ऑकलैंड : पीएम मोदी ने शनिवार को न्यूजीलैंड के ऑकलैंड में भारतीय समुदाय को संबोधित किया। इस दौरान पीएम ने करीब तीन दशक पुराना किस्सा सुनाया। पीएम ने कहा- 25-30 साल पहले जब मैं किसी सरकार का हिस्सा नहीं था, तब मुझे यहां आने का मौका मिला था।
उस समय मुझे किसी ने गिफ्ट में 3 चीजें दीं, जो मैं भारत लेकर गया। एक- मफलर, दूसरी- कैप और तीसरा- एक सेट दस्ताना। उसमें भी एक चीज मैं अभी यहां इस कार्यक्रम में भी लेकर आया हूं।
इस मफलर को मैंने कई बार इस्तेमाल किया और आज भी संभाल कर रखा है।
पीएम ने आगे कहा कि हमारे लिए सामने वाले देश की जनसंख्या नहीं, जनकल्याण की भावना मायने रखती है। और इसलिए हमने न्यूजीलैंड से भी बहुत कुछ सीखा है और अब भी सीख रहे हैं। इस कार्यक्रम के बाद मोदी भारत के लिए रवान हो गए।
इससे पहले मोदी ने प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के साथ द्विपक्षीय बैठक की। इसमें 18 बड़े फैसले और 10 समझौतों (MoU) पर साइन किए गए। दोनों नेताओं ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना बढ़ाकर करीब ₹35 हजार करोड़ करने का लक्ष्य रखा।

सरकारी मीडिया संस्थान रेडियो न्यूजीलैंड (RNZ) की रिपोर्ट के मुताबिक, नरेंद्र मोदी 2001 में बीजेपी नेता के तौर पर न्यूजीलैंड गए थे। वेलिंगटन में उन्होंने सरकारी प्रतिनिधियों से मुलाकात की थी। यह दौरा उनके CM बनने से कुछ महीने पहले हुआ था।
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न्यूजीलैंड पीएम लक्सन ने पीएम के सम्मान में गाला लंच का आयोजन किया।

पीएम मोदी और न्यूजीलैंड PM क्रिस्टोफर लक्सन की मौजूदगी में दोनों देशों ने MoU पर साइन किए।

पीएम मोदी और न्यूजीलैंड पीएम लक्सन ने दोनों देशों के उद्योगपतियों (CEOs) से मुलाकात की।

ऑकलैंड के गवर्नमेंट हाउस में पीएम मोदी का पारंपरिक माओरी पद्धति से स्वागत किया गया।

पीएम मोदी को ऑकलैंड के गवर्नमेंट हाउस में ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ दिया गया।
भारत और न्यूजीलैंड का भविष्य जुड़ा है
- ये कोलेब का जमाना है, दोनों देश साथ: अगर हम कंटेंट क्रिएटर्स की भाषा में बात करें तो ये कोलेब का जमाना है। दोनों देश स्पोर्ट्स में भी बहुत शानदार कोलेब कर सकते हैं। रग्बी इसका बहुत बड़ा उदाहरण है। भारत रग्बी में न्यूजीलैंड से सीखना चाहता है। हमें कोच चाहिए, एक्सपर्ट चाहिए। न्यूजीलैंड हमारी बहुत मदद कर सकता है।
- चंद्रयान की लैंडिंग पर न्यूजीलैंड नाच रहा था: भारत और न्यूजीलैंड का भविष्य जुड़ा है। स्पेस से सेक्टर इसका बहुत बड़ा उदाहरण है। भारत का चंद्रयान जब मून के साउथ पोल पर लैंड किया तो न्यूजीलैंड नाच रहा था। उस दिन हमें गर्व हुआ। यहां की स्पेस कंपनियों ने कई बार हमारे साथ मिलकर काम किया है।
- हजारों किमी की दूरी, मगर दिल में हिंदुस्तान: हजारों किमी दूर रहते हुए भी आपके दिल के किसी कोने में कहीं न कहीं हिंदुस्तान बसता ही है। शरीर यहां होगा मन भारत में होगा। इसलिए आप भारत की हर उपलब्धि पर भी नजर रखते हैं।
- देश की जनसंख्या नहीं, जनकल्याण भावना अहम: हमारे लिए सामने वाले देश की जनसंख्या नहीं, जनकल्याण की भावना मायने रखती है। और इसलिए हमने न्यूजीलैंड से भी बहुत कुछ सीखा है और अब भी सीख रहे हैं। यह वो देश है जिसने सबसे पहले महिलाओं को वोटिंग का अधिकार दिया था।

