- CJI चंद्रचूड़ ने अपनी बेटियों की दुर्लभ बीमारी Nemaline Myopathy पर बात की। यह जन्मजात और लाइलाज बीमारी 50,000 में से किसी एक को होती है
नई दिल्ली : हाल ही में देश के पूर्व मुख्य न्यायाधीश (CJI) डी वाई चंद्रचूड़ ने एक भावुक पल में अपनी दोनों बेटियों की दुर्लभ बीमारी के बारे में खुलकर बात की। उनकी बेटियां, प्रियंका और माही Nemaline Myopathy नाम की एक जन्मजात और असाध्य बीमारी से जूझ रही हैं। यह बीमारी इतनी दुर्लभ है कि दुनिया में 50,000 में से किसी एक को होती है। आइए, जानते हैं क्या है यह बीमारी और क्यों इतनी खतरनाक है।
क्या है नेमालाइन मायोपैथी? (What is Nemaline Myopathy)
नेमालाइन मायोपैथी एक दुर्लभ आनुवंशिक विकार (जेनेटिक डिसऑर्डर) है जो सीधे हमारे शरीर की मांसपेशियों को प्रभावित करता है। इसमें मांसपेशियों के रेशों (फाइबर) के अंदर धागे जैसी असामान्य संरचनाएं बन जाती हैं, जिन्हें ‘रॉड बॉडी’ कहा जाता है। ये संरचनाएं मांसपेशियों को कमजोर कर देती हैं, जिससे उनका सामान्य कामकाज प्रभावित होता है। इसी वजह से इसे ‘रॉड बॉडी डिजीज’ भी कहते हैं।
यह बीमारी जन्म के समय से लेकर बड़े होने तक किसी भी उम्र में अपने लक्षण दिखा सकती है, लेकिन अक्सर यह जन्मजात होती है। ज्यादातर मामलों में यह माता-पिता से मिले दोषपूर्ण जीन (जीन म्यूटेशन) के कारण होती है जबकि कुछ मामलों में यह अचानक भी हो सकती है।
उनके जीवन को सार्थक बनाने की कोशिश: चंद्रचूड़
साथ ही कहा कि माता-पिता के रूप में हम बच्चों के बिना एक साथ यात्रा करने से बचते हैं। माता-पिता के रूप में हम उनके जीवन को सार्थक, मजेदार बनाने की कोशिश करते हैं और ऐसा माहौल बनाते हैं जहां वे एक संपूर्ण जीवन जीते हैं। जब प्रियंका 44 दिनों तक आईसीयू में थी और उसके ठीक होने के दौरान कल्पना कई महीनों तक सो नहीं पाई और उसका खुद का नींद चक्र भी बाधित हो गया। उन्होंने कहा कि हम सामाजिक रूप से नहीं मिलते हैं और बच्चों के साथ घर पर खाली समय बिताना पसंद करते हैं।
इस दौरान उन्होंने बताया कि बच्चियां 11 बिल्लियों को भी पाल रही हैं। माही का जानवरों और पक्षियों से खास लगाव है। प्रियंका और माही दोनों ही सक्रिय पर्यावरणविद हैं और नैतिक जीवन जीती हैं। वे हमें शाकाहारी जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करती हैं।
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ से उनका सरकारी आवास खाली करने को कहा है। इसे लेकर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को एक पत्र भी लिखा है। इस पत्र में आग्रह किया गया है कि सरकार पूर्व सीजेआई से उनका पुराना आवास खाली करने का आग्रह करे।

