नई दिल्ली : मणिपुर हिंसा को लेकर सुप्रीम कोर्ट में 8 अप्रैल को सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में सख्ती दिखाते विस्थापितों के बारे में पूछा कि, राहत कैम्पों में कितने लोग हैं और उन्हें घर वापस लाया जाए। सुप्रीम कोर्ट ने मणिपुर और केंद्र सरकार से रिलीफ कैम्प, विस्थापितों के रिहैबिलिटेशन और धार्मिक स्थानों की सुरक्षा के निर्देश दिए हैं। इस मामले में 10 दिन में अपडेट स्टेटस रिपोर्ट मांगी गई है। साथ मणिपुर और केंद्र सरकार से सुप्रीम कोर्ट ने रिलीफ कैम्प में उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की डिटेल मांगी है। अब सुप्रीम कोर्ट इन सभी याचिकाओं पर 17 मई को सुनवाई करेगा। केंद्र और मणिपुर सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अपनी दलीलें पेश की।
सुप्रीम कोर्ट में सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया कि, मणिपुर में बीते दो दिनों में कोई अप्रिय घटना नहीं हुई है। और कर्फ्यू में धीरे-धीरे ढील दी जा रही है। राज्य में CAPF की 55 और सेना की 100 से ज्यादा कंपनियां तैनात हैं।

