भोपाल : एक करोड़ रुपए ना देने पर बम से उड़ाने की धमकी मिलने वाले कथावाचक अनिरुद्धाचार्य का एक फोटो जमकर वायरल हो रहा है। वह फोटो में भोपाल सेंट्रल जेल अधीक्षक की कुर्सी पर बैठे है। अब इसको लेकर तरह तरह की चर्चा की जा रही हैं।
विदित रहे कि कथावाचक अनिरुद्धाचार्य आठ अप्रैल को भोपाल सेंट्रल जेल में प्रवचन करने पहुंचे थे। जेल अधीक्षक राकेश भांगरे उन्हें अपना गुरु मानते हैं और उन्हीं के आग्रह पर अनिरुद्धाचार्य इंदौर से आकर वहां पहुंचे थे। यहां पर बंदियों के अलावा जेल के अधिकारियों व कर्मचारियों ने भी उनके प्रवचन सुने। बताया जाता है कि इसके उपरांत जेल अधीक्षक के आग्रह पर कथावाचक अनिरुद्धाचार्य उनके कक्ष में भी गए। वहां पहुंचकर वह जेल अधीक्षक के निवेदन पर उनकी कुर्सी पर जाकर बैठ गए। इसी दौरान किसी ने उनकी यह तस्वीर ली, जो अब इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो रही है।
दरअसल किसी सरकारी अधिकारी की कुर्सी पर विभागीय या अन्य कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा कोई दूसरा व्यक्ति नहीं बैठ सकता। यहां तक की कोई दूसरे सरकारी अधिकारी-कर्मचारी भी नहीं बैठ सकते। अब कथावाचक के जेल अधीक्षक की कुर्सी पर बैठने की तस्वीर वायरल होने के बाद उसको नियमों के विरुद्ध बताकर तरह तरह की चर्चा चल रही है।

