नई दिल्ली : कर्नाटक विधानसभा चुनाव 2023 के लिए 10 मई को वोटिंग होगी। कर्नाटक में चुनाव प्रचार जोरों पर है। कांग्रेस के लिए एक बड़ी खबर है। कांग्रेस को कर्नाटक चुनाव में एक बड़ी सफलता हासिल हुई। कर्नाटक वीरशैव लिंगायत फोरम ने कांग्रेस को समर्थन देने का ऐलान किया। एक आधिकारिक पत्र जारी कर लिंगायत समुदाय के लोगों से कांग्रेस को वोट देने का आग्रह किया है।
कांग्रेस की लिंगायत समुदाय को रिझाने की कोशिश सफल रही है और भाजपा के लिए एक बड़ा झटका रहा। कांग्रेस ने 165 उम्मीदवारों में से लिंगायत समुदाय के सदस्यों को 30 और वोक्कालिगा समुदाय के सदस्यों को 24 टिकट आवंटित किए हैं। पार्टी के इस फैसले का उस पर काफी साकारात्मक प्रभाव देखने को मिल सकता है।
2018 में, लिंगायत समुदाय के लोगों द्वारा एक अलग धर्म की मांग की गई थी, जिसके लिए उन्होंने आंदोलन भी किया था। इस आंदोलन को कांग्रेस का पूरा समर्थन मिला था। साथ ही, उस दौरान पार्टी ने इस समुदाय के सदस्यों को 42 सीटें दी थीं।
कर्नाटक राज्य में लिंगायत समुदाय का दबदबा है। कित्तूर कर्नाटक क्षेत्र लिंगायत बहुल इलाका है, यहां से 50 विधायक चुने जाते हैं। यही मुख्य वजह है कि, लिंगायत समुदाय के लोग किंगमेकर की भूमिका में होते हैं। इस क्षेत्र में 7 जिले आते हैं, जिनमें बागलकोट, धारवाड़, विजयपुरा, बेलगावी, हावेरी, गडग और उत्तर कन्नड़ शामिल हैं।

