प्रयागराज : माफिया अतीक अहमद के बड़े बेटे उमर से एक और विवाद जुड़ गया है। प्रतापगढ़ और प्रयागराज पुलिस ने उमर के काफिले में चल रहीं गाड़ियों और उनके ड्राइवरों के खिलाफ केस दर्ज किया है।
प्रयागराज में पुलिस ने 28 गाड़ियों पर रविवार दोपहर 1:30 बजे FIR लिखी। नवाबगंज टोल प्लाजा के असिस्टेंट मैनेजर जय प्रकाश यादव ने बताया,

शनिवार की शाम उमर के काफिले की सभी गाड़ियां टोल बैरियर तोड़कर बिना फीस दिए निकल गईं। रोकने की कोशिश पर कर्मचारियों से मारपीट की गई। उन्हें कुचलने की भी कोशिश हुई। कर्मचारियों ने किसी तरह किनारे होकर अपनी-अपनी जान बचाई।
टोल मैनेजर जय प्रकाश ने नवाबगंज थाने की पुलिस को सबूत दिए। इससे 2 घंटे पहले प्रतापगढ़ पुलिस ने 2 गाड़ियों पर केस दर्ज किया था।
उमर लखनऊ जेल में बंद है। शनिवार को पुलिस वैन से उसे लखनऊ से प्रयागराज लाया गया था। वह छोटे भाई अबान के जनाजे में शामिल हुआ था। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उसे 4 साल में पहली बार शर्ताें के साथ पैराल दी थी। पुलिस अब नंबर के आधार पर गाड़ियों की पहचान कर रही है।

उमर की गाड़ी के पीछे समर्थकों की गाड़ियों की काफिला चलता दिखा था।

प्रयागराज की सीमा में प्रवेश करते हुए समर्थकों की गाड़ियों की संख्या बढ़ गई।
उमर पुलिस वैन से लखनऊ से रवाना होकर शनिवार दोपहर करीब 3:04 बजे प्रतापगढ़ में हथिगवां थाना क्षेत्र में अख्तियारी कोटिला टोल प्लाजा पहुंचा। टोल मैनेजर मोहम्मद इसहाक के मुताबिक, काफिले के पीछे थार (UP 70 GW2525) टोल की लेन नंबर एक में पहुंची। ड्राइवर ने तेज और खतरनाक तरीके से वाहन चलाते हुए टोल बैरियर पर गाड़ी रोकी और टोल टैक्स दिए बिना बैरियर खोलने को कहा। कर्मचारी प्रतीक पांडेय ने वाहन को रोककर टोल देने के लिए कहा तो चालक और उसमें सवार लोगों ने गाली-गलौज करते हुए कर्मचारी को गाड़ी से कुचलकर खत्म करने की धमकी दी।
आरोप है कि इसके बाद चालक ने जान से मारने की नीयत से टोल बैरियर तोड़ते हुए कर्मचारियों पर गाड़ी चढ़ाने का प्रयास किया। कर्मचारी ने भागकर अपनी जान बचाई। वाहन सवारों ने जाते समय कहा कि वे भी इसी काफिले के साथ जा रहे हैं और अतीक अहमद के लड़के की मिट्टी में प्रयागराज जा रहे हैं।
इसके बाद थार के पीछे लेन नंबर चार से काले रंग की स्कॉर्पियो N (UP 70 GQ 4834) समेत अन्य वाहन पहुंचे। स्कॉर्पियो सवारों ने भी टोल टैक्स मांगने पर गाली-गलौज और धमकी दी और बिना टोल दिए निकल गए।
बूम बैरियर तोड़ते हुए आगे निकलीं उमर के काफिले की गाड़ियां
प्रयागराज में नवाबगंज टोल प्लाजा के असिस्टेंट मैनेजर जय प्रकाश यादव ने बताया, घटना शनिवार दोपहर करीब 3:50 बजे की है। अतीक के बेटे उमर अहमद को पुलिस कस्टडी में लाया जा रहा था। टोल बूथ नंबर 3 पर सरकारी गाड़ियों के गुजरने के बाद उनके पीछे करीब 25 से 30 प्राइवेट गाड़ियां पहुंचीं। इन गाड़ियों के ड्राइवरों ने बिना टोल फीस दिए तेज रफ्तार में बूम बैरियर तोड़ते हुए आगे बढ़ गए।
टोल कर्मियों ने जब गाड़ियों को रोकने का प्रयास किया, तो चालकों ने उनके साथ गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। कुछ वाहन चालकों ने कर्मचारियों को कुचलने के इरादे से उनकी ओर तेज रफ्तार में वाहन दौड़ा दिए, जिससे कर्मचारियों ने किसी तरह किनारे हटकर अपनी जान बचाई। इस घटना में टोल प्लाजा का बूम बैरियर टूट गया।
सहायक प्रबंधक के मुताबिक, बिना टोल शुल्क दिए वाहनों के निकलने से टोल प्रबंधन को राजस्व का नुकसान भी हुआ है। शिकायतकर्ता ने बिना टोल दिए वाहनों के निकलने से राजस्व की क्षति होने की बात भी कही है।

पुलिस के घेरे में अतीक के तीनों बेटे उमर, अली और अहजम। सिर पर साफा पहने और आंखों पर चश्मा लगाए उमर है। वह लखनऊ जेल में बंद है।
हाईकोर्ट ने शर्तों के साथ दी थी पैरोल
माफिया अतीक अहमद के पांच बेटों में से सबसे छोटे बेटे अबान अहमद की 6 अगस्त को झांसी में सड़क हादसे में मौत हो गई थी। वह झांसी की जेल में बंद अपने दूसरे नंबर के भाई अली अहमद से मिलने जा रहा था। रास्ते में तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई। इस हादसे में कार की अगली सीट पर बैठे अबान और उसके एक साथी सोनू की मौके पर मौत हो गई थी।
कार में सवार तीन और लोग घायल हो गए थे। अबान की मौत के बाद जेल में बंद उसके दोनों बड़े भाईयों मोहम्मद उमर और अली अहमद ने हाईकोर्ट में पैरोल के लिए अर्जी दायर की थी। उन्होंने प्रयागराज में अबान अहमद के जनाजे में शामिल होने की मंजूरी मांगी थी। 7 अगस्त को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कई शर्तों और पांबंदी के साथ दोनों को जनाजा में शामिल होने की इजाजत दे दी थी।
पैरोल मंजूर होने के बाद 8 अगस्त को दोनों को पुलिस की सुरक्षा के साथ प्रयागराज रवाना किया गया। मोहम्मद उमर को लखनऊ की जेल से और अली अहमद को झांसी की जेल से पुलिस की वैन में बैठाकर प्रयागराज ले जाया गया।
प्रयागराज पहुंचते ही गाड़ियों का काफिला बढ़ गया
प्रयागराज के लिए रवाना होते ही उमर और अली के करीबियों की गाड़ियां उनकी गाड़ियाें के पीछे-पीछे चलने लगीं। प्रयागराज की सीमा में प्रवेश करते-करते समर्थकों की गाड़ियों का काफिला लगातार बढ़ता गया। कसारी-मसारी पहुंचने तक दोनों के काफिले में कई गाड़ियां दिखाई दीं।

कसारी-मसारी कब्रिस्तान में तीनों बड़े भाइयों उमर, अली और अहजम ने छोटे भाई अबान के जनाजे को कंधा दिया।
पुलिस बोली- सीसीटीवी फुटेज से आरोपियों की पहचान करेंगे
नवाबगंज थाना प्रभारी पंकज अवस्थी ने बताया- टोल प्लाजा पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, टोल कर्मचारियों के बयान और तहरीर में दर्ज वाहनों के नंबरों के आधार पर जांच की जा रही है। फुटेज के जरिए यह भी पता लगाया जाएगा कि घटना के समय कौन-कौन से वाहन मौके से गुजरे और बैरियर को किस वाहन से नुकसान पहुंचा।
अतीक की मौत के बाद पहली बार फिर दिखा ऐसी भीड़
3 साल पहले 15 अप्रैल 2023 को अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या के बाद प्रयागराज में अतीक परिवार को लेकर इतना बड़ा जनसमूह एक बार फिर दिखाई दिया। हालांकि इस बार मौका राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन का नहीं, बल्कि परिवार के छोटे बेटे आबान की मौत के बाद अंतिम संस्कार का था।

