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हरियाणा- KG की बच्ची को PGI से छुट्टी मिली:चाचा की गोद में खेलती नजर आई; पीटने वाला छात्र ऑब्जर्वेशन होम में

पंचकूला : पंचकूला के सरकारी स्कूल में मारपीट के दौरान घायल हुई KG की बच्ची को बुधवार सुबह चंडीगढ़ PGI से डिस्चार्ज कर दिया गया। बच्ची फिलहाल अपने चाचा के फ्लैट पर रहेगी। वहां पहुंचने पर उसका फूल मालाओं और गुब्बारों से स्वागत किया गया।

बच्ची की एक फोटो भी सामने आई है जिसमें वह अपने चाचा की गोद में खेलती नजर आ रही है। चाचा ने बताया कि डॉक्टरों की टीम ने मंगलवार शाम को ही बच्ची को पूरी तरह स्वस्थ बताते हुए डिस्चार्ज करने की बात कह दी थी। हालांकि, उसे खांसी-जुकाम हो गया है।

उधर, आरोपी बच्चा अंबाला ऑब्जर्वेशन होम में है। उसका मेंटल असेसमेंट टेस्ट हो चुका है। सूत्रों के मुताबिक, जांच में बच्चे का व्यवहार असामान्य (अबनॉर्मल) पाया गया। डॉक्टरों ने उसके इलाज की भी सिफारिश की। अब जल्द ही उसे दोबारा जुवेनाइल जस्टिस (JJ) बोर्ड बच्चे की मानसिक स्थिति और काउंसलर्स की रिपोर्ट की समीक्षा के बाद आगे की कार्रवाई तय करेगा।

चाचा के फ्लैट पर पहुंचने पर परिवार के लोगों ने माला और गुब्बारों से बच्ची का स्वागत किया।

चाचा के फ्लैट पर पहुंचने पर परिवार के लोगों ने माला और गुब्बारों से बच्ची का स्वागत किया।

28 अक्टूबर को क्लासरूम में 96 सेकेंड तक छात्र ने बच्ची के साथ मारपीट की थी। पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हुई।

28 अक्टूबर को क्लासरूम में 96 सेकेंड तक छात्र ने बच्ची के साथ मारपीट की थी। पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हुई।

स्कूल का कमरा नंबर-19 बंद

सरकारी स्कूल में बच्ची की पिटाई की घटना के बाद कमरा नंबर-19 को अब भी जांच के लिए रिजर्व रखा गया है। यह कमरा कक्षा 11वीं आर्ट-2 को अलॉट है, लेकिन घटना के बाद से यहां पढ़ाई बंद कर दी गई है। सीनियर विंग की दोपहर 12:15 बजे छुट्टी होने के बाद कमरे को रोजाना लॉक कर दिया जाता है। घटना के तुरंत बाद कमरे वीडियोग्राफी भी करवाई गई थी। जांच टीम के निर्देश पर इसे अभी तक रिजर्व रखा गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर दोबारा साक्ष्य जुटाए जा सकें।

प्रिंसिपल-स्टाफ से 5 घंटे तक पूछताछ

स्कूल में आरोपी छात्र के व्यवहार को लेकर प्रशासन ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, जिला परियोजना समन्वयक और उप जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी की टीम मंगलवार को स्कूल पहुंची थी। यहां करीब 5 घंटे तक सस्पेंडेड प्रिंसिपल और स्टाफ से पूछताछ की गई।

जांच टीम के साथ एक साइकेट्रिस्ट भी मौजूद रहीं। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की गई कि अप्रैल 2024 में छात्र का दाखिला होने के बाद से अब तक उसके व्यवहार में क्या बदलाव आए। साथ ही, यह भी पूछा गया कि क्या स्कूल प्रबंधन ने उसके व्यवहार को लेकर कभी परिवार से बातचीत की थी।

बच्ची की पढ़ाई का खर्च उठाएंगे समाजसेवी

बच्ची की मदद के लिए समाजसेवी अनिल थापर आगे आए हैं। उन्होंने बच्ची की शिक्षा पूरी होने तक उसका पूरा खर्च उठाने का ऐलान किया है।

अनिल थापर ने बताया कि बच्ची पढ़ाई में होशियार होने के साथ खेलकूद में भी सक्रिय और प्रतिभाशाली है। वीडियो कॉल के जरिए बच्ची से बातचीत हुई है। इसके अलावा PGI में उसके पिता से भी मुलाकात कर चुके हैं।

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