अयोध्या : अयोध्या में साइबर पुलिस में तैनात दरोगा और तीन सिपाही रिश्वत लेने 800 किमी दूर राजस्थान के सीकर पहुंच गए। लेकिन इसकी भनक एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) को लग गई। ACB टीम ने रास्ते में चारों पुलिसकर्मियों को दबोच लिया। उनके पास से 2.80 लाख रुपए बरामद हुए हैं।
ACB ने चारों को गिरफ्तार कर लिया है। मामले की जानकारी मिलने पर अयोध्या SSP डॉ. गौरव ग्रोवर ने मंगलवार देर शाम आरोपी दरोगा यशवंत सिंह, कॉन्स्टेबल पवन कुमार त्रिपाठी, सोहन लाल और गौरव चारग का सस्पेंड कर दिया। चारों के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए हैं।


अयोध्या के साइबर पुलिस थाने में राजस्थान के सीकर के युवक के खिलाफ 2024 में साइबर ठगी का मामला दर्ज था। केस से युवक का नाम हटाने के लिए दरोगा यशवंत सिंह और उनके तीन कॉन्स्टेबल ने 8 लाख रुपए मांगे थे। 4 लाख रुपए वसूल भी लिए थे।
बची रकम के लिए युवक ने पुलिसकर्मियों को सीकर बुलाया। इस बीच उसने एंटी करप्शन ब्यूरो से शिकायत कर दी। शिकायत मिलने के बाद ACB ने रिश्वत की मांग का सत्यापन कराया। सत्यापन के दौरान कॉन्स्टेबल गौरव चारग ने पीड़ित युवक से 4 लाख रुपए की रिश्वत मांगी। बातचीत के बाद सौदा 2.80 लाख रुपए में तय हुआ।

चारों आरोपियों को ACB ने गिरफ्तार कर लिया।
ACB टीम की गाड़ी को टक्कर मारी
दरोगा यशवंत सिंह साथी कॉन्स्टेबल गौरव, सोहन और पवन त्रिपाठी के साथ राजस्थान पहुंच गए। मंगलवार दोपहर आरोपियों ने घूस की रकम ली और अयोध्या लौट रहे थे।
पीड़ित ने ACB टीम को सूचना दी कि पुलिसवाले रिश्वत लेकर निकल गए हैं। इसके बाद टीम ने सीकर-बीकानेर नेशनल हाईवे पर रसीदपुरा टोल पर आरोपियों को रोक लिया। कार्रवाई के दौरान आरोपियों ने अपनी कार से ACB टीम की गाड़ी को टक्कर मारकर भागने की भी कोशिश की। हालांकि ACB टीम ने चारों को पकड़ लिया।
सीकर ACB के ASP विजय सिंह ने बताया- तीनों आरोपी शिकायतकर्ता युवक से रिश्वत लेने 3 दिन पहले 16 अगस्त सीकर आए थे। सूचना पर सीकर ACB टीम ने पहले से जाल बिछा रखा था। सीकर-बीकानेर नेशनल हाईवे पर रसीदपुरा टोल पर आरोपियों को गाड़ी को रोका। इसके बाद चेकिंग के दौरान उनके पास से रिश्वत के 2.80 लाख रुपए मिले। पूछताछ में तीनों आरोपी रकम के बारे में बता नहीं पाए।

एसीबी टीम ने आरोपियों से रिश्वत के रुपए बरामद कर लिए।
ACB की अतिरिक्त महानिदेशक स्मिता श्रीवास्तव और पुलिस महानिरीक्षक एस. परिमला के सुपरविजन में आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। ACB ने मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की जांच शुरू करने की बात कही है।

