- ब्रांच मैनेजर बोले, पहले जो शिकायत की थी वह क्यों की, अब लोन नहीं होगा, जो कागज मांगेंगे वो दिखाने होंगे
दैनिक उजाला, मथुरा : पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत सोलर लगाने के लिए ऋण लेने वाले एक उपभोक्ता को बैंक की प्रक्रिया के चलते 20 दिन से परेशानी उठानी पड़ रही है। पहला आवेदन अस्वीकृत किए जाने के बाद बैंक के निर्देश पर दूसरा आवेदन भी कर दिया गया, लेकिन उसे भी आठ दिन बीत चुके हैं और अब तक ऋण प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी है। उपभोक्ता का आरोप है कि अपनी नौकरी से चार दिन की छुट्टी लेकर वह एसबीआई बलदेव शाखा के चक्कर काटता रहा, लेकिन समस्या का समाधान तो दूर, उसे बैंक अधिकारियों के स्तर पर उचित सुनवाई भी नहीं मिली।
दाऊदयाल चौबे ने बताया कि उन्होंने 17 अगस्त 2026 को पीएम सूर्य घर योजना के पोर्टल पर आवेदन किया था। इसके बाद 18 अगस्त को आवेदन से संबंधित सभी दस्तावेज और लोन के कागजात एसबीआई बलदेव शाखा में जमा किए। 25 अगस्त को बैंक के फील्ड ऑफिसर उनके घर निरीक्षण के लिए पहुंचे। इस दौरान अधिकारी ने आधार कार्ड में दर्ज पते को बिजली बिल के पते से अलग बताते हुए उसे सही कराने को कहा।
चौबे के अनुसार उन्होंने अधिकारी की बात को गंभीरता से लेते हुए उसी दिन बलदेव पोस्ट ऑफिस जाकर आधार में बिजली बिल के अनुसार पता अपडेट करा लिया और उसकी रसीद भी फील्ड ऑफिसर को दिखा दी। उनका आरोप है कि इसके बावजूद उनका पहला आवेदन अस्वीकृत कर दिया गया। इसकी जानकारी भी उन्हें तत्काल नहीं दी गई। 31 अगस्त को उन्होंने अपडेटेड आधार की प्रति भेजकर दोबारा अनुरोध किया तो बताया गया कि पहला आवेदन रिजेक्ट हो चुका है और नया आवेदन करना होगा।


दोबारा आवेदन के बाद भी आठ दिन से इंतजार
बैंक के निर्देश पर चौबे ने दोबारा आवेदन कर दिया। उनका कहना है कि दूसरे आवेदन को भी आठ दिन हो चुके हैं, जबकि पहले आवेदन की तारीख से अब तक करीब 20 दिन बीत चुके हैं। इसके बावजूद ऋण की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी है।
चौबे का कहना है कि पहली बार बैंक की ओर से बताई गई कमी उन्होंने उसी दिन दूर कर दी थी। यदि उन्हें सुधार के लिए उचित समय दिया जाता तो पहला आवेदन अस्वीकार करने और दोबारा आवेदन कराने की जरूरत ही नहीं पड़ती। उनके मुताबिक पूरी प्रक्रिया में देरी के कारण सोलर लगाने का काम भी प्रभावित हो रहा है।
चार दिन नौकरी से छुट्टी लेकर बैंक के चक्कर
चौबे ने बताया कि ऋण की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के लिए उन्हें चार दिन नौकरी से छुट्टी लेकर एसबीआई बलदेव शाखा के चक्कर लगाने पड़े। उनका आरोप है कि चौथे दिन फील्ड ऑफिसर ने उनकी समस्या सुनने के बजाय कथित रूप से उन्हें अपमानित किया और वहां से जाने के लिए कह दिया।
उन्होंने कहा कि वह सरकार की योजना के तहत सोलर लगाने के लिए ऋण लेने पहुंचे थे और बैंक की बताई हर कमी को दूर करने का प्रयास किया। इसके बावजूद जिस तरह से उन्हें बार-बार बैंक बुलाया गया और फिर समस्या का समाधान नहीं हुआ, उससे उन्हें काफी परेशानी हुई।
फील्ड ऑफिसर के बाद ब्रांच मैनेजर से भी नहीं मिली राहत
चौबे के अनुसार फील्ड ऑफिसर से हुई बातचीत के बाद वह अपनी समस्या लेकर एसबीआई बलदेव शाखा के ब्रांच मैनेजर से भी मिले। उन्होंने मैनेजर को पहले आवेदन के रिजेक्शन, दूसरे आवेदन के आठ दिन से लंबित होने और दस्तावेजों से जुड़ी पूरी स्थिति बताई, लेकिन उनके अनुसार वहां भी कोई ठोस समाधान नहीं मिला और न ही उन्हें स्पष्ट समयसीमा बताई गई।
उनका कहना है कि जब फील्ड ऑफिसर और शाखा प्रबंधक दोनों स्तर पर समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है तो एक सामान्य उपभोक्ता अपनी शिकायत लेकर आखिर कहां जाए?
‘अगर कार या बिजनेस लोन होता तो क्या ऐसे ही दौड़ाते?’
दाऊदयाल चौबे ने सवाल उठाया कि उन्होंने कोई सामान्य व्यावसायिक या प्रॉपर्टी लोन नहीं मांगा, बल्कि सरकार की पीएम सूर्य घर योजना के तहत सोलर लगाने के लिए ऋण मांगा है। उनका कहना है कि सरकार लोगों को सौर ऊर्जा अपनाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है और एसबीआई भी पीएम सूर्य घर के लिए अलग सोलर रूफटॉप लोन सुविधा उपलब्ध कराता है।
उन्होंने सवाल किया कि यदि कोई व्यक्ति कार लोन, बिजनेस लोन या प्रॉपर्टी लोन लेने बैंक पहुंचे तो क्या उसे भी इसी तरह कई दिनों तक चक्कर लगवाए जाएंगे और उसकी समस्या सुने बिना लौटा दिया जाएगा? उनका कहना है कि सरकारी योजना का लाभ लेने वाले उपभोक्ता के साथ इस तरह का व्यवहार योजना के उद्देश्य पर ही सवाल खड़ा करता है।
अब मकान की ओनरशिप को लेकर नई आपत्ति
चौबे के मुताबिक अब बैंक की ओर से मकान की ओनरशिप दिखाने को कहा जा रहा है। उनका कहना है कि जिस मकान पर सोलर लगाया जाना है, उसका बिजली बिल उनके नाम पर है। मकान उनकी दादी के नाम था, जिनका निधन हो चुका है और उनके पास मृत्यु प्रमाणपत्र भी उपलब्ध है।
उनका कहना है कि यदि बैंक को स्वामित्व से संबंधित कोई विशेष दस्तावेज चाहिए तो उसे स्पष्ट रूप से बताया जाए, ताकि वह निर्धारित दस्तावेज उपलब्ध करा सकें। बार-बार नई आपत्ति सामने आने से आवेदन की प्रक्रिया लंबी होती जा रही है।
20 दिन बाद भी सवाल बरकरार
मामले में अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि 17 अगस्त को शुरू हुई आवेदन प्रक्रिया 20 दिन बाद भी पूरी क्यों नहीं हो सकी? जब उपभोक्ता ने बैंक द्वारा बताई गई आधार संबंधी कमी उसी दिन दूर कर दी, दोबारा आवेदन भी कर दिया और आवश्यक दस्तावेज देने को तैयार है, तो दूसरा आवेदन आठ दिन से किस स्तर पर लंबित है?
चौबे ने एसबीआई के उच्चाधिकारियों से पूरे मामले की जांच कराने, पहले आवेदन को अस्वीकृत किए जाने का कारण स्पष्ट करने, दूसरे आवेदन की वर्तमान स्थिति बताने और फील्ड ऑफिसर के व्यवहार की जांच कराने की मांग की है। साथ ही उन्होंने पात्रता पूरी होने पर उनका पीएम सूर्य घर लोन जल्द स्वीकृत कराकर सोलर योजना का लाभ दिलाने की मांग की है।

