- कार में दम घुटने से पालतू डॉगी की मौत:3 घंटे तक अंदर छटपटाता रहा, मथुरा में दर्शन करने गए थे दंपती
मथुरा : वृंदावन की शैय्या अस्पताल के पास स्थित पार्किंग में एक मार्मिक दृश्य देखने को मिला जब एक श्रद्धालु अपनी कार में कुत्ते को बंद कर पूजा में चले गए। तेज धूप और बंद कार की गर्मी में कुत्ता बुरी तरह तड़पता रहा।
आसपास के लोगों ने जब कार के अंदर कुत्ते की कराहने की आवाजें सुनीं तो उन्होंने तुरंत दरवाजा खोलने का प्रयास किया लेकिन वह नहीं खुल पाया। कुछ लोगों ने शीशा तोड़कर बाहर निकालने को कहा तो लोगों ने मना कर दिया, कहा कि उल्टा ही फंस जाएंगे। फिर ताला खोलने वाले को बुलाया। दरवाज़ा खुलते ही देखा गया कि कुत्ता अधमरा हो चुका था।
पार्किंग में मौजूद गार्ड ने डॉग को बाहर निकालने की बात कही थी। मगर दंपती ने मना कर दिया। दर्शन करके लौटे दंपती ने अपने डॉग को मरा हुआ देखा तो रोने लगे। बोले- हमारी एक गलती से मेरे बच्चे की जान चली गई।
पहले तस्वीरें देखिए…

डॉग को अर्टिगा कार में तड़पते देख वहां मौजूद लोगों ने गेट खोलने की कोशिश की।

BP चेक करने की मशीन के जरिए प्रेशर बनाकर कार का गेट खोला गया।
घटनाक्रम…
जिला संयुक्त चिकित्सालय में रविवार को एक बिहार नंबर की अर्टिगा कार पहुंची। यहां की पार्किंग में सुबह 10 बजे दंपती ने अपनी कार पार्क कर दी। कार में पति-पत्नी के साथ उनका लैब्राडोर रेटरिएवेर ब्रिड का डॉग भी था।
दंपती ने जैसे ही अपनी कार खड़ी की तो पार्किंग के कर्मचारियों ने कहा- डॉग को बाहर कर दीजिए। मगर दंपती ने मना कर दिया। कहा- डॉग अंदर सेफ है और अभी सो रहा है। हम लोगों ने हल्का सा शीशा खोल दिया है। इसके बाद दोनों पति-पत्नी दर्शन करने चले गए।

कार का गेट खोलने पर डॉग बेसुध ड्राइविंग सीट और स्टेयरिंग के बीच पड़ा मिला।
पार्किंग गार्ड ने डॉग को कार के अंदर हांफते देखा
पार्किंग कर्मचारी राहुल डेढ़ घंटे बाद कार की ओर गया। उसने देखा कार में बंद डॉग बेसुध हो रहा है और वह बुरी तरह हांफ रहा है। राहुल ने बताया- डॉग कार में ही बेचैन सा दिख रहा था। वह कार में ही छटपटा रहा था। डॉग ड्राइवर वाली सीट के नीचे जाकर फंस गया था। उसकी जीभ निकली हुई थी और वो भौंक रहा था।
मैंने 30 मिनट तक कार का गेट खोलने की कोशिश करता रहा। लेकिन कार का गेट नहीं खुला। मैंने मुक्के से शीशे को भी तोड़ना चाहा लेकिन ऐसा नहीं हुआ। मुझे कुछ समझ में नहीं आ रहा था कि क्या करूं। इसके बाद मैंने एक्सपर्ट को बुलाया।

लोगों ने किसी तरह से डॉग को कार से बाहर निकाला और पानी पिलाया। इसके बाद हॉस्पिटल ले गए, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।
गाड़ी खुलने से पहले बेहोश हुआ डॉग
12 बजे दो लोग गाड़ी का गेट खोलने के लिए पहुंचे। करीब 45 मिनट बाद कार का गेट खोल पाए। गेट खुलते ही कर्मचारियों ने डॉग को बाहर निकाला। वह तब तक बेहोश हो चुका था। कर्मचारियों ने बेहोश डॉग को बचाने के लिए उस पर पानी डाला। लेकिन उसने किसी तरह की हरकत नहीं की।
कर्मचारी उसे ई-रिक्शा में रखकर पशु चिकित्सालय ले गए। जहां डॉक्टर ने उसे देखने के बाद मृत घोषित कर दिया। डॉक्टर ने बताया कि डॉग की मौत दम घुटने से हुई। जिसके बाद लोग उसे लेकर वापस पार्किंग में पहुंचे।
डॉग को मरा देख रोने लगे दंपती
दंपती जैसे ही दर्शन करने के बाद हॉस्पिटल की पार्किंग में पहुंचे। अपनी कार के पास भीड़ लगी देखी। दंपती अपने मरे हुए डॉग को देखकर रोने लगे। वहां मौजूद कर्मचारियों ने दोनों को पूरी घटना बताई। दंपती ने कहा- हे भगवान यह हमसे क्या हो गया। बहुत बड़ी गलती हो गई। डॉग जब 55 दिन का था तब उसे लेकर आए थे। अब वह 5 साल हो गया था।

