- आखिर कौन है जो धर्म के नाम फिजा को बिगाड़ने की कोशिश में लगा है, पुलिस को सख्त कार्यवाही करने की जरूरत
- मुस्लिम लोग बोले कानून अगर अपना काम ठीक से करे तो शरारती तत्वों पर लगे लगाम
मथुरा: मथुरा-वृंदावन रोड़ पर बनी 150 वर्ष पुरानी मजार को कानून का सहारा लेकर प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने हटवाया, लेकिन कुछ शरारती तत्वों ने कानून को अपने हाथ में लेने की कोशिश की और कैंट बिजली घर के सामने बनी मजार को क्षतिग्रस्त कर दिया। अब पुलिस को उन तत्वों की तलाश है जिन्होंने इस घटना को अंजाम दिया। प्रश्न यह उठता है कि शहर में कडे़ सुरक्षा बंदोबस्त होने का दावा करते पुलिस अधिकारी इस पर क्या कहेंगे ?
धर्म की नगरी में मंगलवार रात्रि किसी शरारती तत्व ने कैंट बिजली घर के सामने मजार को क्षतिग्रस्त कर दिया। बुधवार सुबह समाज के लोगों को इसकी जानकारी हुई तो तमाम लोग आ गए। घटना पर आक्रोश जताया। पुलिस पहुंची और मामले की जानकारी की। अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस जांच में जुट गई है। इधर, आसपास के लोगों ने मजार की मरम्मत करायी है।

होली गेट से कलक्ट्रेट जाने वाले मार्ग पर बिजली घर के समीप अली शेर बाबा की मजार है। बुधवार सुबह करीब सात बजे समाज के लोग मजार पर पूजा अर्चन के लिए पहुंचे तो मजार क्षतिग्रस्त देख चैंक गए। कुछ देर में आसपास के तमाम लोगों की भीड़ जमा हो गई। समाज के लोग भी आ गए और इस घटना की निंदा की। सदर थाना पुलिस पहुंची और मामले की जानकारी की। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई का आश्वासन दिया।
सदर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक जसवीर सिंह कहते हैं कि किसी शरारती तत्व ने मजार क्षतिग्रस्त कर दी थी, जिसकी जांच चल रही है। मार्केट के व्यापारियों ने मजार को सही करा दिया है।
कहां है डायल 112 और कौन हैं ये शरारती तत्व ?
मजार क्षतिग्रस्त कर दी। अब प्रश्न यह है कि शहर शांत फिजा में आग लगाने का यह काम कौन कर रहा है ? क्या किसी विशेष समुदाय के लोग हैं जो आपस में धर्म के नाम पर बांटने और आगे लगाने की कोशिश करना चाहते हैं? सदर निवासी पप्पू का कहना है कि डायल 112 कहने को है, लेकिन सदर थाने से अधिक दूरी पर भी यह मजार नहीं है। आखिर पुलिस ऐसे शरारती तत्वों पर ध्यान क्यों नहीं देती। यही लोग हैं जो लोगों जातिवाद और धर्म के नाम बांटने की कोशिश करते है, जिससे आये दिन झगडे़ भी देखने को मिलते हैं। मुस्लिम समुदाय ने ऐसे लोगों कड़ी कार्यवाही की मांग की है।

