भोपाल : मध्यप्रदेश की शिवराज सरकार ने मंगलवार को बड़ा फैसला लेते हुए प्रदेश के 30 हजार से अधिक ट्रांसजेंडरों को ओबीसी वर्ग में शामिल कर लिया है। साथ ही सरकारी नौकरियों में 14 फीसदी आरक्षण का लाभ भी ले पाएंगे। देश में ट्रांसजेंडरों को ओबीसी में शामिल करने और उन्हें आरक्षण देने वाला मध्यप्रदेश संभवतः पहला राज्य बन गया है।
सुप्रीम कोर्ट ने ट्रांसजेंडर को भी थर्ड जेंडर के रूप में मान्यता दी है। कोर्ट ने शिक्षा और स्वास्थ्य देखभाल सुविधाएं मुहैया कराने के लिए केंद्र सरकार और राज्य सरकारों को निर्देश दिए थे कि ट्रांसजेंडर्स सामाजिक रूप से पिछड़ा समुदाय है और ऐसे में उन्हें आरक्षण दिया जाना चाहिए।
देश की पहली ट्रांसजेंडर न्यायाधीश जोयिता मंडल ने एक कार्यक्रम में कहा था कि पुलिस और रेलवे जैसे सरकारी महकमों में ट्रांसजेडर समुदाय के लोगों की नियुक्तियों से समाज में काफी पाजीटिव बदलाव आएगा। जोयिता मंडल ने थर्ड जेंडर के लिए सरकारी नौकरियों में आरक्षण की मांग उठाई थी।

