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Sat. Feb 14th, 2026

मथुरा में दो भाजपा विधायकों की हुई बैठक में तू तू – मैं मैं Video

दैनिक उजाला, मथुरा : सांसद हेमा मालिनी की अध्यक्षता में हुई आज दिशा की बैठक में भाजपा के दो विधायकों ने मखौल की स्थिति उत्पन्न कर दी। गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला विकास एवं निगरानी समिति की बैठक में उस समय सभी हतप्रभ रह गए जब बलदेव के विधायक पूरन प्रकाश ने खड़े होकर माइक से जोर-जोर बोलते हुए गोवर्धन के विधायक ठाकुर मेघ श्याम सिंह को गरियाना शुरू कर दिया।

बताते हैं जब भी कोई सरकारी मीटिंग होती है उसमें सबसे ज्यादा समय और उस मीटिंग को हाईजैक विधायक पूरन प्रकाश द्वारा किया जाता है। इस बात को लेकर जिले के अन्य सभी जन प्रतिनिधि और अधिकारी तरह-तरह की चर्चा करते हैं। आज भी ऐसे ही हुआ विधायक पूरन प्रकाश लंबे समय तक जब बोलते रहे तो विधायक मेघ श्याम सिंह ने टोका टोकी शुरू कर दी। टोकाटाकी से कुपित होकर विधायक पूरन प्रकाश गुस्सा गए और उन्होंने माइक पर मेघ श्याम सिंह को खरी खरी सुनानी शुरू कर दी जिससे वहां मौजूद सांसद हेमा मालिनी जिलाधिकारी सीपी सिंह एम एल सी योगेश नौहवार आदि जन प्रतिनिधि और जिला स्तरीय अधिकारी भौचक्के रह गए। विधायक मेघ श्याम सिंह का कहना था कि आप ही जब मीटिंग का पूरा समय निकाल देंगे तो और लोगों को मौका कब मिलेगा बोलने के लिए। इस पर विधायक पूरन प्रकाश ने कहा कि जब तुम्हें बोलना हो तो बोलना मैं तो अपने क्षेत्र की समस्याओं को बताऊंगा। सांसद ने भी मेरी समस्याओं पर सहमति व्यक्त की हैं।

सभागार में मौजूद मीडिया कर्मियों ने इस वाकये को अपने मोबाइल फोन में कैद करना जब शुरू किया तो जिला सूचना अधिकारी उनको रोकते देखे गए। वहीं दोनों विधायकों की छींटाकशी को लेकर सभी अधिकारी एक दूसरे को देखकर हंसते मुस्कुराते देखे गए। इस बैठक में नगर निगम के महापौर विनोद अग्रवाल कैबिनेट मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी के प्रतिनिधि नरदेव चौधरी जनार्दन शर्मा के अलावा मुख्य विकास अधिकारी मनीष मीणा मथुरा वृंदावन विकास प्राधिकरण के सचिव अरविंद द्विवेदी सहित दर्जनों अधिकारी मौजूद थे।

बैठक में हुए इस घटनाक्रम को लेकर सोशल मीडिया पर लोग खूब चटखारे ले रहे हैं। भाजपा कार्यकर्ता यशराज चतुर्वेदी ने फेसबुक पर लिखा है कि विधायक जी ने विधायक जी सांसद जी सहित सभी जनप्रतिनिधियों के सामने रेल दिए। मजे की बात ये है कि दोनों ही दूसरी पार्टी से आए हुए आयातित है और पब्लिक में मैसेज पार्टी का खराब जाएगा इसलिए मूल कार्यकर्ता ही सर्वोत्तम है भले ही सत्ता थोड़ी देर से मिले।

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