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अयोध्या राम मंदिर का शिखर 120 दिन में तैयार होगा:अगले 6 महीने में बन जाएगा राम मंदिर; जयपुर में तैयार हुईं सप्त मंदिर की मूर्तियां

दैनिक उजाला, अयोध्या : अयोध्या का 3 मंजिला राम मंदिर फरवरी, 2025 तक पूरा बनकर तैयार हो जाएगा। मंदिर का शिखर निर्माण सबसे ज्यादा चैलेंजिंग है। इसका काम अक्टूबर में शुरू होगा और 120 दिन में पूरा होगा। शिखर तैयार करने की डेट लाइन दिसंबर 2024 थी, लेकिन अब इसमें दो महीने का समय अधिक लगेगा। परिसर में बन रहे सप्त मंदिर की मूर्तियां जयपुर में तैयार की जा रही हैं। वहीं, ऋषि मुनियों की मूर्तियां दिसंबर, 2024 तक लग जाएंगी।

अयोध्या में भवन निर्माण समिति की बैठक हुई। राम मंदिर समिति के चेयरमैन नृपेंद्र मिश्र ने कहा- फर्स्ट फ्लोर का फर्श और वायरिंग का काम आखिरी पड़ाव पर है। सेकेंड फ्लोर की छत की ढलाई शुरू होगी।

परिसर में नहीं, सिर्फ मंदिर पर लगेगी फसाड लाइट उन्होंने कहा- सिर्फ मंदिर भवन पर फसाड लाइट लगेगी। इस लाइट को परिसर में नहीं लगाया जाएगा। भक्तों की श्रद्धा को ध्यान में रखते हुए रंगों का चयन किया जा रहा है। लाइटिंग के लिए समिति नवंबर, 2024 में टेंडर जारी करेगी। क्वालिटी से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

निर्माण समिति की बैठक 2 दिन से चल रही है। इसमें शामिल होने के बाद नृपेंद्र मिश्रा बाहर आए।

निर्माण समिति की बैठक 2 दिन से चल रही है। इसमें शामिल होने के बाद नृपेंद्र मिश्रा बाहर आए।

मूर्तियों के मॉडल को मंजूरी मिली महाराष्ट्र के प्रसिद्ध मूर्तिकार वासुदेव कामत ने जयपुर में जाकर इन मॉडलों का परीक्षण किया, फिर मंजूरी दी है। नृपेन्द्र मिश्र ने कहा- फर्स्ट फ्लोर पर लगने वाले राम दरबार की मूर्तियों को छोड़कर सभी मूर्तियां फाइबर और मोम से तैयार की गईं हैं। उन्हीं के डिजाइन के आधार पर पत्थरों पर मूर्तियों को उकेरा गया है।

अनुमान है कि नवंबर तक मूर्तियां बनकर तैयार हो जाएंगी। ये मूर्तियां कब तक स्थापित हो जाएंगी? इसके जवाब में नृपेंद्र मिश्र ने कहा – यह मूर्तियां जनवरी से मार्च, 2025 के बीच स्थापित हो सकेंगी। इसकी डेटलाइन समिति में शामिल पदाधिकारी मिलकर तय करेंगे।

गाड़ी में बैठने से पहले नृपेंद्र मिश्रा ने मीडिया से बात की। मीटिंग में हुई चर्चा के बारे में बताया।

गाड़ी में बैठने से पहले नृपेंद्र मिश्रा ने मीडिया से बात की। मीटिंग में हुई चर्चा के बारे में बताया।

नल-नील और अंगद टीले पर स्थायी निर्माण नहीं होगा नृपेंद्र मिश्र ने कहा- श्रीराम जन्मभूमि परिसर में स्थित नल-नील और अंगद टीले पर कोई स्थायी निर्माण नहीं किया जाएगा। इन टीलों की मिट्टी की जांच में पाया गया कि इनमें स्थिरता नहीं है। इसके कारण यहां प्लांटेशन का काम होगा और इन्हें सुंदर तरीके से निखारा जाएगा। जिससे कि आने वाले श्रद्धालुओं को सुखद वातावरण का एहसास हो।

उन्होंने कहा – कुबेर टीला का काम पूरा हो चुका है। यह कार्य GMR संस्था अपने फंड से करा रही है। इसी संस्था ने नल-नील और अंगद टीले के सुंदरीकरण के लिए डिजाइन भी तैयार किया है।

अयोध्या में चल रहे राम मंदिर के कंस्ट्रक्शन रामपथ से नजर आते हैं।

अयोध्या में चल रहे राम मंदिर के कंस्ट्रक्शन रामपथ से नजर आते हैं।

नवरात्र से शुरू होगा अपोलो का कार्डियक केयर यूनिट श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के न्यासी डॉ. अनिल मिश्र ने कहा- नृपेंद्र मिश्रा समेत सभी सदस्यों ने PFC भवन का निरीक्षण किया। इसके बेसमेंट में अपोलो अस्पताल के कार्डियक केयर यूनिट के निर्माण की जानकारी ली गई। बताया गया कि यह इमरजेंसी अस्पताल शारदीय नवरात्र के मौके पर अक्टूबर से सेवाएं देना शुरू कर देगा।

फिलहाल ICU का निर्माण हो गया है और उपकरणों का इंस्टॉलेशन चल रहा है। इस अस्पताल के लिए तीर्थ क्षेत्र की ओर से 6 हजार वर्ग फिट जगह दी गई है। अपोलो प्रशासन यहां अपनी फ्री सेवाएं देगा। तीर्थ क्षेत्र डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ को घर की सुविधा भी देगा।

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