- शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने शुक्रवार को संकेत दिया कि उनकी पार्टी अगले साल की शुरुआत में होने वाले पंजाब विधानसभा चुनावों के लिए भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले NDA में फिर से शामिल हो सकती है
चंडीगढ़ः पंजाब विधानसभा चुनाव में बीजेपी और शिरोमणि अकाली दल के बीच गठबंधन हो सकता है। इसका संकेत शिरोमणि अकाली दल (SAD) के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने दिया है। सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि समान विचारधारा वाली पार्टी के साथ गठबंधन किया जा सकता है।
पंजाब के राज्यपाल से मुलाकात के बाद प्रतिक्रिया देते हुए सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि अकाली दल के मुख्य राजनीतिक विरोधी आम आदमी पार्टी (AAP) और कांग्रेस हैं। वहीं, भाजपा का नाम लिए बिना उन्होंने कहा कि समान विचारधारा वाली पार्टी के साथ गठबंधन किया जा सकता है।
अमित शाह ने भी कल दिया था ये बयान
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा कल पंजाब विधानसभा चुनाव में NDA की सरकार बनने के बयान के बाद सुखबीर सिंह बादल की यह पहली प्रतिक्रिया है। बादल के इस बयान के बाद अटकलें लगने लगी हैं कि पंजाब में बीजेपी और अकाली दल का एक बार फिर से गठबंधन हो सकता है। हालांकि आधिकारिक तौर पर दोनों दलों की तरफ से बयान सामने नहीं आया है। वहीं आम आदमी पार्टी ने बीजेपी और अकाली दल के बीच संभावित गठबंधन पर निशाना साधा है।
अकाली दल के नेता पहले भी दे चुके हैं गठबंधन के संकेत
इससे पहले अकाली दल के महासचिव बिक्रम सिंह मजीठिया ने कहा था कि पंजाब के लिए दोनों पार्टियों का गठबंधन ‘समय की मांग’ है। इससे पहले उनकी बहन और पूर्व केंद्रीय मंत्री व बठिंडा की सांसद हरसिमरत कौर बादल ने भी संगरूर में एक रैली के दौरान कुछ ऐसे ही संकेत दिए थे।
वहीं, पंजाब बीजेपी के उपाध्यक्ष फतेह जंग बाजवा ने कहा था कि पार्टी राज्य की सभी 117 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है। उन्होंने कहा कि गठबंधन पर तभी विचार किया जाएगा, जब बीजेपी को ‘बड़े भाई’ की भूमिका दी जाए।
पहले भी रह चुका है गठबंधन
बता दें कि पंजाब में अकाली दल और बीजेपी लंबे समय तक सहयोगी रहे थे, लेकिन कृषि कानूनों को लेकर गठबंधन टूट गया था। उस समय NDA सरकार में केंद्रीय मंत्री रहीं हरसिमरत कौर बादल ने 2020 में केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद SAD ने गठबंधन से नाता तोड़ लिया। 2022 के पंजाब विधानसभा चुनावों में दोनों पार्टियां अलग-अलग चुनाव लड़ीं। जिसमें दोनों को ही करारी हार हुई। इस चुनाव में आम आदमी पार्टी ने भारी बहुमत से सरकार बनाया था।

