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Sat. Feb 14th, 2026

पीसीएस अधिकारी ने फांसी से लटककर दे दी जान, मायके गई पत्नी से फोन पर हुआ था विवाद

  • उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में समाज कल्याण अधिकारी आशीष कुमार सिंह ने आत्महत्या कर ली

प्रतापगढ़: उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में बुधवार सुबह एक दुखद घटना ने सभी को झकझोर कर रख दिया। नगर कोतवाली क्षेत्र के पूरे केशवराय गांव में 40 वर्षीय समाज कल्याण अधिकारी आशीष कुमार सिंह ने अपने घर के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। बताया जा रहा है कि पत्नी से फोन पर हुए विवाद के बाद उन्होंने यह आत्मघाती कदम उठाया। इस घटना से परिवार में कोहराम मच गया और गांव में मातम छा गया।

आशीष सिंह मूल रूप से पूरे केशवराय गांव के ही रहने वाले थे। बचपन से ही पढ़ाई में होनहार आशीष ने अपनी मेहनत से पहले बेसिक शिक्षा विभाग में खंड शिक्षा अधिकारी का पद हासिल किया। करीब 2 साल पहले उन्होंने PCS परीक्षा पास की और आजमगढ़ जिले में समाज कल्याण अधिकारी के पद पर तैनाती पाई। उनकी शादी करीब 10 साल पहले सुल्तानपुर जिले में हुई थी और उनका एक 5 साल का बेटा भी है। परिजनों के अनुसार, पिछले 3 महीनों से आशीष की पत्नी अपने मायके में रह रही थी।

पत्नी से फोन पर हुआ था विवाद

आशीष शनिवार को छुट्टी लेकर अपने गांव आए थे और बुधवार सुबह आजमगढ़ ड्यूटी पर जाने की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान उनकी पत्नी से फोन पर किसी बात को लेकर विवाद हो गया। विवाद के बाद आशीष अपने कमरे में चले गए। काफी देर तक जब कमरे से कोई आहट नहीं आई तो परिजनों ने आवाज दी, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। दरवाजा न खुलने पर परिजनों ने जबरन दरवाजा तोड़ा तो अंदर आशीष का शव फांसी के फंदे पर लटकता मिला।

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। इस हादसे से आशीष के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। गांव में भी इस घटना को लेकर शोक की लहर है। आशीष की मेहनत और काबिलियत के चर्चे पूरे गांव में थे, लेकिन इस तरह उनके जीवन का अंत हो जाएगा, यह किसी ने नहीं सोचा था। पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है ताकि घटना के सही कारणों का पता लगाया जा सके।

पूरे केशवराय के रहने वाले आशीष कुमार सिंह (40) पुत्र रामबहादुर जिला समाज कल्याण अधिकारी के पद पर आजमगढ़ में तैनात थे। शनिवार को वह छुट्‌टी पर घर आए थे। पत्नी क्षमता सिंह अपने मायके सुल्तानपुर में थी। आज सुबह वह ड्यूटी पर जाने के लिए तैयार हो रहे थे। इसी बीच फोन पर पत्नी का कॉल आया तो वह बात करते हुए बाहर निकल गए।

फोन पर वह पत्नी से तेज आवाज में बात कर रहे थे। इसके बाद तेजी से घर लौटे और अपने कमरे में चले गए। उनका अक्सर पत्नी से झगड़ा होता रहता था इसलिए घर वालों ने भी ध्यान नहीं दिया। 15-20 मिनट तक जब गेट नहीं खुला तो छोटे भाई रोहित गया और दरवाजा खटखटाया।

समाज कल्याण अधिकारी का प्रतापगढ़ स्थित घर, यहीं पर फांसी लगाकर उन्होंने जान दी है।

समाज कल्याण अधिकारी का प्रतापगढ़ स्थित घर, यहीं पर फांसी लगाकर उन्होंने जान दी है।

छोटे भाई ने सबसे पहले देखा शव

अंदर से कोई आवाज नहीं आई तो उसने खिड़की से झांककर देखा। अंदर भाई का शव गमछे के सहारे फंदे से लटक रहा था। उसने तुरंत शोर मचाकर लोगों को बुलाया और पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और दरवाजा तोड़कर शव को नीचे उतरवाया।

10 साल पहले हुई थी शादी

आशीष की शादी करीब 10 साल पहले सुल्तानपुर की क्षमता सिंह के साथ हुई थी। दोनों का एक 5 साल का बेटा है। 2 साल से दोनों का झगड़ा चल रहा है और पत्नी मायके में ही रह रही हैं। करीब 3 महीने से विवाद ज्यादा बढ़ गया था, जिससे आशीष परेशान रहते थे।

युवक की मौत के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

युवक की मौत के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

दो साल पहले पास की थी परीक्षा

वहीं आशीष के परिवार में मां पुष्पा सिंह और पिता रामबहादुर के अलावा 5 भाई बहन हैं। दो बहनों पूर्णिमा और सुजिता की शादी हो गई है। बड़े भाई आनंद भूषण कानपुर में प्राइवेट नौकरी करते हैं और उनका परिवार वहीं पर रहता है। आशीष दूसरे नंबर पर थे। छोटा भाई रोहित सेक्रेटरी है, उनकी तैनाती प्रतापगढ़ में ही है। रोहित ही मां-पिता के साथ गांव में रहते हैं।

आशीष छुट्‌टी पर घर आते रहते थे। बचपन से ही पढ़ाई में होनहार आशीष को पहली नौकरी बेसिक शिक्षा विभाग में खंड शिक्षा अधिकारी के पद पर मिली थी। करीब दो साल पहले उन्होंने पीसीएस की परीक्षा पास की। समाज कल्याण अधिकारी के रूप में पहली तैनाती अमरोहा थी, जबकि दूसरी तैनाती आजमगढ़ थी। दैनिक भास्कर से बातचीत करते हुए कर्मचारियों का कहना है कि सर ने आज तक किसी भी कर्मचारी को डांट फटकार नहीं लगाई थी। उनका व्यवहार बहुत अच्छा था। स्टाफ और कर्मचारी के प्रति बहुत सरल स्वभाव के थे।

आजमगढ़ में समाज कल्याण अधिकारी का चैंबर खाली पड़ा रहा, आज उन्हें ड्यूटी पर पहुंचना था।

आजमगढ़ में समाज कल्याण अधिकारी का चैंबर खाली पड़ा रहा, आज उन्हें ड्यूटी पर पहुंचना था।

चाचा बोले- पत्नी कर रही थी परेशान

आशीष के चाचा पूर्व प्रधान शिवजीत सिंह ने बताया कि पत्नी से काफी समय से विवाद चल रहा था। उनके परिवार के लोग भी भतीजे को परेशान कर रहे थे। लेकिन पिछले कुछ दिनों से ये लोग ज्यादा ही परेशान करने लगे थे। इसी कारण आज उसने सुसाइड कर लिया है। वहीं, पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंचे कुछ लोगों ने बताया कि पत्नी क्षमता सिंह पति पर शराब पीकर मारपीट करने का आरोप लगाती थीं। इसी के चलते वह मायके में रह रही हैं।

सीओ सिटी प्रशांत राज हुड्डा ने बताया कि आजमगढ़ में तैनात समाज कल्याण अधिकारी आशीष ने सुसाइड कर लिया है। वह प्रतापगढ़ अपने गांव आए हुए थे। उन्होंने फांसी लगाकर जान दी है। पत्नी से विवाद का मामला सामने आ रहा है। मामले में परिजनों की शिकायत के आधार पर विधिक कार्रवाई की जाएगी। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है।

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