कर देती है। लेकिन कई शहीदों के परिजन ऐसे भी होते हैं, जिनका राष्ट्रप्रेम बड़ी मिसाल कायम कर जाता है। आज एक ऐसे की शहीद और उनके परिवार की कहानी फिर खबरों में है। वजह है शादी के मात्र 15 महीने बाद शहीद हुए जवान की पत्नी का लेफ्टिनेंट बन जाना। यह कहानी है गलवान घाटी के हीरो शहीद लांसनायक दीपक सिंह Martyred Lancenaik Deepak Singh की। जिनकी पत्नी रेखा सिंह शनिवार 29 अप्रैल को भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट के ओहदे से शामिल हुईं। रेखा का राष्ट्रप्रेम और उनका जज्बा तारीफ के काबिल हैं। सेना के वरीय अधिकारियों के साथ-साथ आज पूरे देश को उनपर गर्व हैं।
शहीद दीपक की पत्नी रेखा 8 महीने की कड़ी ट्रेनिंग को पूरा कर लेफ्टिनेंट बनी हैं। चेन्नई के ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी की पास आउट परेड में शामिल होने के बाद उन्हें आधिकारिक तौर पर इंडियन आर्मी में शामिल किया गया। रेखा सिंह के पति लांसनायक दीपक ने 15 जून 2020 को भारत-चीन सीमा पर स्थित गलवान घाटी में चीनी सैनिकों के साथ हुए संघर्ष के दौरान सर्वोच्च बलिदान दिया था।
गलवान घाटी में शहीद हुए लांसनायक दीपक सिंह को मरणोपरांत 2021 में सरकार ने वीर चक्र देकर सम्मानित किया था। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के हाथों दीपक की पत्नी रेखा ने ही यह सम्मान ग्रहण किया था। बिहार रेजिमेंट के जाबांज दीपक सिंह मूलरूप से मध्यप्रदेश के रीवा के रहने वाले थे। दीपक मात्र 30 साल की उम्र में देश की सुरक्षा में शहीद हुए थे।

