दैनिक उजाला, मथुरा : जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय शिक्षा जगत में अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई है। विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ बिज़नेस मैनेजमेंट के एसोसिएट विभागाध्यक्ष डा. कृष्णवीर सिंह को वियतनाम में आयोजित अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक कार्यक्रमों के दौरान विशेष सम्मान और पहचान प्राप्त हुई। जहां उन्होंने भारत और जीएलए विश्वविद्यालय का प्रभावशाली प्रतिनिधित्व किया।
इस दौरान आयोजित अतिथि व्याख्यान श्रृंखला में संकाय सदस्यों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों की बड़ी संख्या ने सहभागिता की। डॉ. कृष्णवीर सिंह ने प्रबंधन शिक्षा की वैश्विक दिशा, उद्योग जगत के बदलते परिदृश्य, समकालीन व्यापारिक कार्यप्रणालियों तथा शोध के नए और उभरते आयामों पर विस्तृत, तथ्यपरक एवं शोध-आधारित व्याख्यान प्रस्तुत किए। उनके विचारों ने प्रतिभागियों को न केवल अकादमिक दृष्टि से समृद्ध किया, बल्कि व्यावहारिक सोच और नवाचार की ओर भी प्रेरित किया। व्याख्यान सत्रों के दौरान प्रश्नोत्तर एवं संवाद की सक्रिय प्रक्रिया ने कार्यक्रम को अत्यंत उपयोगी और प्रभावी बना दिया।

डॉ. सिंह ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि इन व्याख्यानों का मुख्य उद्देश्य प्रतिभागियों को अंतरराष्ट्रीय शिक्षण पद्धतियों, वैश्विक व्यापार वातावरण और बदलती पेशेवर आवश्यकताओं से अवगत कराना था, ताकि वे भविष्य की चुनौतियों का आत्मविश्वास के साथ सामना कर सकें।
अतिथि व्याख्यान श्रृंखला के साथ-साथ डॉ. कृष्णवीर सिंह ने वियतनाम में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में भी सक्रिय सहभागिता की। इस सम्मेलन में विभिन्न देशों से आए शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं और उद्योग विशेषज्ञों ने वैश्विक अर्थव्यवस्था, व्यापार, नवाचार, शिक्षा, तकनीकी विकास और भविष्य की रणनीतियों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया। इस मंच पर डॉ. सिंह की उपस्थिति और विचारों ने भारत के साथ-साथ जीएलए विश्वविद्यालय की अकादमिक छवि को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अधिक सुदृढ़ किया।
यात्रा के दौरान जीएलए विश्वविद्यालय और वियतनाम की यूनिवर्सिटी ऑफ इकोनॉमिक्स एंड लॉ के बीच शैक्षणिक सहयोग, छात्र एवं शोधार्थी विनिमय, संयुक्त शोध परियोजनाओं तथा दीर्घकालिक साझेदारी कार्यक्रमों को लेकर भी सकारात्मक और सार्थक चर्चाएं हुईं। इन प्रयासों से आने वाले समय में दोनों संस्थानों के बीच सहयोग के नए द्वार खुलने की प्रबल संभावनाएं बन रही हैं।
अंतरराष्ट्रीय विश्वसनीयता और उत्कृष्ट शिक्षा प्रणाली का स्पष्ट प्रमाण
इस महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि पर जीएलए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अनूप कुमार गुप्ता एवं संकाय निदेशक प्रो. अनुराग सिंह ने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि विदेशी विश्वविद्यालयों से इस प्रकार के आमंत्रण मिलना, जीएलए विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता, अंतरराष्ट्रीय विश्वसनीयता और उत्कृष्ट शिक्षा प्रणाली का स्पष्ट प्रमाण है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय लगातार वैश्विक स्तर पर सहयोग बढ़ाने और अपने विद्यार्थियों व शिक्षकों को अंतरराष्ट्रीय मंच उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
इंस्टीट्यूट ऑफ बिज़नेस मैनेजमेंट के विभागाध्यक्ष प्रो. उत्कल खंडेलवाल सहित समस्त संकाय सदस्यों ने डॉ. कृष्णवीर सिंह को इस अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। यह उपलब्धि न केवल जीएलए विश्वविद्यालय के लिए गर्व का विषय है, बल्कि भारतीय उच्च शिक्षा की वैश्विक पहचान को भी और मजबूत करती है।

