भोपाल : राजा भोज एयरपोर्ट देश का ऐसा एयरपोर्ट बन गया है जिसने पूरी तरह से रिन्यूएबल एनर्जी से चलने का दर्जा हासिल किया है। एयरपोर्ट सौर ऊर्जा पैदा कर रहा है, डिस्कॉम से हरित ऊर्जा खरीद रहा है। नतीजतन, हवाई अड्डे ने एयरपोर्ट काउंसिल इंटरनेशनल (एसीआई) के स्तर 2+ कार्बन प्रत्यायन सर्टिफिकेट हासिल किया है।
आमतौर पर एयरपोर्ट पर ज्यादा वायु प्रदूषण होता है लेकिन वैकल्पिक एवं अक्षय ऊर्जा का इस्तेमाल करने की वजह से भोपाल में तस्वीर बदली है। हवाईअड्डे अपनी बड़ी ऊर्जा मांगों के कारण कार्बन उत्सर्जन के महत्वपूर्ण स्रोत होते हैं। भोपाल हवाईअड्डे को यह दर्जा मिलना उस उद्देश्य की ओर एक कदम है।
एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) ने 2024 तक अपने परिचालन वाले हवाई अड्डों पर 100 प्रतिशत हरित ऊर्जा प्राप्त करने का लक्ष्य दिया है। एरएयरपोर्ट काउंसिल इंटरनेशनल (एसीआई) ने एयरपोर्ट कार्बन ऐडिटेशन लॉन्च किया है।
अभी राजा भोज एयरपोर्ट से सुबह छह बजे से रात दस बजे तक उड़ान संचालन की सुविधा है। जल्द ही एयरपोर्ट से 24 घंटे उड़ान संचालन के आदेश जारी हो सकते हैं। इसके लिए सीआइएसएफ के जवानों की संख्या भी बढ़ाई जा रही है। आदेश के बाद रात्रि 10 के बाद भी उड़ानों का संचालन हो सकेगा। रामजी अवस्थी, एयरपोर्ट डायरेक्टर का कहना है कि एयरपोर्ट से 24 घंटे उड़ान संचालन के लिए औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं। सुरक्षा बल के जवानों की संख्या बढऩे के बाद अथारिटी के मुख्यालय से औपचारिक आदेश जारी होगा।

