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Sun. Sep 6th, 2026

योगी ने चित्रकूट में बाढ़ का हवाई सर्वे किया:800 परिवारों को राहत किट बांटी; बरेली में किचन-बेडरूम में घुटनों तक पानी भरा

लखनऊ/वाराणसी/प्रयागराज/कानपुर : सीएम योगी ने रविवार को चित्रकूट के बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया। मंदाकिनी नदी के बढ़ते जलस्तर का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने रैन बसेरों में रह रहे बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात की। करीब 800 प्रभावित परिवारों को 50-50 किलो की राहत किट बांटीं। इससे पहले, शनिवार को योगी ने वाराणसी में बाढ़ की स्थिति का हवाई सर्वे किया था।

उधर, प्रदेश में मानसूनी बारिश का दौर लगातार जारी है। श्रावस्ती में भारी बारिश के कारण बाइपास का करीब 400 मीटर हिस्सा जलमग्न हो गया। बरेली में इतनी बारिश हुई कि घरों के किचन-बेडरूम में घुटनों तक पानी भर गया। बिजनौर में सड़कें और गलियां तालाब बन गईं।

सरकारी अस्पताल में 3 से 4 फीट तक पानी भर गया। लखीमपुर में बाढ़ प्रभावितों गांव में डीएम ट्रैक्टर से पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।

वाराणसी, प्रयागराज, कानपुर और अयोध्या समेत प्रदेश के 26 जिले बाढ़ की चपेट में हैं। प्रयागराज के दारागंज घाट पर शवदाह गृह में पानी भर जाने से लोगों को अंतिम संस्कार के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। वाराणसी और कानपुर में गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से पानी रिहाइशी इलाकों और घरों में घुस चुका है। लोग छतों पर जिंदगी काटने को मजबूर हैं।

पिछले 24 घंटों में प्रदेश के 54 जिलों में बारिश हुई। सबसे ज्यादा 90 मिमी बारिश बिजनौर में दर्ज की गई। मौसम विभाग ने सोमवार को प्रदेश के 58 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। इनमें बहराइच और गोंडा समेत 6 जिलों में बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

योगी ने चित्रकूट में मंदाकिनी की भयावह बाढ़ से जूझ रहे परिवारों से मुलाकात की। 800 प्रभावित परिवारों को 50-50 किलो की राहत किट बांटी। उन्होंने कहा कि आपदा की इस घड़ी में सरकार आपके साथ खड़ी है।

योगी ने चित्रकूट में मंदाकिनी की भयावह बाढ़ से जूझ रहे परिवारों से मुलाकात की। 800 प्रभावित परिवारों को 50-50 किलो की राहत किट बांटी। उन्होंने कहा कि आपदा की इस घड़ी में सरकार आपके साथ खड़ी है।

वाराणसी में गंगा के बढ़ते जलस्तर की वजह से घाट डूबे हुए हैं। मंदिरों में पानी घुस गया है। नदी के किनारे पर बने घरों में पानी घुस चुका है। गलियों में नाव चल रही है।

वाराणसी में गंगा के बढ़ते जलस्तर की वजह से घाट डूबे हुए हैं। मंदिरों में पानी घुस गया है। नदी के किनारे पर बने घरों में पानी घुस चुका है। गलियों में नाव चल रही है।

उन्नाव में गंगा नदी उफान पर हैं। नदी का पानी बस्तियों में घुस गया है। कई गांव टापू बन गए हैं। चारों तरफ पानी ही पानी नजर आ रहा है। गांव से बाहर जाने वाले रास्ते जलमग्न हो गए हैं।

उन्नाव में गंगा नदी उफान पर हैं। नदी का पानी बस्तियों में घुस गया है। कई गांव टापू बन गए हैं। चारों तरफ पानी ही पानी नजर आ रहा है। गांव से बाहर जाने वाले रास्ते जलमग्न हो गए हैं।

हमीरपुर में 10 दिनों से रुक-रुक कर हो रही बारिश ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। नहर में हुई कटान से 100 बीघा फसल जलमग्न हो गई है। सड़कें डूबी हुई हैं।

हमीरपुर में 10 दिनों से रुक-रुक कर हो रही बारिश ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। नहर में हुई कटान से 100 बीघा फसल जलमग्न हो गई है। सड़कें डूबी हुई हैं।

प्रयागराज में गंगा-यमुना उफान पर हैं। गंगा का पानी सड़कों के ऊपर बह रहा है। सभी प्रमुख घाट डूबे हुए हैं। रिवर फ्रंट और प्रेरणा स्थल भी जलमग्न है।

प्रयागराज में गंगा-यमुना उफान पर हैं। गंगा का पानी सड़कों के ऊपर बह रहा है। सभी प्रमुख घाट डूबे हुए हैं। रिवर फ्रंट और प्रेरणा स्थल भी जलमग्न है।

सोनभद्र में रिहंद बांध का जलस्तर 871.8 फीट पर ही स्थिर है। कैचमेंट एरिया में बारिश थमने से बांध में पानी की आवक कम हुई है। फिलहाल एक फाटक से पानी की निकासी की जा रही है।

सोनभद्र में रिहंद बांध का जलस्तर 871.8 फीट पर ही स्थिर है। कैचमेंट एरिया में बारिश थमने से बांध में पानी की आवक कम हुई है। फिलहाल एक फाटक से पानी की निकासी की जा रही है।

वाराणसी में गंगा नदी उफान पर हैं। सभी 84 घाट डूबे हुए हैं। उनका आपस में सपर्क टूट गया है। मणिकर्णिका घाट पर शवदाह गृह जलमग्न है। छत पर अंतिम संस्कार कराया जा रहा है। लोग कमर तक पानी में चलकर अर्थी ला रहे हैं।

वाराणसी में गंगा नदी उफान पर हैं। सभी 84 घाट डूबे हुए हैं। उनका आपस में सपर्क टूट गया है। मणिकर्णिका घाट पर शवदाह गृह जलमग्न है। छत पर अंतिम संस्कार कराया जा रहा है। लोग कमर तक पानी में चलकर अर्थी ला रहे हैं।

ललितपुर में गोविंद सागर बांध से पानी छोड़े जाने के बाद शहजाद नदी उफान पर बह रही है। छोटे पुल पूरी तरह डूब गए हैं। गाड़ियां पानी के बीच से गुजर रही हैं।

ललितपुर में गोविंद सागर बांध से पानी छोड़े जाने के बाद शहजाद नदी उफान पर बह रही है। छोटे पुल पूरी तरह डूब गए हैं। गाड़ियां पानी के बीच से गुजर रही हैं।

रामपुर के बाढ़ से घिरे भैया नगला गांव का जिला मुख्यालय से संपर्क टूट गया है। बुधवार रात पुल टूटने की वजह से लोग जान जोखिम में डालकर बाजार जा रहे हैं।

रामपुर के बाढ़ से घिरे भैया नगला गांव का जिला मुख्यालय से संपर्क टूट गया है। बुधवार रात पुल टूटने की वजह से लोग जान जोखिम में डालकर बाजार जा रहे हैं।

लखनऊ के मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया-

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बंगाल की खाड़ी में बना बारिश का सिस्टम मध्य प्रदेश की तरफ बढ़ रहा है। इसके असर से पश्चिमी यूपी में तेज बारिश जारी रहेगी। अगले 48 घंटे में मौसम का रुख बदलेगा और पूर्वी यूपी में फिर से भारी बारिश होगी। 8 सितंबर के बाद यह सिस्टम कमजोर पड़ जाएगा। पूरे प्रदेश में बारिश लगभग थम जाएगी।

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