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जेल अफसर नाचने-गाने में मस्त रहे, दो कैदी भाग निकले:कन्नौज में कंबलों की रस्सी बनाकर 22 फीट ऊंची दीवार फांदी, 4 सस्पेंड

कन्नौज : कन्नौज जेल की करीब 22 फीट ऊंची दीवार फांदकर 2 कैदी फरार हो गए। रविवार रात जेल में न्यू ईयर की पार्टी रखी गई थी। अफसर-कर्मचारी और उनके परिवारीजन पार्टी में मशगूल थे। जेल अधीक्षक भीमसेन मुकुंद गाना गा रहे थे। सिपाही डांस कर रहे थे।

पार्टी का फायदा उठाकर कैदियों ने कंबलों को आपस में जोड़ा और दीवार को फांदकर भाग निकले। रात में जेल के सभी कैदियों को बैरक भेजा गया, लेकिन गिनती नहीं हुई थी।

सोमवार सुबह 11 बजे जब सभी कैदी निकाले गए तो गिनती में दो कैदी कम निकले। पहले जेल प्रशासन इसे छिपाने की कोशिश करता रहा और खोजबीन जारी रखी। जेल प्रशासन ने पार्टी के सबूत भी मिटा दिए। लेकिन डीएम-एसपी को इस बात की भनक लग गई। वे समाधान दिवस छोड़कर जिला जेल पहुंचे। तब जेल प्रशासन ने उनके सामने सच्चाई कबूली।

डीएम ने शासन को रिपोर्ट दी है। डीजी जेल ने बैरक प्रभारी शिवेंद्र सिंह यादव, हेड जेल वार्डर शिवचरण, डिप्टी जेलर बद्री प्रसाद, जेलर विनय प्रताप सिंह को सस्पेंड कर दिया गया है। जेल अधीक्षक के खिलाफ जांच के आदेश दिए गए हैं। कानपुर रेंज के डीआईजी जेल को जांच अधिकारी बनाया गया है।

ये विजुअल रविवार रात जेल में हुई पार्टी का है। पार्टी के लिए भव्य टेंट लगाया गया था। सजावट की गई थी।

ये विजुअल रविवार रात जेल में हुई पार्टी का है। पार्टी के लिए भव्य टेंट लगाया गया था। सजावट की गई थी।

समाधान दिवस छोड़कर डीएम-एसपी मौके पर पहुंचे और जांच की।

समाधान दिवस छोड़कर डीएम-एसपी मौके पर पहुंचे और जांच की।

जेल की पूर्वी दीवार पर लटकाई कंबल से बनी रस्सी

जिला मुख्यालय से करीब 25 किमी दूर गुरसहायगंज थाना क्षेत्र में अनौगी गांव के पास जिला जेल है। जेल में 660 कैदी रखे जा सकते हैं। इस समय 440 कैदी बंद हैं। इसकी दीवारें करीब 22 फीट ऊंची हैं।

जेल में पार्टी थी। डीजे बज रहा था। शोर और बंदी रक्षकों की लापरवाही का फायदा उठाकर कैदी अंकित और शिवा फरार हो गए। उन्होंने कई कंबलों को जोड़ा और उसे रस्सी की तरह इस्तेमाल किया।

सोमवार सुबह बैरक से बंदियों को निकालकर रोज की तरह गिनती की गई। जिसमें अंकित और शिवा नहीं मिले। इस पर जेल प्रशासन परेशान हो उठा।

जेल प्रशासन ने मामले को दबाना चाहा, पार्टी के सबूत मिटाए

जेल प्रशासन ने पहले तो कैदियों के भागने की जानकारी छिपाई। जेल के अंदर ही कैदी शिवा और अंकित की तलाश की गई। जेल परिसर के आसपास देखा गया। जेल गेट के बगल की पूर्वी दीवार के सहारे रस्सीनुमा कम्बल लटके दिखाई दिए तो जेल अधिकारियों में हड़कंप मच गया। अधिकारियों ने तुरंत पार्टी के सबूत मिटाए।

तो क्या बाहर थे कुछ लोग, जो मददगार बने?

जेल की जिस पूर्वी दीवार दीवार को फांदकर कैदी भागे है, वह जेल की सबसे ऊंची और मुख्य दीवार है। कंबलों को जेल की दीवार के ऊपरी छोर पर बांधना मुश्किल काम है। ऐसे में संभल है कि बाहर की ओर से कुछ लोग कंबल को मजबूती से पकड़े रहे हों और उसी के सहारे बंदी पहले दीवार पर चढ़े और फिर बाहर की तरफ उतर कर भागे हों। कंबल वही इस्तेमाल किये गए जो जेल में बंदियों को ओढ़ने के लिए दिए जाते हैं।

जिला जेल के चारो तरफ वॉच टॉवर बनाए गए हैं।

जिला जेल के चारो तरफ वॉच टॉवर बनाए गए हैं।

जेल के पीछे खेत, वॉच टावरों पर सुरक्षाकर्मी नहीं

कैदियों के फरार होने की जानकारी मिली तो डीएम आशुतोष मोहन अग्निहोत्री और एसपी बिनोद कुमार तुरंत जेल पहुंचे। उस समय डीएम और एसपी सदर तहसील में समाधान दिवस में समस्याएं सुन रहे थे।

उन्होंने जेल अधिकारियों से मुलाकात की और फिर उस जगह जाकर भी देखा, जहां से दीवार फांदकर बंदी भागे निकले थे। जेल की बाउंड्री के बाहर खेत हैं। दोनों बंदी खेतों से होते हुए आराम से फरार हो गए।

जेल के चारो तरफ वॉच टावर लगे हैं, लेकिन इस पर सुरक्षा कर्मी ड्यूटी पर नहीं रहते। अगर वॉच टावर से निगरानी की जा रही होती तो भागने का प्रयास करते वक्त बंदी पकड़े जाते।

दावा- एक दिन पहले थी पार्टी

कैदियों के भागने के बाद जेल अधीक्षक भीमसेन मुकुंद का एक वीडियो सामने आया है, जोकि जेल के अंदर पार्टी का है। दावा किया गया कि जेल में सोमवार रात नए साल के जश्न में पार्टी की गई। डीजे बजाया गया। इसकी जानकारी बंदियों को पहले से हो गई थी। कैदी अंकित और शिवा ने पार्टी से पहले ही फरार होने प्लानिंग बना ली थी।

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