गोरखपुर : ‘मैं गरिमा सिंह, अप्रैल 2026 तक अरबपति बनूंगी। यह मेरा लक्ष्य है। मेरे सभी लोन अप्रैल से मई तक खत्म हो जाएंगे। अप्रैल से मई तक मेरा लक्ष्य 100 करोड़ रुपए कमाना है। गरिमा सिंह करोड़पति है। धन्यवाद भगवान।’
ये लाइनें गोरखपुर के स्टेशन अधीक्षक की बेटी गरिमा सिंह ने डायरी में लिखीं। करोड़पति बनने के अपने लक्ष्य को पूरा करने के लिए गरिमा ने लोन दिलाने और उसे माफ कराने के नाम पर 10 से अधिक लोगों से 1.67 करोड़ रुपए ठग लिए।
3 जुलाई (सोमवार) को गोरखपुर एम्स थाने की पुलिस ने गरिमा सिंह और उसके पिता को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने गरिमा के पास से एक डायरी बरामद की है। इसमें वह रोज अपने करोड़पति बनने के लक्ष्य को लिखती थी।

सोमवार को पुलिस ने स्टेशन अधीक्षक और उसकी बेटी गरिमा को अरेस्ट कर जेल भेज दिया।
करोड़पति बनने का शौक पूरा करने को शुरू की ठगी
एम्स थाना क्षेत्र के महादेवी झारखंडी कॉलोनी के रहने वाले ध्रुव नारायण सिंह सहजनवां में रेलवे स्टेशन अधीक्षक हैं। उन्होंने अपनी बेटी गरिमा सिंह की शादी साल- 2020 में कुशीनगर के सुकरौली के भानू प्रताप सिंह से की थी। भानू प्रताप ठेकेदारी करता था। गरिमा का एक बेटा 3 साल का और दूसरा 3 महीने का है।
ठेकेदारी का काम कमजोर हुआ, तो भानू 2 साल पहले पत्नी के साथ अपने ससुर के मकान में आकर रहने लगा। ध्रुव नारायण सिंह ने बताया कि बेटी को अमीर बनने का शुरू से शौक था। ऐसे में उसने ठगी करने की प्लानिंग की। इसके लिए उसने समाचारों को पढ़ा, इंटरनेट और यूट्यूब पर ठगी करने वाले लोगों के बारे में पढ़ा।
फिर उसने बैंक से लोन दिलाने के नाम पर ठगी करने की प्लानिंग की। उसने सबसे पहले अपने लोगों को इसका शिकार बनाया। फिर मैं भी बेटी की मदद करने लगा। रेलवे में जो मेरे जानने वाले थे, जिन्होंने लोन ले रखा था या जिन्हें लोन लेना था। मैंने उन सभी को अपनी बेटी से मिलवा दिया।
पुलिस ने बताया कि गरिमा सिंह दो टाइप के लोगों को तलाशती थी। पहले वो जिन्हें लोन की जरूरत होती थी। दूसरे वो, जिन्होंने पहले से लोन ले रखा था। गरिमा सिंह लोगों का लोन लेने के लिए ब्रेनवॉश करती थी। वह कहती थी कि आप लोन ले लो, किस्त मैं भर दूंगी। वह जितना भी लोन बैंक से निकलवाती, उसका 10-20 प्रतिशत लेने वाले को दे देती थी। बाकी रकम खुद के बैंक अकाउंट में ट्रांसफर करवा लेती थी।

ये डायरी का एक पेज है। इसी तरह की लाइनें गरिमा सिंह हर रोज डायरी में लिखती थी।
अब पढ़िए कैसे खुला मामला
1 अगस्त को रेलवे में काम करने वाले सत्यप्रकाश सिंह एम्स थाने पहुंचे। उन्होंने पुलिस को बताया कि ध्रुव नारायण सिंह मेरी तरह ही स्टेशन अधीक्षक हैं। मेरा एक कार लोन था। ध्रुव नारायण ने मुझे अपनी बेटी गरिमा से मिलवाया।
गरिमा ने मुझसे कहा कि आपका लोन चुटकियों में बंद करा दूंगी। इसके लिए आपको एक पर्सनल लोन लेना होगा। उसकी रकम मेरे खाते में डालनी होगी। उसकी हर महीने की ईएमआई मैं भरूंगी। मेरे डॉक्यूमेंट लेकर गरिमा ने 6 बैंक आईसीआईसीआई, एचडीएफसी, यस बैंक, एसबीआई, एसएमएफजी और बंधन बैंक से कुल 1.67 करोड़ रुपए का लोन पास करा लिया।
वह कहने लगी कि अब पूरा लोन मैं चुकाऊंगी। आपका कार लोन भी माफ करवा दूंगी। उसने करीब 10 लाख रुपए मेरे खाते में भी भेज दिए। कहने लगी कि ये आपका फायदा है। जब तक आपका लोन समाप्त नहीं हो जाता, तब तक मैं ईएमआई भरती रहूंगी।

गरिमा सिंह भगवान को भी रोज धन्यवाद देती थी।
3 महीने तक ईएमआई भरी, फिर किनारा कर लिया
सत्यप्रकाश ने बताया- गरिमा ने 3 महीने तक लोन की ईएमआई जमा की। फिर मेरे पास बैंक से कॉल आने लगे। तब मैंने गरिमा से संपर्क किया। वह हर बार मुझे टरका देती थी। कहती परेशान न हो, सब हो जाएगा। जब उसने EMI नहीं भरी, तब मैंने उसके खिलाफ शिकायत दी।
पुलिस ने गरिमा सिंह, उसके पिता ध्रुव नारायण सिंह, पति भानू प्रताप सिंह, उसके सहयोगी विशाल यादव, राजेंद्र कुमार, चंद्रप्रकाश, दिनकर मणि त्रिपाठी और संजय सिंह उर्फ जयप्रकाश सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया।

यह तस्वीर गरिमा सिंह और उसके पति भानू प्रताप सिंह की है। गरिमा को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने पिता और बेटी को गिरफ्तार किया
गरिमा सिंह ने रेलकर्मी मोहन सिंह, ब्रह्मनंद सिंह, डॉ. दिलीप सिंह, डॉ. परमात्मा सिंह, साधना मल्ल, सुग्रीव सिंह और संदीप पांडेय से भी ठगी की। इन सभी ने सीओ ऑफिस में शिकायत की है।
एम्स थाना पुलिस ने सोमवार को बाप-बेटी को गिरफ्तार कर लिया। अन्य की तलाश में पुलिस टीम दबिश दे रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द फरार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
एसपी सिटी निमिष पाटील ने बताया कि और भी लोगों की शिकायतें सामने आ रही हैं। इस मामले में पिता-पुत्री को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। अन्य मामलों में भी जांच कर कार्रवाई की जाएगी।

