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मथुरा में धर्माचार्यों ने की बैठक:क्षत्रिय समाज ने पैदल मार्च निकाला, बोले- काला कानून नहीं हटाया, तो सवर्ण सड़कों पर आ जाएंगे

मथुरा : UGC के नए नियमों का विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा। मथुरा में इसके विरोध में धर्माचार्यों ने बैठक की, तो क्षत्रिय महासभा ने पैदल मार्च निकाला। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का पुतला दहन करने का प्रयास भी किया। जिसे पुलिस ने रोक दिया।

वृंदावन के राधाकांत मंदिर में धर्माचार्यों ने बैठक कर UGC के नए नियमों का विरोध किया। बैठक में मौजूद धर्माचार्यों ने इसे सवर्ण विरोधी बिल बताते हुए केंद्र सरकार से वापस लेने की मांग की। धर्माचार्यों ने कहा कि इस बिल को केंद्र सरकार वापस ले अन्यथा बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

राधाकांत मंदिर में UGC के विरोध में बैठक करते धर्माचार्य।

राधाकांत मंदिर में UGC के विरोध में बैठक करते धर्माचार्य।

पार्षद से लेकर सांसद चुनाव तक किया भाजपा का समर्थन

बैठक में आचार्य पंडित मृदुल कांत शास्त्री ने कहा- वह जन्म से संघ से जुड़े रहे हैं। उन्होंने पार्षद से लेकर सांसद तक के चुनाव में भाजपा का समर्थन किया। लेकिन मोदी सरकार ने सवर्ण विरोधी कानून लाकर समाज को बांटने का काम किया है।

बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने हिंदू सनातन एकता यात्रा निकाली। जिसमें कहा गया कि छुआछूत की करो विदाई, हम सब हिंदू भाई-भाई। लेकिन सरकार हमारा उत्पीड़न कर रही है।

भक्त होना अच्छा, अंधभक्त होना खतरनाक

बैठक में आचार्य पंडित मृदुल कांत शास्त्री ने कहा कि भक्त होना अच्छी बात है लेकिन अंध भक्त होना खतरनाक है। हम किसी दल से नहीं है। पहले हम हिंदू हैं। हम सवर्ण समर्थक नहीं, हिंदू समर्थक हैं। हिंदू एकता की बात कर रहे हैं। आचार्य मृदुल कांत शास्त्री ने कहा कि अगर यह बिल वापस नहीं हुआ, तो किसी चुनाव में वह भाजपा का समर्थन नहीं करेंगे।

बैठक में शामिल विप्र

बैठक में शामिल विप्र

1 फरवरी को वृंदावन में बड़ी सभा

राष्ट्रीय ब्राह्मण सेवा संघ द्वारा आयोजित बैठक में संघ के संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष आचार्य आनंद बल्लभ गोस्वामी ने कहा- यूजीसी कानून स्वर्ण विरोधी है। यह राष्ट्र की एकता पर कुठाराघात है। जब सरकार बोलती है कि जात-पात की करो विदाई, हम सब हिंदू भाई-भाई। जबकि सरकार हिंदुओं के साथ ही बंटवारा कर रही है। सरकार को चाहिए कि इस काले कानून को तत्काल निरस्त किया जाए।

डॉक्टर मनोज मोहन शास्त्री एवं राज नारायण राजू भैया ने कहा- यदि काला कानून हटाया नहीं गया, तो सवर्ण सड़कों पर आ जाएंगे। और मुख्यालय पर घेराव किया जाएगा।

महानगर अध्यक्ष गोविंद नारायण एवं मीडिया प्रभारी नीरज गौड़ ने कहा कि व्यापार मंडल तथा करणी सेवा से संपर्क करके 1 फरवरी के दिन वृंदावन में बड़ी सभा का आयोजन किया जाएगा।

राष्ट्रीय ब्राह्मण सेवा संघ की बैठक में शामिल लोग

राष्ट्रीय ब्राह्मण सेवा संघ की बैठक में शामिल लोग

क्षत्रिय महासभा ने किया पुतला फूंकने का प्रयास

UGC के नए नियमों के विरोध में क्षत्रिय महासभा ने मथुरा में पैदल मार्च करते हुए प्रदर्शन किया। क्षत्रिय राजपूत सभा उत्तर प्रदेश के पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और सवर्ण समाज के लोगों ने केंद्र सरकार के यूजीसी कानून के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन महाराणा प्रताप भवन, देवीपुरा बाजना बाटी रोड पर आयोजित किया गया। जिसकी अगुवाई ब्रज मंडल क्षत्रिय राजपूत सभा के प्रदेश अध्यक्ष ठाकुर मुकेश सिंह सिकरवार ने की।

क्षत्रिय महासभा के पदाधिकारी पैदल मार्च करते हुए

क्षत्रिय महासभा के पदाधिकारी पैदल मार्च करते हुए

UGC काला कानून

प्रदर्शन के दौरान यूजीसी को “काला कानून” बताते हुए प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के विरोध में भी नारे लगाए गए। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से मांग की कि इस कानून को तत्काल वापस लिया जाए, अन्यथा आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

प्रदेश अध्यक्ष ठाकुर मुकेश सिंह सिकरवार ने कहा कि जनरल वर्ग पर पहले से ही एससी-एसटी एक्ट जैसा काला कानून थोपा हुआ है, जिसके तहत कई निर्दोष लोगों को जेल जाना पड़ा। उन्होंने दावा किया कि एससी-एसटी एक्ट के अधिकांश मामले फर्जी पाए गए हैं और इसके आंकड़े हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट में मौजूद हैं।

उन्होंने कहा कि अब यूजीसी कानून के रूप में एक और नया कानून लाकर जनरल वर्ग के युवाओं को निशाना बनाया जा रहा है। इससे युवा वर्ग डर के माहौल में जीने को मजबूर होगा और कॉलेज व स्कूल जाने से भी कतराएगा।

प्रदेश अध्यक्ष ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने इस कानून को वापस नहीं लिया, तो क्षत्रिय राजपूत सभा सहित सभी सवर्ण समाज के संगठन बड़े स्तर पर आंदोलन करेंगे और सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरकर विरोध करेंगे।

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