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ईरान को ₹2.5 लाख करोड़ देने की तैयारी में अमेरिका:सिविल न्यूक्लियर प्रोग्राम में इन्वेस्टमेंट करेगा; कई प्रतिबंधों में राहत भी देगा

तेहरान/तेल अवीव : अमेरिका, ईरान को उसके सिविल एनर्जी प्रोडक्शन न्यूक्लियर प्रोग्राम को विकसित करने में मदद करने पर विचार कर रहा है। CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका ने ईरान को 30 अरब डॉलर (करीब 2.5 लाख करोड़ रुपए) के निवेश का प्रस्ताव दिया है, जिसके तहत ईरान यूरेनियम का संवर्धन किए बिना सिविल एनर्जी के लिए परमाणु कार्यक्रम शुरू कर सकता है।

इस डील के तहत ईरान को कुछ प्रतिबंधों से भी छूट मिल सकती है और उसे विदेशी बैंकों में जमा 6 अरब डॉलर तक की राशि तक पहुंच मिल सकती है, जिस पर फिलहाल प्रतिबंध है।

सिविल एनर्जी प्रोडक्शन न्यूक्लियर प्रोग्राम ऐसा परमाणु कार्यक्रम होता है जिसका इस्तेमाल सिर्फ बिजली या ऊर्जा बनाने के लिए किया जाता है, न कि हथियार बनाने के लिए। इसमें न्यूक्लियर पावर प्लांट बनाए जाते हैं जो परमाणु रिएक्शन का उपयोग कर बिजली पैदा करते हैं। इसका सैन्य उद्देश्यों या हथियारों से कोई लेना-देना नहीं होता।

यह कदम अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता शुरू करने की कोशिश का हिस्सा बताया जा रहा है। 20 जून को व्हाइट हाउस में अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ और खाड़ी देशों के नेताओं के बीच एक सीक्रेट मीटिंग हुई। इसमें प्रस्ताव पर चर्चा हुई।

अमेरिका का कहना है कि वह इस कार्यक्रम के लिए सीधे पैसे नहीं देगा, बल्कि उम्मीद है कि खाड़ी के दूसरे देश इसमें निवेश करेंगे।

ईरानी विदेश मंत्री बोले- न्यूक्लियर ठिकानों को भारी नुकसान हुआ

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने गुरुवार शाम को स्वीकार किया कि हाल ही में अमेरिका और इजराइल की बमबारी से देश के परमाणु ठिकानों को गंभीर नुकसान हुआ है। उन्होंने बताया कि ईरान की न्यूक्लियर एनर्जी संगठन नुकसान का आकलन कर रहा है।

हालांकि, इससे कुछ घंटे पहले ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई ने दावा किया था कि हमलों से देश के न्यूक्लियर प्रोग्राम पर कोई असर नहीं पड़ा।

खामेनेई ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के उस बयान का जवाब देते हुए यह बात कही, जिसमें ट्रम्प ने कहा था कि बमबारी ने ईरान के तीन एटमी ठिकानों को पूरी तरह तबाह कर दिया। खामेनेई ने कहा कि अमेरिकी हमले कुछ खास हासिल नहीं कर पाए।

विदेश मंत्री अराघची ने यह भी कहा कि अमेरिका के साथ न्यूक्लियर वार्ता दोबारा शुरू करने की कोई योजना नहीं है। इजराइल के हमलों के बाद ईरान ने छठे दौर की वार्ता रद्द कर दी थी।

इजराइली सेना बोली- ईरान के खिलाफ सभी टारगेट हासिल किए

इजराइली सेना (IDF) ने कहा है कि उसने ईरान के साथ 12 दिनों तक चले संघर्ष में सभी टारगेट हासिल किए हैं। सेना ने इसे ऑपरेशन राइजिंग लायन नाम दिया था। सेना ने इस ऑपरेशन को साहसी, सटीक और सफल बताया है।

आधिकारिक बयान में कहा गया है कि, “12 दिनों के भीतर हमने लक्ष्य पूरे किए और ईरान के अंदर गहराई तक हमला किया। इससे ईरान का सैन्य परमाणु कार्यक्रम, बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता और इजराइल के खिलाफ साजिश रचने वाले प्रमुख लोगों को खत्म कर दिया गया।”

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