मथुरा : जीएलए विश्वविद्यालय ने अपने एमबीए-फाइनेंशियल मार्केट्स एंड बैंकिंग प्रोग्राम के विद्यार्थियों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने और उन्हें उद्योग-उन्मुख शिक्षा प्रदान करने की दिशा में एक अहम कदम उठाया है। विश्वविद्यालय ने अमेरिकन अकैडमी ऑफ फाइनेंशियल मैनेजमेंट (एएएफएम, इंडिया) के साथ एक एमओयू किया है। इसके माध्यम से अब विद्यार्थियों को उनके नियमित पाठ्यक्रम के साथ ही अंतरराष्ट्रीय स्तर के फाइनेंशियल सर्टिफिकेशन प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
एमओयू की प्रक्रिया जीएलए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अनूप कुमार गुप्ता, कुलसचिव अशोक कुमार सिंह, इंस्टिट्यूट ऑफ बिजनेस मैनेजमेंट के निदेशक प्रो. अनुराग सिंह, विभागाध्यक्ष प्रो. उत्कल खंडेलवाल, सह-विभागाध्यक्ष प्रो. कृष्णवीर सिंह, डीन इंटरनेशनल रिलेशन्स एवं अकादमिक कोलैबोरेशन प्रो. दिलीप शर्मा, डॉ. गुंजन शर्मा तथा एएएफएम इंडिया के सीईओ पुलोक भट्टाचार्जी, हेड-ऑपरेशंस जितेश कपूर, मैनेजर- इंस्टिट्यूशनल सेल्स गुनिंदर सहगल की उपस्थिति में संपन्न हुयी।
इस अवसर पर जीएलए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अनूप कुमार गुप्ता ने कहा कि यह एमओयू विद्यार्थियों के लिए शिक्षा, कौशल विकास और पेशेवर उत्कृष्टता का नया अध्याय लिखेगा। यह साझेदारी केवल रोजगारपरक शिक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को ऐसे व्यावहारिक कौशल, वैश्विक दृष्टिकोण और नेतृत्व क्षमता से सशक्त बनाने का प्रयास है।
एएएफएम इंडिया के सीईओ पुलोक भट्टाचार्जी ने कहा कि हमारा उद्देश्य भारत में वित्तीय शिक्षा को अंतरराष्ट्रीय मानकों तक पहुंचाना है। जीएलए विश्वविद्यालय के साथ यह समझौता इस दिशा में एक सशक्त कदम है, जो छात्रों को वैश्विक अवसरों के लिए तैयार करेगा।
इंस्टिट्यूट ऑफ बिजनेस मैनेजमेंट के निदेशक प्रो. अनुराग सिंह ने कहा कि जीएलए विश्वविद्यालय में पिछले कई वर्षों से फाइनैंशल मार्केट्स और बैंकिंग में विशेषज्ञता वाला दो वर्षीय एमबीए कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। यह कार्यक्रम विद्यार्थियों को वित्तीय क्षेत्र की गहराई से समझ प्रदान करता है और उन्हें बैंकिंग, इन्वेस्टमेंट एवं कैपिटल मार्केट्स जैसे क्षेत्रों में कार्य करने के लिए तैयार करता है।
विभागाध्यक्ष प्रो. उत्कल खंडेलवाल और सह-विभागाध्यक्ष प्रो. कृष्णवीर सिंह ने कहा कि एमबीए-फाइनेंशियल मार्केट्स एंड बैंकिंग पहले से ही उद्योग-केंद्रित रहा है। अब एएएफएम इंडिया के जुड़ने से यह कार्यक्रम और अधिक व्यावहारिक, रोजगारोन्मुख और अंतरराष्ट्रीय स्तर का हो गया है। जीएलए विश्वविद्यालय और एएएफएम इंडिया मिलकर छात्रों को बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं और बीमा क्षेत्र से संबंधित ऐड-ऑन सर्टिफिकेशन्स के लिए विशेष मार्गदर्शन और मेंटरिंग सहायता प्रदान करेंगे। इसके अलावा दोनों संस्थान संयुक्त रूप से कॉन्फ्रेंस, सेमिनार, वर्कशॉप, वेबिनार, गेस्ट लेक्चर और शैक्षणिक बैठकों आदि का आयोजन भी करेंगे।
वहीं डीन इंटरनेशनल रिलेशन्स एवं अकादमिक कोलैबोरेशन प्रो. दिलीप शर्मा ने कहा कि यह पहल विश्वविद्यालय की उस प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है जिसके तहत वह शिक्षा को रोजगार, नवाचार और वैश्विक प्रतिस्पर्धा से जोड़ने का निरंतर प्रयास कर रहा है। एएएफएम इंडिया के साथ यह साझेदारी न केवल हमारे विद्यार्थियों के लिए सफलता के नये द्वार खोलेगी, बल्कि विश्वविद्यालय की वैश्विक साख को भी और सुदृढ़ करेगी।

