Breaking
Wed. Mar 4th, 2026

प्रदर्शनकारी को आज सरेआम फांसी दे सकता है ईरान:ट्रम्प की धमकी- ऐसा किया तो कड़ी कार्रवाई करेंगे; ईरान ने ट्रम्प-नेतन्याहू को हत्यारा बताया

तेहरान/वॉशिंगटन डीसी : ईरान में जारी हिंसक विरोध प्रदर्शन का आज 18वां दिन है। इस बीच प्रदर्शन में शामिल होने पर 26 साल के इरफान सुलतानी को आज फांसी दी जा सकती है। द गार्डियन के मुताबिक उन्हें 8 जनवरी को गिरफ्तार किया गया था।

ईरान सरकार ने 11 जनवरी को हिंसा भड़काने के मामले में दोषी पाए जाने के बाद उन्हें मौत की सजा सुनाई। मामले में आगे कोई ट्रायल नहीं होगा, परिवार को सिर्फ 10 मिनट के लिए आखिरी मुलाकात का मौका मिलेगा।

डोनाल्ड ट्रम्प ने मंगलवार को कहा कि अगर ईरान में अधिकारी सरकार के खिलाफ विद्रोह पर कार्रवाई में लोगों को फांसी देना शुरू करते हैं तो अमेरिका कड़ा जवाब देगा। वहीं, ईरान के राष्ट्रीय सुरक्षा प्रमुख अली लारिजानी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और इजराइली PM नेतन्याहू को ईरान में लोगों का हत्यारा बताया।

इरफान सुलतानी (फाइल फोटो)।

इरफान सुलतानी (फाइल फोटो)।

द गार्डियन की रिपोर्ट के मुताबिक, चीन के बाद ईरान दुनिया में सबसे अधिक लोगों को फांसी देने वाला देश है। नॉर्वे स्थित ईरान मानवाधिकार समूह के मुताबिक, पिछले साल ईरान ने कम से कम 1,500 लोगों को फांसी दी।

सुल्तानी पर सरकार के खिलाफ जंग भड़काने का आरोप

सुल्तानी पर मोहरेबेह (भगवान के खिलाफ युद्ध छेड़ना) का आरोप लगाया गया है। यह ईरानी कानून में सबसे गंभीर अपराधों में से एक है, जिसकी सजा मौत (फांसी) होती है।

यह आरोप आमतौर पर उन लोगों पर लगाया जाता है, जो सरकार के खिलाफ विद्रोह या जंग भड़काने के दोषी माने जाते हैं। सुल्तानी को ट्रायल, वकील या अपील का मौका नहीं दिया गया। गिरफ्तारी के बाद परिवार को बताया गया कि उन्हें मौत की सजा सुनाई गई है और 14 जनवरी को इसे अमल में लाया जाएगा।

मानवाधिकार संगठन और एक्साइल एक्टिविस्ट्स का कहना है कि यह फास्ट-ट्रैक एक्जीक्यूशन (रैपिड/शो ट्रायल) का हिस्सा है। सरकार का मकसद डर फैलाकर बाकी हजारों प्रदर्शनकारियों (10,000+ गिरफ्तार) को चुप कराना है। यह विरोध प्रदर्शन के दौरान पहली फांसी होगी।

ट्रम्प ने प्रदर्शनकारियों को इमारतों पर कब्जा करने की सलाह दी है

प्रदर्शनों के बीच ट्रम्प ने ईरान में लोगों को सरकारी इमारतों पर कब्जा करने की सलाह दी है। उन्होंने मंगलवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा-

QuoteImage

ईरान के देशभक्त प्रदर्शन करते रहें और अपनी संस्थाओं को अपने कब्जे में लें। मदद रास्ते में हैं। जो लोग प्रदर्शनकारियों की हत्या कर रहे हैं, उनके नाम नोट कर लो। उन्हें इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।QuoteImage

ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट न्यूज एजेंसी के मुताबिक ईरान के सभी 31 प्रांतों में 600 से ज्यादा प्रदर्शन हुए हैं। CNN के मुताबिक अब तक ईरान में मरने वालों की संख्या 2400 से ज्यादा हो गई है।

इटली के रोम में ईरान के देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों के समर्थन में उतरी एक महिला।

इटली के रोम में ईरान के देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों के समर्थन में उतरी एक महिला।

दावा- ईरान में अब तक 12 हजार लोगों की हत्या

दूसरी ओर ईरान से जुड़े मामलों को कवर करने वाली ब्रिटिश वेबसाइट ईरान इंटरनेशनल का दावा है कि ईरान में बीते 17 दिनों में 12 हजार प्रदर्शनकारियों की हत्या कर दी गई।

वेबसाइट ने इसे ईरान के आधुनिक इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा हत्याकांड बताया है। वहीं, रॉयटर्स न्यूज एजेंसी ने ईरानी अधिकारियों के हवाले से मरने वालों की संख्या 2000 बताई है।

वेबसाइट का कहना है कि यह जानकारी कई सोर्सेज पर आधारित है। इस डेटा की कई लेवल पर जांच की गई और सख्त प्रोफेशनल स्टैंडर्ड के मुताबिक पुष्टि के बाद ही इसे जारी किया गया। ज्यादातर मारे गए लोग 30 साल से कम उम्र के थे।

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ज्यादातर हत्याएं ‘रेवोल्यूशनरी गार्ड्स’ और ‘बसीज फोर्स’ ने गोली मारकर की हैं और ये सब सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के आदेश पर हुआ। दावा किया गया है कि अधिकतर हत्याएं 8 और 9 जनवरी की रात को हुईं। सरकार इंटरनेट और कम्युनिकेशन को ठप कर अपने अपराध दुनिया से छिपा रही है।

वहीं, भारत दौरे पर आए जर्मनी के चांसलर फेडरिक मर्त्ज ने मंगलवार को कहा कि ईरान में सरकार का खेल खत्म हो चुका है। ब्रिटिश वेबसाइट ईरान इंटरनेशनल ने ईरान में पिछले 17 दिन में 12 हजार लोगों के मारे जाने का दावा किया है।

ब्रिटिश वेबसाइट ईरान इंटरनेशनल ने ईरान में पिछले 17 दिन में 12 हजार लोगों के मारे जाने का दावा किया है।

ब्रिटिश वेबसाइट ईरान इंटरनेशनल ने ईरान में पिछले 17 दिन में 12 हजार लोगों के मारे जाने का दावा किया है।

प्रदर्शनकारियों का फ्यूनरल आज

ट्रम्प ने यह भी कहा कि उन्होंने ईरान के अधिकारियों के साथ होने वाली सभी बैठकों को रद्द कर दिया है। जब तक प्रदर्शनकारियों की हत्याएं बंद नहीं होतीं, तब तक कोई बातचीत नहीं होगी।

वही, ईरान की तस्नीम न्यूज एजेंसी के मुताबिक बुधवार को विरोध प्रदर्शनों में मारे गए लोगों और सुरक्षाकर्मियों का अंतिम संस्कार तेहरान यूनिवर्सिटी में किया जाएगा।

ट्रम्प ने ईरान पर मिलिट्री एक्शन का प्लान होल्ड पर डाला था

ट्रम्प ने मंगलवार सुबह ईरान के खिलाफ मिलिट्री कार्रवाई का प्लान फिलहाल होल्ड पर रख दिया था। हालांकि, अमेरिकी सेना को तैयार रहने के लिए कहा गया था, ताकि आदेश मिलते ही तुरंत एक्शन लिया जा सके।

न्यूज एजेंसी AP के मुताबिक ट्रम्प का कहना था कि ईरान के अधिकारी व्हाइट हाउस से बातचीत करना चाहते हैं। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा था कि ईरान की ओर से सार्वजनिक तौर पर जो बातें कही जा रही हैं, वे उन प्राइवेट मैसेजेस से अलग हैं जो अमेरिकी प्रशासन को मिल रहे हैं।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति इन मैसेजेस को समझना चाहते हैं, लेकिन अगर जरूरत पड़ी तो वे सैन्य कार्रवाई करने से नहीं हिचकिचाएंगे। हालांकि, उन्होंने ये नहीं बताया कि ये मैसेज किस तरह के हैं।

व्हाइट हाउस ने ईरान से बातचीत की कोशिशों पर भी ज्यादा जानकारी नहीं दी, लेकिन यह बताया कि राष्ट्रपति के विशेष प्रतिनिधि स्टीव विटकॉफ ईरान से संपर्क में अहम भूमिका निभाएंगे।

ईरान से व्यापार करने वालों पर 25% एक्स्ट्रा टैरिफ लगाएंगे ट्रम्प

वहीं, ट्रम्प ने ईरान के साथ कारोबार करने वाले देशों पर 25% एक्स्ट्रा टैरिफ लगाने का ऐलान किया है। ट्रम्प ने सोमवार रात ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर बताया कि यह फैसला तत्काल प्रभाव से लागू होगा।

हालांकि, व्हाइट हाउस की तरफ से इस टैरिफ को लेकर आधिकारिक दस्तावेज जारी नहीं किया गया है। यह फैसला ऐसे वक्त में लिया गया है, जब ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शन जारी हैं।

दूसरी तरफ ईरान की करेंसी रियाल की वैल्यू अब लगभग जीरो के बराबर पहुंच चुकी है। भारतीय मुद्रा में 1 रियाल की कीमत सिर्फ 0.000079 रुपए रह गई है।

ईरान पर अमेरिका पहले ही कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगा चुका है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक ईरान से व्यापार करने वाले प्रमुख देशों में चीन, संयुक्त अरब अमीरात और भारत शामिल हैं। टैरिफ लागू होने पर इन देशों का अमेरिका के साथ व्यापार पर असर पड़ सकता है।

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *