- शिकायत में सब्सिडी का विषय साफ, फिर भी नहीं देखा मामला; मुख्य अभियंता मथुरा ने भी एसई देहात को भेजी शिकायत
दैनिक उजाला, मथुरा : सोलर लगने के बाद केंद्र और राज्य की सब्सिडी नहीं मिलने की शिकायत के समाधान के बजाय उसे एक अधिकारी से दूसरे अधिकारी को भेजे जाने का मामला सामने आया है। शिकायत के विषय में सोलर सब्सिडी से संबंधित समस्या स्पष्ट रूप से दर्ज होने के बावजूद अधिकारियों द्वारा शिकायत को खोलकर देखने और समाधान की दिशा में कार्रवाई करने के बजाय लगातार अग्रसारित किया जाता रहा। ऐसे में यूपीपीसीएल के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
बलदेव निवासी चंद्र प्रकाश ने सोलर लगने के बाद सब्सिडी नहीं मिलने की शिकायत केंद्र सरकार के जनशिकायत पोर्टल पर दर्ज कराई थी। शिकायत में स्पष्ट लिखा है कि सोलर लगने के बाद अन्य लोगों की सब्सिडी जारी हो चुकी है, लेकिन उनकी राज्य और केंद्र दोनों की सब्सिडी नहीं आई है। शिकायत पहले लोक शिकायत अनुभाग-3 (मुख्यमंत्री कार्यालय) को भेजी गई, जहां से इसे अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, यूपीपीसीएल को अग्रसारित किया गया।
इसके बाद अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, यूपीपीसीएल ने शिकायत को प्रबंध निदेशक, जोन दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम को भेज दिया। यहां से शिकायत मुख्य अभियंता मंडल-आगरा, विद्युत को अग्रसारित की गई। इसके बाद मुख्य अभियंता मंडल-आगरा से शिकायत मुख्य अभियंता, मथुरा को भेजी गई।
मुख्य अभियंता मथुरा ने भी नहीं दिखाई गंभीरता
शिकायतकर्ता का कहना है कि जब शुरुआती अधिकारियों ने शिकायत को गंभीरता से नहीं देखा तो मुख्य अभियंता मथुरा के स्तर पर भी इसकी अनदेखी की गई। यदि मुख्य अभियंता मथुरा चाहते तो शिकायत को संबंधित विभाग अथवा पीएम सूर्य घर योजना से जुड़े अधिकारियों को भेजने के लिए वापस कर सकते थे, लेकिन ऐसा करने के बजाय इसे अधीक्षण अभियंता ग्रामीण, मथुरा यानी एसई देहात को अग्रसारित कर दिया गया।
शिकायतकर्ता के अनुसार, यदि शिकायत को सही विभाग तक भेजने की पहल की जाती तो अब तक मामला संबंधित विभाग के पास पहुंच चुका होता और समाधान की प्रक्रिया आगे बढ़ सकती थी। इसके बजाय शिकायत लगातार एक कार्यालय से दूसरे कार्यालय तक भेजी जा रही है।

सोलर सब्सिडी की शिकायत, फिर भी संबंधित विभाग तक नहीं पहुंची
शिकायत के विषय में ही सोलर सब्सिडी से जुड़ी समस्या स्पष्ट रूप से दर्ज है। इसके बावजूद यूपीपीसीएल के विभिन्न अधिकारियों से होते हुए शिकायत अब एसई देहात तक पहुंच गई है। सवाल यह है कि जब शिकायत का विषय सोलर सब्सिडी से संबंधित था तो उसे संबंधित विभाग अथवा पीएम सूर्य घर योजना से जुड़े अधिकारियों तक भेजने के बजाय बिजली विभाग के अधिकारियों के बीच क्यों घुमाया गया।
पोर्टल पर उपलब्ध विवरण के अनुसार, शिकायत 15 सितंबर को लोक शिकायत अनुभाग-3 से अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, यूपीपीसीएल को, इसके बाद दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम, मुख्य अभियंता मंडल-आगरा, मुख्य अभियंता मथुरा और अंततः अधीक्षण अभियंता ग्रामीण तक पहुंची। 21 सितंबर तक शिकायतकर्ता को समाधान का इंतजार है, जबकि शिकायत लगातार अग्रसारित होती रही।
शिकायतकर्ता का कहना है कि अधिकारियों को शिकायत खोलकर उसकी वास्तविक समस्या समझनी चाहिए थी और उसे संबंधित विभाग तक पहुंचाना चाहिए था। केवल शिकायतकर्ता के क्षेत्र के आधार पर उसे एक अधिकारी से दूसरे अधिकारी को भेजते रहने से समस्या का समाधान नहीं हो सकता। अब देखना यह है कि शिकायत का निस्तारण कब तक होता है और सोलर सब्सिडी से जुड़ी समस्या का समाधान किस स्तर पर किया जाता है।

