Breaking
Sun. Jul 12th, 2026

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में बादल फटा, सड़क बही:उत्तराखंड के हाइड्रो प्रोजेक्ट के पास लैंडस्लाइड, गाड़ियां-मशीनें मलबे में दबीं

भोपाल/जयपुर/लखनऊ/पटना : पहाड़ी राज्यों में बारिश के चलते नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में बादल फटने के बाद बाढ़ आई। कई खेत बर्बाद हो गए, सड़क बह गई।

उत्तराखंड के विकासनगर में भारी बारिश के कारण लखवाड़ हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट में लैंडस्लाइड हो गई। कई वाहन और मशीनें मलबे में दब गईं।

उधर, देश के लगभग 70% हिस्से से मानसून के बादल गायब हो गए हैं। राजस्थान, दिल्ली-NCR, पश्चिमी मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र में अगले 5 दिन तक बारिश की संभावना भी कम है।

बारिश रुकने से मध्य प्रदेश, दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश समेत उत्तर भारत के राज्यों में तापमान बढ़ गया। राजस्थान के श्रीगंगानगर में तापमान 42 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

मानसून को सक्रिय रखने वाले सिस्टम कमजोर पड़ा

मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, देश के 70% हिस्से से मानसून के बादल गायब होने के पीछे सबसे बड़ी वजह मानसून को सक्रिय रखने वाले सिस्टम का कमजोर पड़ना है। 9 जुलाई के बाद बंगाल की खाड़ी में कोई नया मजबूत लो-प्रेशर सिस्टम नहीं बना, जिससे मानसूनी हवाओं को पर्याप्त नमी नहीं मिल सकी।

इसके साथ ही मानसून ट्रफ भी अपनी सामान्य स्थिति से उत्तर की ओर खिसक गई है। इसकी वजह से मध्य, पश्चिम और दक्षिण भारत के बड़े हिस्से में बादल और बारिश की गतिविधियां काफी कम हो गई हैं।

फिलहाल बारिश मुख्य रूप से उत्तर भारत, पूर्वी राज्यों और पूर्वोत्तर तक सीमित है। IMD का अनुमान है कि अगले कुछ दिनों तक देश के अधिकांश हिस्सों में मानसून के फिर से पूरी तरह सक्रिय होने की संभावना कम है।

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में शनिवार को त्रिवेणी संगम पर गंगा का जलस्तर बढ़ गया। पहाड़ी इलाकों में बारिश के कारण गंगा में पानी बढ़ता जा रहा है।

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में शनिवार को त्रिवेणी संगम पर गंगा का जलस्तर बढ़ गया। पहाड़ी इलाकों में बारिश के कारण गंगा में पानी बढ़ता जा रहा है।

हिमाचल प्रदेश के शिमला में मानसून के कारण हो रही बारिश के चलते तापमान कम हो गया है। शनिवार शाम को घना कोहरा छा गया।

हिमाचल प्रदेश के शिमला में मानसून के कारण हो रही बारिश के चलते तापमान कम हो गया है। शनिवार शाम को घना कोहरा छा गया।

उत्तराखंड के ऋषिकेश में पहाड़ों पर लगातार बारिश के बाद गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने लगा है। त्रिवेणी घाट पर कई सीढ़ियां पानी में डूब गईं।

उत्तराखंड के ऋषिकेश में पहाड़ों पर लगातार बारिश के बाद गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने लगा है। त्रिवेणी घाट पर कई सीढ़ियां पानी में डूब गईं।

बिहार के पटना में शनिवार को भारी बारिश हुई। इससे सड़कों पर दो-दो फुट तक पानी भर गया। इसके कारण लोगों को आने-जाने में परेशानी हुई।

बिहार के पटना में शनिवार को भारी बारिश हुई। इससे सड़कों पर दो-दो फुट तक पानी भर गया। इसके कारण लोगों को आने-जाने में परेशानी हुई।

पटना में भारी बारिश हुई। इससे यहां के लोकनायक जयप्रकाश नारायण हॉस्पिटल के कैंपस में पानी भर गया। मरीजों के परिजन को परेशानी का सामना करना पड़ा।

पटना में भारी बारिश हुई। इससे यहां के लोकनायक जयप्रकाश नारायण हॉस्पिटल के कैंपस में पानी भर गया। मरीजों के परिजन को परेशानी का सामना करना पड़ा।

उत्तराखंड के ऋषिकेश में शनिवार सुबह से ही कोहरा छाया रहा। कुछ लोग सुबह जॉगिंग पर निकले।

उत्तराखंड के ऋषिकेश में शनिवार सुबह से ही कोहरा छाया रहा। कुछ लोग सुबह जॉगिंग पर निकले।

पहलगाम में बादल फटने के बाद हालात

जम्मू-कश्मीर: पहलगाम में बादल फटने के बाद की तबाही

जम्मू-कश्मीर में बादल फटने की सबसे बड़ी वजह हिमालय की ऊंची पर्वत श्रृंखलाएं हैं। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी भरी हवाएं इन पहाड़ों से टकराकर ऊपर उठती हैं। ऊपर जाते ही हवा ठंडी हो जाती है और उसमें मौजूद नमी तेजी से बादलों में जमा होने लगती है।

इसके अलावा, संकरी घाटियां और ऊंची चोटियां बादलों को एक जगह रोक देती हैं। इससे कम क्षेत्र में बहुत ज्यादा नमी इकट्ठी हो जाती है। जब बादल इतना पानी संभाल नहीं पाते, तो अचानक बेहद तेज बारिश होती है।

यही वजह है कि डोडा, किश्तवाड़, रामबन, पुंछ, राजौरी, सोनमर्ग और कश्मीर घाटी के ऊंचे इलाकों में बादल फटने की घटनाएं मैदानी क्षेत्रों की तुलना में ज्यादा होती हैं।

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *