- छोटे शहर, सीमित संसाधन या पारिवारिक परिस्थितियां आपकी सफलता की सीमा नहीं बननी चाहिए: नीरज
दैनिक उजाला, मथुरा : जीएलए विश्वविद्यालय में ऑनलाइन शिक्षा से जुड़े नए विद्यार्थियों के लिए शनिवार को विशेष ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में एमबीए, एमसीए, बीसीए, बीबीए और बी.कॉम (ऑनर्स) सहित विभिन्न ऑनलाइन पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, करियर अवसरों और कौशल विकास की दिशा से परिचित कराया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ अपने लक्ष्य, आत्मविश्वास और व्यावहारिक क्षमताओं पर काम करने के लिए प्रेरित किया गया।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अनूप कुमार गुप्ता ने नए विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय में प्रवेश जीवन के एक नए अध्याय की शुरुआत है। विद्यार्थियों को केवल डिग्री हासिल करने पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय अपने ज्ञान, व्यक्तित्व, व्यवहार और क्षमताओं को लगातार विकसित करना चाहिए। आज के प्रतिस्पर्धी दौर में विषय की जानकारी के साथ कम्युनिकेशन स्किल, तकनीकी दक्षता, व्यावहारिक ज्ञान और आत्मविश्वास भी सफलता के लिए बेहद जरूरी हैं।
उन्होंने कहा कि ऑनलाइन शिक्षा विद्यार्थियों को अपनी सुविधा के अनुसार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने का अवसर देती है। विश्वविद्यालय का प्रयास रहेगा कि विद्यार्थियों को ऑनलाइन कक्षाओं के साथ मास्टर क्लास, विशेषज्ञ व्याख्यान, इंडस्ट्री इंटरैक्शन, प्रशिक्षण कार्यक्रम और कौशल विकास कार्यशालाओं से भी जोड़ा जाए। उन्होंने बताया कि जीएलए विश्वविद्यालय के मथुरा और ग्रेटर नोएडा कैंपस के विद्यार्थियों का ओरिएंटेशन कार्यक्रम पहले ही संपन्न हो चुका है। दोनों कैंपस में नए सत्र की कक्षाएं भी शुरू हो गई हैं।

कार्यक्रम में सीईओ एवं मोटिवेशनल स्पीकर नीरज अग्रवाल ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए सबसे पहले स्वयं पर विश्वास करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि दुनिया अक्सर व्यक्ति को यह बताती है कि वह क्या नहीं कर सकता, वह छोटे शहर या छोटे परिवार से है, इसलिए बड़े लक्ष्य हासिल करना उसके लिए मुश्किल है। लेकिन सफलता वहीं से शुरू होती है, जहां व्यक्ति इन सीमाओं को स्वीकार करने के बजाय उनसे बाहर निकलने का साहस करता है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि अपनी बात माता-पिता के सामने स्पष्टता और विश्वास के साथ रखें, क्योंकि जब स्वयं को अपने लक्ष्य पर भरोसा होगा तभी दूसरे लोग भी उस पर विश्वास करेंगे।
उन्होंने अपने जीवन का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने पढ़ाई छोड़कर पिता के व्यवसाय में जाने का निर्णय लिया था। उस समय यह रास्ता आसान नहीं था और परिवार तथा समाज की अपेक्षाएं अलग थीं, लेकिन उन्हें अपने निर्णय पर विश्वास था। उन्होंने विद्यार्थियों को समझाया कि प्लान-बी रखना गलत नहीं है, लेकिन प्लान-ए के प्रति विश्वास कमजोर नहीं होना चाहिए।
नीरज अग्रवाल ने कहा कि जीएलए विश्वविद्यालय की प्लेसमेंट और अकादमिक टीम ऑनलाइन विद्यार्थियों को भी रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने बताया कि जीएलए मथुरा और जीएलए ग्रेटर नोएडा के विद्यार्थियों के लिए इस वर्ष करीब 900 कंपनियों को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है, जबकि पिछले वर्ष करीब 625 से 650 कंपनियों का लक्ष्य पूरा किया गया था। इसी दिशा को आगे बढ़ाते हुए आने वाले एक-दो वर्षों में ऑनलाइन विद्यार्थियों के लिए भी 100 से 200 कंपनियों को जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन शिक्षा से जुड़े जो विद्यार्थी ईमानदारी से जीएलए के माध्यम से रोजगार प्राप्त करना चाहते हैं, विश्वविद्यालय की टीम उनके साथ पूरी मेहनत और विश्वास के साथ काम करेगी।
विश्वविद्यालय के कुलसचिव अशोक कुमार सिंह ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री हासिल करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के भीतर जिम्मेदारी, अनुशासन, ईमानदारी और नैतिक मूल्यों का विकास करना भी है। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन शिक्षा लेने वाले विद्यार्थियों में कोई उद्यमी है, तो कोई किसी न किसी कंपनी में उच्च पद पर आसीन है। आज ऑनलाइन शिक्षा के माध्यम से वह तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा से जुड़ गए हैं। इसलिए शिक्षा पर ही अधिकतम फोकस बनाये रखने की आवश्यकता है। उन्होंने विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय की 28 वर्षों की उपलब्धियों से परिचित कराया। उन्होंने बताया कि कुलाधिपति नारायण दास अग्रवाल ने वर्ष 1998 में जीएलए इंस्टीट्यूट की स्थापना की थी और उनका सपना देश में उच्चकोटि का विश्वविद्यालय स्थापित करना था, जहां छात्र-छात्राएं अपने सपनों और लक्ष्यों को पूरा कर सकें।
सीडीओई के निदेशक प्रो. सुरेश चंद्र जोशी ने कहा कि ऑनलाइन शिक्षा विद्यार्थियों को अपनी पढ़ाई के साथ विशेषज्ञों और अनुभवी लोगों से जुड़ने का अवसर देती है। विश्वविद्यालय की ओर से विद्यार्थियों के लिए नियमित रूप से ऑनलाइन लेक्चर, मास्टर क्लास, एक्सपर्ट सेशन, प्रशिक्षण कार्यक्रम और स्किल डेवलपमेंट वर्कशॉप आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल पाठ्यक्रम की जानकारी देना नहीं, बल्कि उन्हें भविष्य के रोजगार और करियर की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करना है।
कार्यक्रम का संचालन साॅफ्ट स्किल्स ट्रेनर प्रियम गुप्ता ने किया। इस दौरान डीन एकेडमिक प्रो. आशीष शर्मा, सीओई डा. अतुल बंसल, डीएसडब्लू डा. हिमांशु शर्मा, खुशबू श्रीवास्तव, मुकुल महाजन, दीपक चैधरी, चंद्रिका आनंद आदि विश्वविद्यालय के सदस्यों का सहयोग सराहनीय रहा।

