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अखिलेश यादव और कमलनाथ में नहीं बनी बात, 5 से 6 दौर की हुई थी चर्चा

भोपाल : मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी का कांग्रेस के साथ गठबंधन नहीं होने पर सिसायी बयानबाजी जारी है। दोनों दल एक दूसरे पर जुबानी हमले कर रहे हैं। वहीं अखिलेश यादव के बयान से अब स्पष्ट होने लगा है कि INDIA गठबंधन में पहली दरार पड़ गई है। हालांकि इससे पहले दोनों दलों में काफी लंबी बातचीत चली, लेकिन उसके बाद भी बात नहीं बन पाई है।

अखिलेश ने गुरुवार को कांग्रेस पर धोखा देने का आरोप लगाते हुए सीटों के बंटवारे में कमलनाथ से लेकर दिग्विजय सिंह तक की भूमिका पर सवाल उठाए थे। शुक्रवार को जब कमलनाथ से सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा, ‘छोड़िए अखिलेश-वखिलेश को, हम एमपी में सरकार बना रहे हैं।’ वहीं, अखिलेश ने शाहजहांपुर में कहा कि कांग्रेस नेताओं को टिप्पणी करने से पहले सोचना चाहिए। कांग्रेस इसी तरह से व्यवहार करेगी कौन उनके साथ खड़ा होगा? बीजेपी आर्गनाइज्ड दल है। उससे मुकाबले के लिए कोई कन्फ्यूजन किसी दल के अंदर नहीं होनी चाहिए। अगर आप बीजेपी से कन्फ्यूजन के साथ चुनाव लड़ेंगे तो कभी कामयाब नहीं होंगे।

सपा-कांग्रेस की लड़ाई में भाजपा भी चुटकी ले रही है। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि अखिलेश सपा मुखिया है, एमपी कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ का उनको ‘अखिलेश-वखिलेश’ कहना उचित नहीं है। उनका नाम सम्मान से लिया जाना चाहिए। साथ ही, एमपी के सीएम शिवराज सिंह चौहान भी विपक्षी गठबंधन के बीच छिड़ी लड़ाई पर चुटकी ले चुके हैं।

अखिलेश ने अजय राय पर गुरुवार को निजी टिप्पणी की थी। इस पर शुक्रवार को आया अजय राय का जवाब भी निजी हो गया। उन्होंने कहा कि अखिलेश के बारे में सुना है कि सैनिक स्कूल और ऑस्ट्रेलिया की पढ़ाई की है, लेकिन उनकी भाषा समाजवादी संस्कार की नहीं है। जिसने अपने पिता का सम्मान नहीं किया, उनके लिए हमारे जैसे आम लोग क्या हैं? सपा और अखिलेश, बीजेपी से मिले हैं।

दूसरी ओर सपा के राज्यसभा सांसद जावेद अली ने तंज किया कि ‘कमल’नाथ ने मुख्यमंत्री रहते 30 में से 29 स्थानों पर कमल को जितवाया था 2019 में’। जबकि, सपा प्रवक्ता फखरूल हसन चांद ने अजय राय को ‘गुंडा’ बताया है।

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