Breaking
Wed. Mar 4th, 2026

जीएलए में ‘स्पंदन 23‘ का रंगारंग आगाज

  • जीएलए में मुख्य अतिथि एसएसपी शैलेश कुमार पांडेय ने किया दो दिवसीय वार्षिक उत्सव स्पंदन 23 का शुभारम्भ

मथुरा : जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा में दो दिवसीय स्पंदन 23 के बैनर तले वार्षिकोत्सव कार्यक्रम का रंगारंग आगाज हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि एसएसपी शैलेश कुमार पांडेय ने विद्यार्थियों को दृढ़ निश्चय के साथ आगे बढ़ने की सीख देते हुए अपने अनुभव साझा किए। विद्यार्थियों ने कार्यक्रम में रंगारंग प्रस्तुतियों से समां बांध दिया।

कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्य अतिथि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शैलेश कुमार पांडेय, कुलपति प्रो. फाल्गुनी गुप्ता, सीईओ नीरज अग्रवाल, प्रतिकुलपति प्रो. अनूप कुमार गुप्ता, कुलसचिव अशोक कुमार सिंह ने मां सरस्वती एवं प्ररेणास्त्रोत श्री गणेशीलाल अग्रवाल जी के समक्ष दीप प्रज्जवलित कर किया। तत्पश्च्यात कुलपति प्रो. फाल्गुनी गुप्ता ने कहा कि विश्वविद्यालय में आयोजित इस वार्षिकोत्सव में प्रतिभाग करने वाले विद्यार्थियों ने अपने हुनर को निखारने के लिए कदम बढ़ाया है, जो कि काफी सराहनीय है। उन्होंने विद्यार्थियों से हमेशां एकेडमिक के साथ-साथ कुछ अलग हटकर सोचने के लिए कहा।

मुख्य अतिथि एसएसपी शैलेश कुमार पांडेय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि जीएलए विश्वविद्यालय अब प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय की श्रेणी में दर्ज हो चुका है। इस विश्वविद्यालय से वह काफी लंबे समय से जुडे़ हुए है। 8 वर्ष पहले मथुरा में एसपी सिटी के पद पर सेवाएं देने के दौरान भी उन्होंने जीएलए के कई कार्यक्रमों में षामिल होकर रंगारंग और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का लुत्फ उठाया है और अब फिर से विश्वविद्यालय के एक बड़े कार्यक्रम में शामिल होने का अवसर मिला है।

उन्होंने कहा कि जानकारी के अनुसार विश्वविद्यालय का यह वार्षिक उत्सव कार्यक्रम कोरोना के चलते तीन वर्ष बाद आयोजित हो रहा है। इसका मुख्य कारण कोरोना की वह त्रासदी जो कभी बुजुर्गों ने भी नहीं देखी। ऐसी त्रासदी जिसने सभी लोगों को घरों में कैद कर दिया। हर घर का दरवाजा बंद करा दिया, लेकिन सभी ने इस चुनौती को डंके की चोट पर हराने का काम किया। उन्होंने कहा कि चुनौतियां आज के समय में कितनी भी हों, लेकिन अगर दृढ़ संकल्प के साथ हौंसला, धैर्य और विश्वास को लेकर आगे बढ़ा जाय तो चुनौतियां कहीं हद तक पीछे रह जाती हैं और हम सभी युवा आगे बढ़ते जाते हैं।
इसलिए ऐसे कार्यक्रम क्लास रूम की शिक्षा से अलग हटकर विद्यार्थियों की रचनात्मकता में निखार लाते हैं। विद्यार्थियों को शिक्षा ग्रहण करने के साथ-साथ ऐसे आनंदित रचनात्मकता में निखार लाने वाले कार्यक्रमों में अक्सर प्रतिभाग करना चाहिए। क्योंकि खुले मंच पर कार्यक्रमों में अपनी रचनात्मकता दर्शाना बेहतर सीजीपीए लाने से कहीं अधिक होता है। इससे पता चलता है कि विद्यार्थी शिक्षा से अलग हटकर क्या कर सकता है ? जिस विद्यार्थी के हाथ में हुनर होता है वह कहीं भी किसी भी कठिन रास्ते पर रूक नहीं सकता।

एसएसपी ने अपने जीवन के अनुभव साझा करते हुए कहा कि टाॅप लाने पर फोकस करने की बजाय अपने पैरों पर खड़ा होकर जिम्मेदारियों को कैसे और किस प्रकार निभाया जाय इस पर फोकस करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि वह सिविल सर्विसेस की परीक्षा में फेलियर्स की सूची में रहे हैं। प्राइवेट नौकरी भी की है, लेकिन माता-पिता ने हमेशां ही हौंसला दिया और आगे बढ़ने की सीख दी। इसलिए फेलियर्स से घबराना नहीं चाहिए, क्योंकि वही सक्सेस होते हैं। विद्यार्थी जीवन में आलस बहुत बुरी चीज होती है, लेकिन विद्यार्थी जीवन से अत्यधिक बेहतर लाइफ और कोई हो नहीं सकती। इसलिए विद्यार्थी जीवन ही है जो आपको देश के लिए कुछ करने के लिए अवसर देता है। उन्होंने विद्यार्थियों विश्वविद्यालय प्रशासन और विद्यार्थियों से कहा कि अगर किसी के पास मथुरा-वृंदावन के लिए बेहतर ट्रैफिक प्लान है तो वह पुलिस प्रशासन से साझा करे। क्योंकि सरकार भी चाहती है कि ब्रज दर्शन को आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को कोई परेशानी न हो, बल्कि वह आनंदित महसूस कर यहां से जाये।

सीईओ नीरज अग्रवाल ने शेरो-शायरी के माध्यम से विद्यार्थियों को मोटीवेट किया। उन्होंने कहा कि क्लास रूम से शिक्षा के अलावा विद्यार्थी को और कुछ नहीं मिलेगा। शिक्षा से विद्यार्थी इंजीनियर, मैनेजर, वाइस प्रेसीडेंट आदि पद पा सकता है, लेकिन शानदार व्यक्तित्व के लिए ऐसे कार्यक्रमों में प्रतिभाग करना जरूरी है। विद्यार्थी के जीवन में हर दिन स्पंदन होना चाहिए। क्योंकि कामयाब बनने के लिए काॅलेज लाइफ ही मिलती है।

कार्यक्रम में अतिथियों के संबोधन के बाद स्पंदन 23‘‘ के अन्तर्गत कहीं बाॅलीवुड और देशभक्ति गीतों पर मस्ती और आनन्द में झूमते छात्र, कहीं अपने सुमधुर स्वर की मिठास से कार्यक्रम को सराबोर करते छात्राएं और इन सभी के बीच विद्यार्थियों के खिलते चेहरे कार्यक्रम के प्रति उनकी उत्सुकता दर्शा रहे थे। आयोजन की विषेशता विद्यार्थियों द्वारा अपनी क्षमतानुसार टीम भावना के साथ की गयी सम्पूर्ण कार्यक्रमो की प्रबन्धन शैली रहीं, जो यह उनकी कुशाग्रता, क्षमता व प्रोफेशनलिज्म को दर्शा रहा था।

इसके बाद सत्र 2021-22 के बीकाॅम (ऑनर्स), बीएड, बीएससी (ऑनर्स) कैमिस्ट्री, बीफार्म, बीएससी (ऑनर्स) एग्रीकल्चर, बीएससी (ऑनर्स) बायोटेक्नोलाॅजी, बीएससी (ऑनर्स) फिजिक्स, बीए एलएलबी (ऑनर्स), बीबीए (ऑनर्स), बीबीए, बीसीए, बीटेक, डीफाॅर्म, एमबीए, एमबीए (एफएमबी), एमसीए एवं पाॅलीटेक्निक डिप्लोमा के 104 विद्यार्थियों को मेरिट सर्टिफिकेट प्रदान किए।

डीप्टी डीन स्टूडेंट वेलफेयर डाॅ. हिमांशु शर्मा ने बताया कि दो दिवसीय इस वार्षिकोत्सव में कलर्स ऑफ़ इंडिया, ड्रामा कॉम्पटीशन, सिंगिंग काॅम्पटीशन, बैटल ऑफ़ बैंड्स, कृतिकला एंड ब्रश्स्टरॉक, मास्टर चीफ, नेल आर्ट एंड मेंहदी, बैटल ऑफ़ डांस, फैशन शो, सांझ आदि रंगारंग कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम में प्रत्येक विभाग के विद्यार्थियों ने अपने हुनर को निखारने के लिए प्रतिभाग किया है। निनाद ग्रुप के संयोजक डाॅ. विवेक मेहरोत्रा एवं विभिन्न विभागों के शिक्षक एवं शिक्षिकाओं सहित छात्र-छात्राओं का सहयोग सराहनीय रहा।

कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि एसएसपी शैलेश कुमार पांडेय को कुलपति प्रो. फाल्गुनी गुप्ता, सीईओ नीरज अग्रवाल ने स्मृति चिन्ह् भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम का संचालन बीटेक की छात्रा दिव्यांशी, बीबीए की सलोनी, बीकाॅम की महक एवं बीफार्म की शिवांगी ने किया।

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *