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पूर्व-CJI बोले-Gen-Z से जुड़ने के लिए उनके जैसा बनना होगा:JLF में गीतकार प्रसून जोशी ने कहा- AI में इंसान जैसी क्रिएटिविटी-कल्पना नहीं

जयपुर : जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल (JLF) में ‘आइडियाज ऑफ जस्टिस’ सेशन में पूर्व सीजेआई डी वाई चंद्रचूड़ ने कहा- मैं बेबी बूमर पीढ़ी का हूं। लेकिन मेरी 2 बेटी हैं, जो स्पेशल नीड्स वाली हैं और Gen-Z हैं। तो अगर मुझे उनकी जिंदगी से जुड़े रहना है, तो मुझे Gen-Z के काम करने का तरीका फॉलो करना पड़ेगा।

पूर्व सीजेआई ने कहा- जब मैं समलैंगिकता अपराधमुक्त करने वाला फैसला लिख रहा था तो मुझे लियोनार्ड कोहेन का कोट याद आया। वह कोट ‘डेमोक्रेसी इन सम डेंजर’ के बारे में था। मैंने सोचा कि ये फैसला फ्लोरिश वाला होना चाहिए। कुछ फैसले बीच रोड पर लिखे जाते हैं, कुछ में थोड़ा फ्लोरिश डालते हैं।

रविवार को ‘इमेजिन : द न्यू होराइजंस ऑफ क्रिएटिविटी’ सेशन में गीतकार प्रसून जोशी ने कहा- AI में वो रचनात्मकता और कल्पना नहीं है, जो मनुष्यों में होती है। AI एक टूल है। अगर हम इसे एक एक्सटेंशन के रूप में समझते हैं तो कोई आपत्ति नहीं है। वहीं आयरलैंड के पूर्व प्रधानमंत्री लियो वराडकर ने JLF के मंच पर अपना जन्मदिन मनाया।

'ए कॉन्टिनेंट इन क्राइसिस: रशिया, यूक्रेन एंड द यूरोपियन स्टोरी' सेशन में पोलैंड के उपप्रधानमंत्री राडोस्लाव सिकोरस्की से राइटर नवतेज सरना ने बातचीत की।

‘ए कॉन्टिनेंट इन क्राइसिस: रशिया, यूक्रेन एंड द यूरोपियन स्टोरी’ सेशन में पोलैंड के उपप्रधानमंत्री राडोस्लाव सिकोरस्की से राइटर नवतेज सरना ने बातचीत की।

पोलैंड के उपप्रधानमंत्री ने कहा- पुतिन अहंकारी

पोलैंड के उप प्रधानमंत्री राडोस्लाव सिकोरस्की ने कहा- रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन अपने अहम को आगे रखते हुए दूसरे देशों पर प्रहार कर रहे हैं। इसका असर अन्य सभी देशों की जियो पॉलिटिक्स पर पड़ रहा है।

सेशन ‘ए कॉन्टिनेंट इन क्राइसिस: रशिया, यूक्रेन एंड द यूरोपियन स्टोरी’ में सिकोरस्की ने कहा- रूस-चीन की बढ़ती नजदीकी रूस के दीर्घकालिक हित में नहीं है। रूस धीरे-धीरे चीन पर आर्थिक रूप से निर्भर होता जा रहा है और अपनी राष्ट्रीय संपदा चीनी उत्पादों पर खर्च कर रहा है। यह स्थिति रूस को कमजोर बना सकती है, क्योंकि चीन रूस पर अपनी आर्थिक शक्ति का उपयोग राजनीतिक प्रभाव हासिल करने के लिए कर सकता है।

जेएलएफ में गीतकार प्रसून जोशी ने क्रिएटिविटी पर बात की।

जेएलएफ में गीतकार प्रसून जोशी ने क्रिएटिविटी पर बात की।

प्रसून जोशी बोले- मुझे ठोकरों ने तराशा है

सेशन ‘इमेजिन : द न्यू होराइजंस ऑफ क्रिएटिविटी’ में गीतकार प्रसून जोशी ने कहा- मेरे पिता एजुकेशन ऑफिसर थे। मेरी मां संगीत से जुड़ी हुई थीं। आज मैं दोनों की वजह से दोनों गुणों के साथ आगे बढ़ रहा हूं।

उन्होंने कहा- पहाड़ी इलाकों में आप पत्थरों को नीचे गिरे हुए देखते हैं, वो पत्थर आपको बेहद खूबसूरत लगते हैं, जैसे किसी ने तराशा हो। उन्हें ठोकरों ने तराशा है, मुझे भी उन्हीं ठोकरों ने तराशा है।

पीयूष मिश्रा होंगे सम्मानित

इससे पहले, होटल क्लार्क्स आमेर में जेएलएफ के चौथे दिन (18 जनवरी) की शुरुआत ‘मॉर्निंग म्यूजिक: एओ नागा क्वायर’ से हुई। आज साहित्य, इतिहास, कला, अर्थव्यवस्था और वैश्विक राजनीति से जुड़े कई सेशन होंगे।

उधर, दैनिक भास्कर की ओर से इस साल का श्री द्वारका प्रसाद अग्रवाल सम्मान लेखक, गीतकार और अभिनेता पीयूष मिश्रा को दिया जाएगा। यह सम्मान आज (रविवार) शाम 5 बजे होटल क्लार्क्स आमेर के चारबाग वेन्यू में दिया जाएगा। उन्हें सम्मान स्वरूप 2 लाख रुपए और प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा।

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