मेरठ : पति की हत्या करके सांप से डसवाने वाली रविता और उसके प्रेमी अमरदीप को वारदात के 547 दिन बाद मेरठ जिला कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई है।
शुक्रवार को सजा सुनाने से पहले कोर्ट ने रविता और अमरदीप का पक्ष वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से सुना। जज ने दोनों से पूछा- तुम दोनों को हत्या का दोषी ठहराया गया है। क्या सजा चाहते हो?
रविता ने कहा-

मेरे 3 छोटे-छोटे बच्चे हैं। उनका ख्याल रखा जाए। फिर वह चुप हो गई।
इसके बाद अमरदीप ने कहा-

मेरे मां-बाप बूढ़े हैं। उनकी सेवा करने वाला कोई नहीं है। उनकी देखभाल में कोई कमी न रहे।
इसके बाद दोनों फूट-फूट कर रोने लगे। ACJM-12 जयवीर सिंह नागर ने नीला ड्रम हत्याकांड का नाम लिए बगैर कहा- ‘केवल काट डालना ही जघन्य अपराध नहीं है।’
जज ने फैसले में सती सावित्री का जिक्र किया। कहा- ‘पति की लंबी उम्र के लिए पत्नी करवाचौथ का व्रत करती है, लेकिन यहां प्रेमी के साथ ये कृत्य किया जो माफी लायक नहीं है।’ जज ने इसे रेयरेस्ट ऑफ रेयर माना।
मेरठ कोर्ट ने पिछले 3 दिन में 4 दोषियों को फांसी की सजा सुनाई है। इससे पहले 14 अक्टूबर को नीले ड्रम वाली मुस्कान और उसके साहिल को फांसी की सजा सुनाई गई थी। सौरभ राजपूत के भाई राहुल और उनकी मां रेनू देवी भी कोर्ट पहुंची थीं।
17 अप्रैल, 2025 की रात रविता ने अमरदीप के साथ मिलकर पति अमित कश्यप की गला घोटकर हत्या कर दी थी। इसके बाद सांप डसने से मौत दिखाने के लिए बिस्तर पर सांप छोड़ दिया था।
हत्या के 60 दिन बाद पुलिस ने चार्जशीट दाखिल कर दी। एसीजेएम जयवीर सिंह नागर की कोर्ट में 551 दिन में 87 तारीखें और 12 से ज्यादा गवाहों के बयान हुए। 7 अक्टूबर को कोर्ट ने रविता और अमरदीप को दोषी करार दे दिया।
अमित की मां बोलीं- हमें इंसाफ मिला, अब उसके तीनों बच्चों को पालूंगी
अमित की मां मुनेश ने कहा, “बस यही कहना चाहूंगी कि उन्हें फांसी की सजा मिल गई। इससे हमारी आत्मा को शांति मिली है और हमारे बच्चे को भी इंसाफ मिला है। हमें उम्मीद थी कि अदालत हमें न्याय देगी। अदालत ने सही फैसला सुनाया है।
अब अमित के तीनों बच्चों को कैसे पालूंगी, क्या करूंगी, यह तो वक्त बताएगा। लेकिन मैं उन्हें पालूंगी, जैसे भी मुझसे हो सकेगा। जब उन्होंने मेरे बच्चे के बारे में नहीं सोचा, तो मैं उनके बच्चों को जरूर पालूंगी। हम अपने केस के फैसले से बहुत खुश हैं कि उन्हें फांसी की सजा मिली।”
जेल अधीक्षक बोले- सजायाफ्ता कैदियों की बैरक में शिफ्ट होंगे रविता-अमरदीप
चौधरी चरण सिंह जिला कारागार के वरिष्ठ जेल अधीक्षक डॉ. वीरेश राज शर्मा ने बताया कि फांसी की सजा सुनाए जाने के बाद रविता और अमरदीप रो रहे हैं। फिलहाल दोनों को उनकी पुरानी बैरक में भेजा गया है। जजमेंट की कॉपी मिलते ही उन्हें सजायाफ्ता कैदियों की बैरक में शिफ्ट कर दिया जाएगा।
अधीक्षक ने बताया कि रविता के पास कोई बच्चा नहीं है, इसलिए उसे भी नई बैरक में शिफ्ट किया जाएगा।
मुस्कान का देवर पहुंचा कोर्ट, बोला- मेरे भाई की तरह अमित को भी प्लानिंग करके मारा गया था
दो दिन पहले 14 अक्टूबर को नीला ड्रम कांड में सजा सुनाए जाने के बाद आज मृतक सौरभ राजपूत के भाई और उनकी मां रेनू देवी भी रविता की सुनवाई में पहुंचीं। उनका कहना है कि यह मामला भी उनके केस जैसा ही है। इसमें भी वैसी ही सजा मिलनी चाहिए।
जज बोले- केवल काट डालना ही जघन्य अपराध नहीं है
मेरठ में पति की हत्या करने वाली रविता और उसके प्रेमी अमरदीप को कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई है। रविता ने हत्या को छिपाने के लिए पति अमित कश्यप के बिस्तर पर सांप छोड़ दिया था। सांप ने अमित को 10 बार डसा था।
ACJM-12 जयवीर सिंह नागर ने नीला ड्रम हत्याकांड का नाम लिए बगैर कहा- केवल काट डालना ही जघन्य अपराध नहीं है।
एडीजे ने दो दिन पहले रविता, अमरदीप की जानकारी मांगी थी
दो दिन पहले ही एडीजे ने रविता, अमरदीप की तीन जानकारियां मांगी थी। इसमें दोनों का जेल में व्यवहार, आचरण, अनुशासन का पालन शामिल था। साथ ही डीपीओ से दोनों की आर्थिक स्थिति और दोनों के परिवार की डिटेल मांगी थीं। ये सभी रिपोर्ट मिल चुकी हैं।
जेल में रविता-अमरदीप की काउंसिलिंग हुई
- जेल में रविता और अमरदीप का व्यवहार सामान्य है। दोनों समय पर खाना खा रहे हैं, सो रहे हैं। जेल के नियमों का पालन कर रहे हैं। रविता जेल में खाना बनाने और सफाई का काम करती है। वह मेहंदी लगाने में भी माहिर है। पिछले दिनों हरियाली तीज पर जेल में आयोजित मेहंदी लगाओ प्रतियोगिता में उसने पहला पुरस्कार जीता था।
- वहीं, अमरदीप जेल में खेल के सामान बनाने का काम करता था। दोनों को जब मुस्कान और साहिल को फांसी की सजा सुनाए जाने के बारे में पता चला, तो वे थोड़े परेशान हुए। लेकिन, बाद में सामान्य हो गए। हालांकि, जेल प्रशासन ने दोनों की निगरानी बढ़ा दी है। उनकी काउंसिलिंग कराई गई, जिसमें मानसिक स्थिति सामान्य मिली।

