नई दिल्ली : राहुल गांधी ने शुक्रवार को X पर एक वीडियो पोस्ट कर E20-पेट्रोल पर सवाल उठाए। राहुल ने करीब 53 सेकेंड का वीडियो जारी किया।
वीडियो में राहुल कार की पेट्रोल टंकी खोलते नजर आए। ढक्कर उठाकर अंदर झांका और कहा कि नॉर्मली हम कहते हैं कि दाल में काला है लेकिन यहां पूरी दाल ही काली है।
इस समय देश में करप्शन की लाइन लगी है। उनमें से एक E20 ईंधन का मामला है। इसके चलते लोगों की कार और स्कूटर खराब हो रहे हैं। यह लोगों के जीवन को प्रभावित करने के साथ ही उनकी जेब से सीधे पैसे भी चुरा रहा है।
राहुल का पूरा वीडियो नीचे देखें…
सरकार बोली- कुछ लोग E20 को लेकर बेवजह विवाद पैदा कर रहे
राहुल के सोशल मीडिया पोस्ट से पहले केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने शुक्रवार को दिल्ली में कहा कि भारत का बायोफ्यूल ब्लेंडिंग प्रोग्राम बहुत अच्छा काम कर रहा है। नतीजे काफी बेहतर रहे हैं। कुछ लोग E20 को लेकर बेवजह विवाद पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं।
उधर केंद्र सरकार ने कहा है कि पेट्रोल में मिलाया जाने वाला एथेनॉल पूरी तरह घरेलू स्रोतों से लिया जा रहा है। सरकार ने 6 अगस्त को भारत द्वारा अमेरिका से बड़े पैमाने पर एथेनॉल आयात करने की मीडिया रिपोर्ट्स को खारिज कर दिया था।
भारत में क्यों हो रहा है E20 पेट्रोल का विरोध?
भारत में 20% एथेनॉल और 80% पेट्रोल के इस मिश्रण (E20) का विरोध हो रहा है। खासकर 2023 से पहले बनी पेट्रोल गाड़ियों के मालिक परेशान हैं।
उनका दावा है कि इस फ्यूल से गाड़ियों का माइलेज कम हो रहा है, मेंटेनेंस का खर्च बढ़ गया है। इंजन के पार्ट्स जल्दी खराब हो रहे हैं।
E20 ईंधन के विरोध में AAP का देशभर में अभियान
आम आदमी पार्टी (AAP) E20 ईंधन के विरोध में देशभर में टाउन हॉल का आयोजन करेगी। पार्टी ने शुक्रवार को घोषणा की कि यह अभियान 8 अगस्त से शुरू होगा।
इसका मकसद वाहन मालिकों से बातचीत करना और इथेनॉल-मिश्रित पेट्रोल से जुड़ी समस्याओं पर फीडबैक जुटाना है।
पार्टी के अनुसार, यह अभियान 8 अगस्त को पश्चिम बंगाल से शुरू होगा। इसके बाद 9 अगस्त को गुजरात और हरियाणा, 11 अगस्त को तेलंगाना और 17 अगस्त को छत्तीसगढ़ में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
भारत सरकार एथेनॉल क्यों लाई, 3 वजहें; फॉरेन करेंसी की बचत
भारत सरकार ने पेट्रोल में 20% एथेनॉल मिलाने (E20) का लक्ष्य मुख्य रूप से अपनी ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने और कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करने के लिए रखा है।
विदेशी मुद्रा की बचत: भारत अपनी जरूरत का अधिकांश कच्चा तेल आयात करता है, जिससे भारी मात्रा में विदेशी मुद्रा खर्च होती है। एथेनॉल के घरेलू उत्पादन से इस आयात बिल को कम करने में मदद मिलती है।
किसानों की आय में वृद्धि: एथेनॉल मुख्य रूप से गन्ने, मक्का और अन्य कृषि उत्पादों से तैयार किया जाता है, जिससे किसानों को अतिरिक्त आय के अवसर मिलते हैं।
पर्यावरण को नुकसान कम: एथेनॉल एक स्वच्छ ईंधन है, जिसके उपयोग से कार्बन उत्सर्जन और प्रदूषण को कम करने में मदद मिलती है।

