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Wed. Mar 4th, 2026

भाजपा विधायक DSP से बोले- हाथ जोड़ता हूं, पैर पड़ लेता हूं; कहा- विधायक की ही नहीं सुनी जा रही

बांसवाड़ा : गढ़ी विधानसभा से भाजपा विधायक कैलाश मीणा ने युवक-युवती के सुसाइड केस और भू-माफिया पर लंबित पड़े मामले को लेकर थाने के सामने धरना दे दिया। गढ़ी थाना CI रोहित कुमार पर आरोप लगाया कि थानों में बजरी और भूमाफियाओं को बैठाए रखते हैं। पैसे लेते हैं कार्रवाई नहीं होती है। गरीब आदिवासियों के केसों में थाने के एजेंटों के माध्यम पैसे लिए जा रहे हैं। बार-बार कहने पर भी थानाधिकारी एजेंटों के जरिए ही काम कर रहे हैं।

विधायक की नहीं सुनी जा रही, तो आम आदमी की कौन सुनेगा? सीआई ने रोहित कुमार वासु नाम के कॉन्स्टेबल को मुंशी बना रखा है एक-दो भू माफिया और बजरी माफिया से पैसे लेकर उन्हें दलाल बना दिया है।

मामले की सूचना पर गढ़ी DSP सुदर्शन पालीवाल भी गढ़ी थाना पहुंचे। वे विधायक को अंदर ले गए। इसके बाद विधायक भड़क गए और DSP के सामने CI से कहा कि आपने थाने को धर्मशाला बना दी। ढंग से नौकरी करो, नहीं तो कपड़े उतरवा दूंगा।

वहीं नाराज विधायक पेंडिंग केस में कार्रवाई को लेकर DSP के पैर पड़ने लगे। उनसे कहा- आप नहीं आते तो आज इनको बिना कपड़ों के घर जाना पड़ता।

मामला बांसवाड़ा की गढ़ी विधानसभा का शनिवार शाम का गढ़ी थाना इलाके का है। इस पूरी घटना का एक वीडियो भी सामने आया है।

किस बात को लेकर भड़के थे विधायक

  • 31 मई को गेमन पुल के पास गढ़ी के पूर्व मंडल अध्यक्ष शांतिलाल लबाना के पोते और एक युवती फंदे से लटके मिले थे। आरोप था कि दोनों को आत्महत्या के लिए पुलिस ने उकसाया है। आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से विधायक नाराज थे।
  • बेड़वा पंचायत में वर्ष 2022 में पटवारी निखिल गरासिया ने पीड़ित पवन बामनिया की दादी के नाम की जमीन धोखे से भैरा पुत्र रावजी निवासी मड़कोला के नाम कर दी। एक साल बाद भैरा ने भू-माफिया तनुज पंड्या के माध्यम से थावरचंद, राहुल पुलिसकर्मी और वीरचंद के नाम करवा दी। जबकि दादी की मौत 2020 में हो चुकी थी। 2022 में उनके नाम से अंगूठा लगवाया गया। पीड़ित के पास मृत्यु प्रमाण पत्र भी है। कई बार थानाधिकारी से शिकायत की, लेकिन मुकदमा दर्ज नहीं हुआ। उल्टा थावरचंद ने झूठा केस दर्ज करवा दिया और पीड़ित को दिनभर थाने में बैठाए रखा।
विधायक शनिवार शाम को गढ़ी थाने के बाहर बैठ गए।

विधायक शनिवार शाम को गढ़ी थाने के बाहर बैठ गए।

थाने के अंदर जाने के बाद विधायक ने CI पर घूसखोरी के आरोप लगाए।

थाने के अंदर जाने के बाद विधायक ने CI पर घूसखोरी के आरोप लगाए।

अब पढ़िए थाने में हुई बातचीत

थाने के अंदर पहुंचने के बाद विधायक मीणा ने DSP से कहा- थानाधिकारी ने दलालों के चक्कर में कार्रवाई नहीं की। मैंने फोन किया उसके बावजूद थानाधिकारी क्यों नहीं गया, इसको मेरे सामने पूछो डिप्टी साहब ? थाने को धर्मशाला बना रखी है। गजब कर रहे हो डिप्टी साहब, मैं आपकी इज्जत कर रहा हूं, फिर भी आप इसको कुछ नहीं कर रहे हो।

डिप्टी- हम कार्रवाई जरूर करेंगे।

विधायक- मैं आपके हाथ जोड़ रहा हूं, आपके पांव पड़ रहा हूं। आप (CI) दूसरी जमीन पर मुकदमे दर्ज कर दलाली करते हो, यह तो इसके मूल खाते की जमीन है, अब तक कार्रवाई क्यों नहीं की।

तनुज के खिलाफ 420 की रिपोर्ट कब दर्ज हुई। डिप्टी साहब मंगवाओ अभी। तनुज के खिलाफ कार्रवाई की क्या? यह बताओ नहीं तो मैं वापस दरवाजे पर जाकर धरने पर बैठ जाता हूं।

सीआई- आपके कार्यकर्ता को पता है।

विधायक- हमारे कार्यकर्ता को पता नहीं, आपको एजेंट ने पैसे दिए तो आप इन्हें क्या कह रहे हैं कि इसमें तो एफआर लगेगी।

डिप्टी- किस मामले की बात है।

विधायक- डिप्टी साहब आप नहीं होते तो इसको (थानाधिकारी) बिना कपड़े के घर जाना पड़ता।

(बीच में कोई कार्यकर्ता विधायक से कहता है कि आप शांति रखो। तो विधायक गुस्से में कहते हैं कि कायकी शांति रखूं… इस बेवकूफ की।)

डिप्टी- एमएलए साहब आप शांति रखो।

विधायक– मैं जितना सीधा, उतना खराब भी हूं। आप‌के (थानाधिकारी) कपड़े उतारकर घर भेज सकता हूं।

विधायक- ये दलालों का काम करेगा या हमारा काम करेगा। मैं इतनी उम्र का आदमी हूं, क्या रोज रोता फिरूंगा। तुम्हें शर्म नहीं आती। मैं रोड पर सो जाऊंगा वर्दी उतारकर छोडूंगा। दलालों का थाना है? अरे तनुज के खिलाफ क्या कार्रवाई की, इतना तो बता दो मुझे। उसके खिलाफ कार्रवाई ही नहीं की, कुछ कागज हो तो मंगवाओ तो सही मेरे श्रीमान।

सीआई- मेरी बात सुनो।

विधायक- क्या कर देता, मुकदमा कर देता मुझ पर।

(बीच-बीच में सीआई कार्रवाई करेंगे… ऐसा बोलते रहे।)

विधायक- एक घंटे तक धरने पर बैठे। चेतावनी देते रहे, लेकिन पुलिस ने उनको यह नहीं बताया कि दोनों मामलों में अब तक क्या कार्रवाई हुई या क्यों नहीं हुई।

बोले- मैं तो थाने में बात करने गया था

मामले को लेकर गढ़ी विधायक कैलाश मीणा ने बताया कि मैं तो सिर्फ सीआई और DSP से बात करने गया था। जब वहां पहुंचा तो बाहर खड़े गनमैन ने कहा साहब घर पर हैं। तभी वहां एक हेड कांस्टेबल महिपाल था उसने बोला तू कौन है। इसके बाद मैं वहां सीढ़ियों पर ही बैठ गया कि अब मैं बताता हूं मैं कौन हूं। मैं सिर्फ कुछ केस के बारे में बात करने ही थाने गया था।

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