- योगी सरकार के स्कूल मर्जर के खिलाफ शिक्षक संगठन लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, हालांकि हाईकोर्ट से सरकार को राहत मिली गई है
लखनऊ : योगी सरकार ने कम छात्र संख्या वाले स्कूलों के विलय का फैसला किया है। जिसको लेकर शिक्षक संगठन लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। उनका कहना है कि राज्य सरकार के इस फैसले से शिक्षा अधिकार अधिनियम का उलंघन हो रहा है। इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी। लेकिन कोर्ट ने याचिका को खारिज कर दिया। जिससे सरकार को काफी राहत मिली है। अब समाजवादी पार्टी ने स्कूल मर्जर के खिलाफ पोस्टर वार शुरू कर दिया है। जिसमें सरकार के कदम की कड़ी आलोचना की गई है।
UP News: यूपी के लखनऊ में समाजवादी पार्टी कार्यालय के बाहर स्कूल मर्जर को लेकर एक पोस्टर लगाया गया है। स्कूल विलय को लेकर शिक्षक संगठनों के विरोध प्रदर्शन के साथ-साथ सपा और बसपा भी इसके खिलाफ है। पूर्व मुख्यमंत्री मायावती अपने पहले ही एक बयान में कह चुकी हैं कि बीएसपी की सरकार आने पर सरकार के फैसले को पलट दिया जाएगा। दूसरी तरफ सपा भी सरकार के इस कदम की लगातार कड़ी आलोचना कर रही है। सपा ने अब पोस्टर वार शुरू कर दिया है। लखनऊ पार्टी कार्यालय के बाहर एक पोस्टर लगाया गया है। इसे अमेठी के रहने वाले सपा नेता जय सिंह प्रताप यादव ने लगवाया है। स्कूलों के मर्जर को लेकर पोस्ट में सवाल किया गया है। यह कैसा राम राज्य है। बंद करो पाठशाला खोलो मधुशाला जैसी बातें पोस्टर में लिखी गई हैं।
चर्चा का विषय बनी सपा का पोस्टर
लखनऊ में समाजवादी पार्टी कार्यालय के बाहर लगाया गया बड़ा सा पोस्टर चर्चा का विषय बना हुआ है। इधर से गुजरने वाले राहगीर से लेकर नेता स्कूल के बच्चे इस होर्डिंग को बड़े ध्यान से पढ़ रहे हैं। फिर लोग आपस में स्कूल मर्जर को लेकर चर्चा कर रहे हैं।