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Sat. Feb 14th, 2026

मंत्री संजय निषाद ने गोमती में मरी मछलियां छोड़ीं:मछुआरे बोले- आधी इसी तरह मर जाएंगी, दावा- 2 लाख मत्स्य बीज डाले

लखनऊ : लखनऊ में गोमती नदी में मत्स्य मंत्री संजय निषाद ने छोटी मछलियां डालीं। इस दौरान एक वाकया सामने आया, अनगिनत मछलियां उतराने लगीं। मौके पर मौजूद मछुआरे भी बोले- पानी इतना गंदा है कि आधी तो इसी तरह मर जाएंगी।

लक्ष्मण झूला पार्क के पास गोमती रिवर फ्रंट में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत 2 लाख मछलियां डालीं गई थीं। सोमवार को इस कार्यक्रम के दौरान मंत्री के साथ प्रमुख सचिव मुकेश मेश्राम और मत्स्य विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

मंत्री ने पहले किनारे से और फिर नाव में बैठकर मछलियां गोमती में छोड़ते हुए जमकर फोटोशूट करवाया था। मरी हुई मछलियों पर मंत्री ने कहा- नदियों में इनकी मेंटिलिटी (गतिशीलता) 10% ही होती है।

मंत्री के मछली छोड़ने के साथ ही तमाम मछलियां उतराने लगीं। मछुआरों का कहना है कि पानी गंदा है।

मंत्री के मछली छोड़ने के साथ ही तमाम मछलियां उतराने लगीं। मछुआरों का कहना है कि पानी गंदा है।

मछुआरों का दावा है कि पैकेट में भी कम ही मछलियां जिंदा थीं।

मछुआरों का दावा है कि पैकेट में भी कम ही मछलियां जिंदा थीं।

लक्ष्मण मेला पार्क तट पर मरी हुई मछलियां उतरा रही हैं।

लक्ष्मण मेला पार्क तट पर मरी हुई मछलियां उतरा रही हैं।

नदियों में मछलियों की मोटिलिटी 10% ही होती है

मंत्री संजय निषाद ने दावा किया कि पहले नदियों में मछलियों की मोटिलिटी 30 प्रतिशत थी, जो अब घटकर 10 प्रतिशत रह गई है। उन्होंने कहा कि सरकार मछुआरा समाज के उत्थान के लिए कई योजनाएं लागू कर रही है। निषाद ने प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना और प्रधानमंत्री मत्स्य बीमा योजना का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि मछली पालन करने वाले किसानों को 5 लाख रुपए तक का इंश्योरेंस कवर दिया जा रहा है।

पैकेट में भरी मछलियों की हालत खराब होती है

इस पूरे मामले पर स्थानीय मछुआरों ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी। मछुआरे सुरेश कुमार ने बताया कि इन प्लास्टिक पैकेटों में भरी मछलियों की हालत पहले से खराब होती है। करीब 10 फीसदी मछलियां पैकेट में ही मर जाती हैं, जबकि नदी में पहुंचने के बाद लगभग 50 फीसदी मछलियों को बड़ी मछली, सांप और पक्षी खा जाते हैं। कुल मिलाकर मुश्किल से 50 फीसदी मछलियां ही बच पाती हैं।

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