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‘दबदबा तो है…दबदबा तो रहेगा’, WFI चुनाव में संजय सिंह की जीत के बाद यौन शोषण के आरोपी बृजभूषण का दावा

  • बृज भूषण ने आगे कहा, ‘एक संदेश दिया गया है। देश का हर अखाड़ा पटाखे फोड़ रहा है। दबाब था, दबाब रहेगा! मैं सरकार को धन्यवाद देना चाहता हूं

नई दिल्ली : रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (WFI) का नया अध्यक्ष संजय सिंह को चुना गया है। वह पूर्व पूर्व अध्यक्ष और खिलाड़ियों के यौन शोषण के आरोपी बृजभूषण शरण सिंह के करीबी हैं। संजय सिंह के अध्यक्ष चुने जाने के बाद बृजभूषण के खिलाफ आंदोलन करने वाले पहलवानों ने नाराजगी व्यक्त की है। वहीं ओलंपिक मेडलिस्ट पहलवान साक्षी मलिक ने कुश्ती से संन्यास ले लिया है।

चुनाव के बाद बृजभूषण शरण सिंह ने दावा किया कि दबदबा तो रहेगा। बृजभूषण ने कहा, ‘मैं इस जीत का श्रेय देश के पहलवानों और WFI के सचिव को देना चाहता हूं और मुझे उम्मीद है कि नई फेडरेशन के गठन के बाद कुश्ती प्रतियोगिताएं फिर से शुरू होंगी। बृज भूषण ने आगे कहा, ‘एक संदेश दिया गया है। देश का हर अखाड़ा पटाखे फोड़ रहा है। दबाब था, दबाब रहेगा! मैं सरकार को धन्यवाद देना चाहता हूं। साथ ही चुनाव सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर हुए थे… केंद्र यह सुनिश्चित करने के लिए आगे बढ़ा कि चुनाव हो और एक गैर-पक्षपाती व्यक्ति को अध्यक्ष चुना जाए।’

उन्होंने कहा, ‘कुश्ती पर 11 महीने का यह ‘ग्रहण’ खत्म हो गया है। 10 दिनों के भीतर, कुश्ती का परिदृश्य फिर से बदल जाएगा और हम ओलंपिक में वैसा ही प्रदर्शन करेंगे जैसा लोग चाहते हैं।’ राष्ट्रमंडल खेलों की गोल्ड मेडलिस्ट अनीता श्योरण को 47 में से 40 वोटों को हासिलकर संजय सिंह की जीत ने विवाद खड़ा कर दिया है।

अध्यक्ष, कोषाध्यक्ष, महासचिव और वरिष्ठ उपाध्यक्ष सहित 15 पदों के लिए चुनाव हुए। ओलंपियन बजरंग पुनिया, साक्षी मलिक और विनेश फोगाट के नेतृत्व में पहलवानों के एक समूह द्वारा लंबे आंदोलन के बाद WFI के पूर्व प्रमुख बृज भूषण शरण सिंह को पद से हटा दिया गया था। पुनिया और मलिक ने हाल ही में खेल मंत्री अनुराग ठाकुर से मुलाकात की थी और बृजभूषण के सहयोगी को अध्यक्ष पद के लिए चुनाव लड़ने से रोकने के तरीके मांगे थे लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।

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