Breaking
Fri. Feb 13th, 2026

अविमुक्तेश्वरानंद विवाद, योगी बोले- हर व्यक्ति शंकराचार्य नहीं हो सकता:सपा के लोग पूजना चाहें तो पूजें; कोई भी कानून से ऊपर नहीं, मैं भी नहीं

उत्तर प्रदेश : शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद विवाद पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को विधानसभा में बात रखी। योगी ने कहा- हर व्यक्ति शंकराचार्य नहीं लिख सकता। कोई भी कानून से ऊपर नहीं है। मैं भी नहीं। मेरा मानना है कि भारत के हर व्यक्ति को कानून को मानना चाहिए। अगर सपा के लोग उसे पूजना चाहते हैं तो पूजें।

सीएम ने कहा- माघ मेले में जो मुद्दा नहीं था, उसे जानबूझकर मुद्दा बनाया गया। क्या हर व्यक्ति मुख्यमंत्री बनकर पूरे प्रदेश में घूम जाएगा? क्या कोई मंत्री का बोर्ड लगाकर घूम जाएगा? क्या कोई सपा का अध्यक्ष बनकर प्रदेश में घूम जाएगा? नहीं…। एक सिस्टम है, एक व्यवस्था है।

‘मेरे लिए भी वही कानून है, जो किसी आम व्यक्ति के लिए’

योगी ने कहा- भारत के सनातन धर्म में भी यही व्यवस्था है। सनातन धर्म में शंकराचार्य का पद सर्वोच्च और पवित्र माना जाता है। सदन की व्यवस्था देखिए, यहां भी परंपरा है। सदन नियम से संचालित होता है।

माघ मेले में मौनी अमावस्या पर साढ़े 4 करोड़ लोग आए थे। सबके लिए एक व्यवस्था बनाई गई। कानून सबके लिए बराबर होता है। मेरे लिए भी वही कानून है, जो किसी आम व्यक्ति के लिए है। कोई व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं हो सकता। मेरा यह मानना है कि भारत के हर व्यक्ति को कानून मानना चाहिए।

सपा से पूछा- शंकराचार्य थे तो उन पर आपने लाठीचार्ज क्यों करवाया

सीएम ने कहा- देश के अंदर शंकराचार्य की पवित्र परंपरा है। जगद्गुरू शंकराचार्य ने देश के चार कोनों में चार पीठों की स्थापना की। उत्तर में ज्योतिष पीठ की स्थापना, दक्षिण में श्रृंगेरी, पूर्व में पुरी और पश्चिम में द्वारका। चार पीठ के चार वेद हैं। ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद और अथर्ववेद। इनके सबके अपने मंत्र हैं। आदि जगत गुरु शंकराचार्य ने अनिवार्य किया कि जिस पीठ के लिए जो पात्र होगा, उसे परंपरा के अनुसार मान्य किया गया।

योगी ने कहा- हर व्यक्ति शंकराचार्य नहीं लिख सकता। हर व्यक्ति आचार्य के रूप में जहां-तहां जाकर माहौल खराब नहीं कर सकता। मर्यादाओं का पालन सबको करना होगा। अगर वह शंकराचार्य थे तो आप (सपा) लोगों ने वाराणसी में लाठी चार्ज क्यों किया था? एफआईआर क्यों लिखी थी? आप कैसी नैतिकता की बात करते हैं।

माघ मेले में जाने वाले रास्ते को ब्लॉक किया

योगी ने कहा- माघ मेले में उस दिन (मौनी अमावस्या) साढ़े 4 करोड़ की भीड़ थी। जिस तरफ से लोग जा रहे थे, उस रास्ते को ब्लॉक कर दिया गया। यह किसी जिम्मेदार व्यक्ति का काम नहीं हो सकता। कोई जिम्मेदार व्यक्ति इस तरह का आचरण नहीं कर सकता।

अगर सपा के लोग उसे पूजना चाहते हैं तो पूजें। लेकिन हम लोग मर्यादित लोग हैं, कानून के शासन पर विश्वास करते हैं, कानून का शासन पालन करते हैं, पालन करवाना भी जानते हैं। दोनों चीजों को एक साथ लागू करवाना चाहते हैं। आप लोग इसके नाम पर गुमराह करना बंद करिए।

योगी ने अविमुक्तेश्वरानंद का नाम लिए बिना कालनेमि कहा था

शंकराचार्य विवाद के बीच 22 जनवरी को सीएम योगी हरियाणा के सोनीपत में थे। उन्होंने अविमुक्तेश्वरानंद का बिना नाम लिए कहा था- किसी को परंपरा बाधित करने का हक नहीं। ऐसे तमाम कालनेमि हैं, जो धर्म की आड़ में सनातन धर्म को कमजोर करने की साजिश रच रहे हैं। हमें ऐसे लोगों से सतर्क रहना होगा। संन्यासी के लिए धर्म और राष्ट्र से बढ़कर कुछ नहीं होता।

योगी ने जिस कालनेमि का जिक्र किया, वह रामायण में रावण का मामा और मारीच का बेटा था। रावण ने उसको लक्ष्मण के मूर्छित होने पर हनुमान को रोकने के लिए भेजा था। बाद में हनुमान ने कालनेमि का वध कर दिया था। योगी के बयान को शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से जोड़ा गया।

शंकराचार्य ने योगी को नकली हिंदू कहा

इस पर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा- चोला तो साधु का है और गोहत्या हो रही है। अब आप बताइए कि कालनेमि कौन है? कालनेमि राक्षस था और साधु बनकर सामने दिखाई दे रहा था। राक्षस क्या करता था, ब्राह्मण, मानव, गायों को मार दे, चोला साधु का पहनता है। यहां देखिए, चोला तो साधु का है और गोहत्या हो रही। अब आप बताइए कि कालनेमि कौन है?

मुस्लिमों में जो धर्मगुरु होता है, वही खलीफा (राष्ट्र का अध्यक्ष) होता है। हिंदू धर्म में खलीफा परंपरा को लाया जा रहा है।

प्रदेश सरकार ने मुझसे 24 घंटे में शंकराचार्य होने का प्रमाण मांगा था। इसे मैंने समयसीमा के भीतर पेश कर दिया था। इसके बाद मैंने सरकार को अपने असली हिंदू होने का प्रमाण देने के लिए 40 दिन का समय दिया था। लेकिन बीते 10 दिन बीत जाने के बाद भी सरकार की ओर से कोई प्रमाण सामने नहीं आया। योगी नकली हिंदू हैं।

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *