मथुरा : प्रथम अभियंता देव शिल्पी भगवान विश्वकर्मा जयंती एवं देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 75वां जन्मदिन पर केएम विश्वविद्यालय में हवन पूजा और विश्वकर्मा पूजा संगोष्ठी का आयोजन किया गया।
केएम विवि के कुलाधिपति किशन चौधरी ने वैदिक विधि विधान से हवन पूजा कर प्रधानमंत्री के दीघार्यु की ईश्वर से कामना की।
इस अवसर पर विवि में विश्वकर्मा जयंती पर संगोष्ठी का शुभारंभ विश्वविद्यालय के कुलाधिपति, कुलपति डा. एनसी प्रजापति, प्रति कुलपति डा. शरद अग्रवाल, कुलसचिव डा. पूरन सिंह, कुलाधिपति के सलाहाकार डा. एसपी गोस्वामी ने विश्वकर्मा की चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्जवलित किया।
संगोष्ठी को संबोधित करते हुए विवि के कुलाधिपति किशन चौधरी ने कहा यहां हम सभी सृष्टि के निर्माणकर्ता भगवान विश्वकर्मा एवं नवभारत के निर्माण कर्ता प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का जन्मदिव केएम विश्वविद्यालय में एक साथ मना रहे है।
कुलपति डा. एनसी प्रजापति ने कहा हमें भगवान विश्वकर्मा जी के जीवन से सीख लेना चाहिए। भगवान विश्वकर्मा इस सृष्टि के प्रथम शिल्पकार है। उन्हें देवताओं का इंजीनियर कहा जाता है।
प्रति कुलपति डा. शरद अग्रवाल ने कहा हमें सभी महापुरुषों के जीवन वृतांत से सीख लेकर जीवन में एक उद्देश्य बनाकर पूर्ण परिश्रम से कार्य करना चाहिए। कुलसचिव डा. पूरन सिंह ने अपने वक्तव्य में विश्वकर्मा जयंती के उद्देश्य से विद्यार्थियों को अवगत कराया गया।
उन्होंने इंजीनियरिंग शिक्षा में उनके जीवन से मिलने वाली प्रेरणा पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि हमें भी अपने उद्देश्य को निर्धारित कर कुछ और अंतिम लक्ष्य पाने तक कोशिश करते रहना चाहिए।
चांसलर सलाहकार डा. एसपी गोस्वामी ने कहा वर्तमान समय में एक इंजीनियर की क्या भूमिका होती है एवं विद्यार्थी किस तरह अपने जीवन में इंजीनियरिंग की पढ़ाई को आत्मसात कर एक अच्छा कैरियर बना सकते हैं। चाहे वह किसी भी क्षेत्र से संबंधित हो। उन्होंने कहा कि बिना इंजीनियरिंग के देश का विकास संभव नहीं है।
हवन पूजा और संगोष्ठी में मुख्य रूप से मेडीकल प्राचार्य डा. पीएन भिसे, मेडीकल सुप्रीटेंट डा. अभय सूद, अस्पताल के एएमएस डा. आरपी गुप्ता, सब रजिस्ट्रार सुनील अग्रवाल, खेल निदेशक आरके शर्मा सहित सभी संकायों के डीन, प्रोफेसर सहित छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।

