दैनिक उजाला, मथुरा : दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम (डीवीवीएनएल) की प्रबंध निदेशक श्रुति शर्मा ने शुक्रवार दोपहर बलदेव ब्लॉक स्थित नवनिर्मित 33/11 केवी झरौठा विद्युत उपकेंद्र (2×5 एमवीए) का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने उपकेंद्र पर चल रहे निर्माण एवं तकनीकी कार्यों की प्रगति का जायजा लिया और अधिकारियों से विस्तृत जानकारी प्राप्त की। निरीक्षण के दौरान सिविल एवं अन्य कार्यों में मिली कुछ कमियों को मौके पर ही चिन्हित करते हुए उन्हें तत्काल दूर करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान डीवीवीएनएल मथुरा द्वितीय के अधिशासी अभियंता अमित श्रीवास्तव ने प्रबंध निदेशक को बताया कि 5 करोड़ 28 लाख रुपये की लागत से निर्मित झरौठा विद्युत उपकेंद्र का निर्माण कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है। उपकेंद्र की आवश्यक तकनीकी टेस्टिंग भी सफलतापूर्वक पूरी की जा चुकी है। प्रबंध निदेशक के निर्देशानुसार शेष कार्यों को शीघ्र पूरा कर रिपोर्ट मुख्यालय भेजी जाएगी, जिसके बाद उपकेंद्र के उद्घाटन एवं संचालन की तिथि तय की जाएगी। उन्होंने बताया कि उपकेंद्र से विद्युत आपूर्ति जल्द शुरू कर दी जाएगी।
अमित श्रीवास्तव ने बताया कि 2×5 एमवीए क्षमता वाले इस नए उपकेंद्र से आर्टौनी, नगला उदय सिंह की मड़ैया, झरौठा, गोठा, हसनपुर, ढांगेठा, नगला विधि, नगला मथरी, फूलपुर, नगला मोहन, नगला मानसा, पटलौनी तथा किलौनी सहित 13 गांवों को विद्युत आपूर्ति मिलेगी। इससे लगभग 3,800 घरेलू उपभोक्ताओं तथा 340 निजी नलकूप (पीटीडब्ल्यू) उपभोक्ताओं को सीधा लाभ मिलेगा।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में ये सभी गांव बलदेव विद्युत उपकेंद्र से जुड़े हुए हैं। एक ही उपकेंद्र पर अधिक भार होने के कारण क्षेत्र में ओवरलोडिंग, बार-बार ट्रिपिंग और लो-वोल्टेज की समस्या बनी रहती है। झरौठा उपकेंद्र के शुरू होने के बाद इन गांवों का विद्युत भार अलग हो जाएगा, जिससे इन समस्याओं का प्रभावी समाधान होगा और उपभोक्ताओं को अधिक गुणवत्तापूर्ण एवं निर्बाध बिजली आपूर्ति मिल सकेगी।
नए उपकेंद्र का लाभ केवल ग्रामीण क्षेत्रों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि बलदेव कस्बे की विद्युत व्यवस्था में भी उल्लेखनीय सुधार होगा। बलदेव उपकेंद्र पर लोड कम होने से वहां ओवरलोडिंग और लो-वोल्टेज की समस्या में राहत मिलेगी तथा विद्युत आपूर्ति पहले की अपेक्षा अधिक सुचारु और स्थिर हो सकेगी।

अधिकारियों के अनुसार उपकेंद्र की क्षमता वर्तमान एवं निकट भविष्य की विद्युत मांग को ध्यान में रखकर निर्धारित की गई है। भविष्य में यदि क्षेत्र में बिजली की मांग बढ़ती है तो आवश्यकतानुसार इसकी क्षमता का विस्तार भी किया जा सकेगा।
निरीक्षण के दौरान मुख्य अभियंता राजीव गर्ग, डीवीवीएनएल मथुरा प्रथम के अधिशासी अभियंता गौरव कुमार, बलदेव उपखंड अधिकारी (एसडीओ) प्रकाश सिंह सहित विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
एमडी के दौरे की सूचना मीडिया से रही दूर
मथुरा : डीवीवीएनएल की प्रबंध निदेशक श्रुति शर्मा के झरौठा विद्युत उपकेंद्र के निरीक्षण कार्यक्रम की जानकारी स्थानीय मीडिया को नहीं दी गई। सूत्रों के अनुसार विभागीय अधिकारियों ने कार्यक्रम को सीमित दायरे में रखा, जिससे अधिकांश पत्रकार मौके पर नहीं पहुंच सके। चर्चा रही कि यदि मीडिया मौजूद रहती तो क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था से जुड़ी समस्याएं और उपभोक्ताओं की शिकायतें भी प्रबंध निदेशक के सामने खुलकर आ सकती थीं। हालांकि विभाग की ओर से मीडिया को सूचना न देने के संबंध में कोई आधिकारिक कारण नहीं बताया गया।

