- जीएलए के केन्द्रीय पुस्तकालय ने ऑनलाइन डाटाबेस पर कार्यशाला आयोजित की
दैनिक उजाला डेस्क, मथुरा : जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा के केंद्रीय पुस्तकालय द्वारा डिजिटल रिसोर्सेस पर दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। अतिथि उपकुलपति प्रो. अनूप कुमार गुप्ता, प्रबंधन संकाय के निदेशक प्रो. अनुराग सिंह, पुस्तकालय अध्यक्ष डा. राजेश कुमार के दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यशाला का शुभारंभ किया गया।
कार्यक्रम का प्रारंभ सीएमआई डाटाबेस एक्सपर्ट सुदर्शन नेगी ने सीएमआइई प्रोवेस आईक्यू और इकोनॉमिक आउटलुक ऑनलाइन डाटाबेस पर अपना व्याख्यान दिया। श्री नेगी ने बताया कि मुंबई में स्थित सीएमआईई एक प्रमुख व्यवसायिक सूचना कंपनी है, ये भारत की व्यवसायिक अर्थव्यवस्था और निजी क्षेत्र की कंपनियो पर आधारित एक महत्वपूर्ण डेटाबेस है। उन्होंने बताया कि भारतीय अर्थव्यवस्था राज्य, उद्योग, विदेशी मुद्रा और उद्यमों के साथ-साथ विश्वव्यापी अर्थव्यवस्था सीएमआइई प्रोवेस का फोकस है। सीएमआइई डेटाबेस में राष्ट्रीय कंपनियों की जानकारी, सार्वजनिक वित्त मैट्रिक्स, धन नियंत्रण और भुगतान संतुलन सांख्यकीय डेटा शामिल है, सीएमआईई प्रोवेस और इकोनाॅमिक आउटलुक को एक्सेस करने हेतु नेगी द्वारा जानकारी दी गयी।
कार्यशाला के अगले सत्र में एमराॅल्ड इनसाइट ऑनलाइन डाटाबेस के एक्पर्ट आशुतोष शर्मा और दिशा लखनपाल ने विश्वविद्यालय के षोधार्थियों एवं शिक्षकों को एमराल्ड इनसाइट का प्रयोग एवं उससे संबंधित अन्य जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस प्लेटफॉर्म का प्रयोग करके शोधार्थी एवं शिक्षक सब्स्क्राइब ई-जर्नल्स को किस तरह एक्सेस कर सकते हैं तथा अपनी शोध की गुणवत्ता को बढ़ा सकते हैं। कार्यशाला के अगले चरण में टर्नइट-इन-डाटाबेस टूल एक्सपर्ट मनीषा शिवपुरी ने शोध की गुणवत्ता बनाये रखने हेतु एंटी प्लेगरिज्म वेबटूल टर्न-इट-इन के बारे में षोधार्थिओं को इस टूल का प्रयोग करना व उससे संबंधित अन्य जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किस प्रकार षोधार्थी अपने शोध कार्यों की समानता के साथ-साथ शोध में कितना प्रतिशत कार्य पूर्व में किए गए कार्य से समानता का रखता है के बारे मंे जानकारी ले सकते हैं।

कार्यशाला में मोटीवेशनल स्पीकर दीपक राघव ने विद्यार्थियों को आगे बढ़ने की भावना के विकास हेतु मोटीवेशनल सुझाव दिये। उन्होंने कहा कि जीवन के हर मोड़ पर कठिनाइयों से आपका सामना होगा। अगर आप उन कठिनाइयों से लड़ने के लिए मानसिक रूप से मजबूत होना चाहते हैं, तो अपने दिमाग को प्रेरित करने वाले विचारों को संचित करना होगा।
कार्यशाला में जीएलए पुस्तकालय अध्यक्ष डा. राजेश कुमार ने बताया कि आज पूरा विश्व शोध कार्यों पर जोर दे रहा है, ताकि समाज का उत्थान एवं समुचित विकास हो सके। क्योंकि किसी भी देश की शिक्षा का स्तर वहां हो रहे शोध कार्य एवं उसकी उत्पादकता से ही लगाया जा सकता है। इसलिए यूजीसी शोध कार्यों के लिए ज्यादा से ज्यादा अनुदान प्रदान कर रही है। शोध कार्यों में सीएमआइई डेटाबेस, ई-जर्नल्स के साथ-साथ टर्न-इट-इन बहुत ही उपयोगी टूल है। उपकुलपति प्रो. अनूप कुमार गुप्ता ने कहा कि आज के प्रतियोगात्मक जगत में न केवल दूसरों के शोध की मौलिकता जांच लेना आवश्यक है, बल्कि स्वयं के शोध का भी दुरूपयोग रोकना महत्वपूर्ण है। तकनीकी के बिना इतने विशाल ज्ञान भंडार में ये देख पाना कि जो शोध शोधार्थी लिख रहे हैं, उसमें कितनी मौलिकता है ये पता करना अब संभव हो गया है। यह तकनीक अब विश्वविद्यालय की मूलभूत आवश्यकताओं में से एक है। यहां तक कि विद्यार्थियों के असाइंमेंट भी इस टूल से जांचे जाते हैं।
प्रबंधन संकाय के निदेषक प्रो. अनुराग सिंह ने कहा कि एक पुस्तकालय विद्यार्थी जीवन में अहम स्थान रखता है। छात्रों को अपने विकास के लिए पुस्तकों को एक अच्छे मित्र की तरह प्रयोग करना चाहिए। वर्कशॉप में आए सभी अतिथियो का डिप्टी लाइब्रेरियन डा. शिव सिंह ने धन्यवाद ज्ञापित किया। इस दौरान विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, शिक्षकगण, शोधार्थी, छात्र एवं समस्त लाइब्रेरी स्टाफ उपस्थित रहा।
जीएलए के सीएसईडी में हुआ शिक्षक-छात्र कनेक्ट प्रोग्राम
दैनिक उजाला डेस्क, मथुरा : जीएलए विश्वविद्यालय के कौशल विकास केंद्र (सीएसईडी) में बिल्डिंग ब्रिजेज ग्रासरूट स्तर पर प्रभावी शिक्षा के लिए शिक्षा कायाकल्प एवम् रोटरेक्ट क्लब जीएलए के तत्वाधान में शिक्षक-छात्र कनेक्ट नामक एक वर्कशॉप सफलतापूर्वक आयोजित की गई। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों और शिक्षको के बीच एक ऐसे संबंध को स्थापित करना रहा, जो हमें हमारी वैदिक गुरुकुल सभ्यता सिखाती है। इस वर्कशॉप की मुख्य वक्ता यूरोकिड्स मथुरा की संस्थापक डा. निधि शर्मा द्वारा किया गया। इस कार्यक्रम में 25 स्वयंसेवक जो कि ग्रामीण स्तर के प्राथमिक विद्यालयों में बच्चों की षिक्षा गुणवत्ता को उच्चारित करने में जुटे शिक्षकों ने प्रतिभाग किया। वर्कशॉप का शुभारम्भ रोटरी डीजीएन नीरव निमेश अग्रवाल द्वारा किया। इस कार्यक्रम के आयोजक जीएलए सीएसईडी एवं रोटरेक्ट क्लब के प्रेसीडेंट पुष्कर शर्मा रहे। कार्यक्रम के समन्वय का कार्य राहुल अरोड़ा और गौरव शर्मा द्वारा किया गया।


