झांसी : झांसी में 62 साल के पुजारी ने थाने के टॉयलेट में फंदे से लटककर जान दे दी। सोमवार सुबह करीब 6 बजे पुलिसकर्मियों ने उन्हें फंदे से लटका देखा। पुलिसकर्मियों ने तत्काल नीचे उतारा और अस्पताल पहुंचाया। हालत गंभीर होने पर पुजारी को झांसी मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
घटना जिला मुख्यालय से करीब 70 किमी दूर गुरसराय थाने की है। पुलिस के मुताबिक, 9 साल की बच्ची से छेड़छाड़ के आरोप में पुजारी को रविवार दोपहर करीब 12.30 बजे पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया था।
उधर, पुजारी की मौत की सूचना मिलते ही परिजनों ने थाने में हंगामा शुरू कर दिया। परिजनों ने पुजारी को झूठे केस में फंसाने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि पुजारी आरोप सहन नहीं कर पाए। पुजारी की मौत के बाद गांव में तनाव है। स्थिति को देखते हुए गांव में पीएसी और पुलिस बल तैनात किया गया है।

पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा।
गुरसराय थाना क्षेत्र के सिंगार गांव के रहने वाले राजेंद्र प्रसाद मंदिर के पुजारी थे। उनके तीन बेटे और एक बेटी रजनी है। दोनों बेटों और बेटी की शादी हो चुकी है। बड़े बेटे विनय ने बताया- हमारे गांव में राधा-कृष्ण का मंदिर है। मंदिर की करीब 8 बीघा जमीन है। हमारे परिवार की तीन पीढ़ियां मंदिर में पूजा करती आ रही हैं। अभी पिता और मैं पूजा करते थे।
विनय ने बताया- गांव के कुछ लोग हमें मंदिर से हटाना चाहते हैं। हमारे दो घर हैं। एक में हम लोग रहते हैं और दूसरे घर में जानवर बांधते हैं। वहीं बोरिंग लगी है, जिससे घर में पानी आता है। रविवार सुबह करीब 8:30 बजे पिता सबमर्सिबल पंप बंद करने गए थे।
उसी समय 9 साल की बच्ची गेट पर लगे पेड़ से कनेर के फूल तोड़ रही थी। गांव के लोग भी वहां से फूल तोड़ते हैं। पिता ने उसे सिर्फ डांट दिया था। इसके बाद वह घर चली गई। पता नहीं उसने घर जाकर क्या बताया कि उसके परिवार वाले पिता पर छेड़छाड़ का आरोप लगाने लगे।

पुजारी के बेटे विनय ने आरोप लगाया- गांव वालों ने मेरे पिता को फंसाया।
पुलिस पुजारी को थाने ले गई
विनय ने बताया- दोपहर करीब 12:30 बजे उन लोगों ने डायल-112 पर फोन कर पुलिस बुला ली। पुलिस पिता को थाने ले गई। हम लोग थाने पहुंचे तो पहले उनसे मिलने नहीं दिया गया। शाम करीब 7 बजे हमें पिता से मिलने दिया गया। रात करीब 10:30 बजे थाने में उन्हें खाना खिलाकर हम घर आ गए। उस समय पिता कह रहे थे कि वह निर्दोष हैं।
विनय के मुताबिक, सोमवार सुबह करीब 7:30 बजे मैं चाय लेकर थाने गया तो पिता वहां नहीं थे। पुलिस ने बताया कि उन्हें पथरी, गैस और सांस लेने में दिक्कत हो रही थी, इसलिए सुबह करीब 6 बजे अस्पताल भेज दिया गया है।
करीब एक घंटे बाद पुलिसवालों ने हमें बताया कि पिता बाथरूम गए थे और वहां लुंगी से फंदा लगा लिया। इसके बाद हम लोग मेडिकल कॉलेज पहुंचे तो बताया गया कि उनका इलाज चल रहा है। थोड़ी देर बाद पुलिस उनकी लाश लेकर जाने लगी, तभी हमें पता चला कि उनकी मौत हो चुकी है।

राजेंद्र की मौत की खबर मिलते ही परिजन अस्पताल पहुंच गए।
बेटे का आरोप- पिता पर दबाव बनाया गया
पिता की लाश देखकर बेटा विनय रोने-चिल्लाने लगा और हंगामा करने लगा। वह पुलिस से कहने लगा, हमें बताना तो चाहिए था। हमें लाश दिखाई और कहा कि अभी इलाज चल रहा है। हमें धोखे में क्यों रखा? बताना तो चाहिए था कि मौत हो गई है। इंस्पेक्टर ने विनय को समझाया और सांत्वना देकर शांत कराया।
विनय ने कहा- पिता की उम्र 62 साल थी। इस उम्र में उन पर झूठा आरोप लगाया गया। वह इसे सहन नहीं कर पाए। हम लोगों ने पहले ही कहा था कि आरोप झूठे हैं, लेकिन गांव वालों ने दबाव बनाकर पुलिस से पिता को गिरफ्तार करा दिया।
मेरे पिता ने खुद आत्महत्या नहीं की है। उन पर दबाव बनाया गया था। इस पूरे मामले में मिलीभगत की आशंका है। हम निष्पक्ष जांच चाहते हैं। जिन लोगों ने यह साजिश रची है, उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज हो और दोषियों को जेल भेजा जाए।
इलाज के दौरान मौत हो गई
सीएमएस डॉ. सचिन माहुर ने बताया- सुबह करीब 8:15 बजे पुलिस राजेंद्र नाम के व्यक्ति को अस्पताल लेकर आई थी। उसने थाने के टॉयलेट में फांसी लगा ली थी। गले पर फंदे के निशान भी थे। इलाज के दौरान सुबह करीब 10:15 बजे उसकी मौत हो गई।
एसएसपी बोले- लापरवाही मिली तो कड़ी कार्रवाई होगी
एसएसपी बीबी जीटीएस मूर्ति ने बताया-
थाना परिसर के टॉयलेट में पॉक्सो और छेड़छाड़ के आरोपी ने लुंगी से फंदा लगा लिया था। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। एसपी ग्रामीण को जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं। अगर लापरवाही सामने आएगी तो संबंधित के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

