- जीएलए के विधि संस्थान ने राष्ट्रीय स्तर पर मूटिंग के क्षेत्र में कायम की पहचान
दैनिक उजाला, मथुरा: जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा के इंस्टीट्यूट ऑफ लीगल स्टडीज एंड रिसर्च संस्थान की मूट कोर्ट समिति द्वारा भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग, नई दिल्ली के सहयोग से दो दिवसीय द्वितीय जीएलए मूट कोर्ट प्रतियोगिता 2026 का भव्य आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में बीए एलएलबी (ऑनर्स), बीकॉम एलएलबी (ऑनर्स), बीबीए एलएलबी (ऑनर्स) और एलएलएम् के छात्रों की सक्रिय भागीदारी रही।
विधि विश्वविद्यालयों और सँस्थानों की कुल 32 टीमों ने भाग लिया

राष्ट्रीय स्तर की इस प्रतियोगिता में देशभर के प्रतिष्ठित विधि विश्वविद्यालयों और सँस्थानों की कुल 32 टीमों ने भाग लिया। इनमें महाराष्ट्र, मेघालय, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, हिमाचल, उत्तराखंड, पंजाब सहित छह राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालयों की टीमें भी शामिल रहीं। उद्घाटन सत्र में स्वागत भाषण के दौरान कुलसचिव, जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा अशोक कुमार सिंह ने कहा कि मूट कोर्ट प्रतियोगिताएं छात्रों को व्यावहारिक कानूनी प्रशिक्षण प्रदान करती हैं और उन्हें वास्तविक न्यायिक प्रक्रियाओं से परिचित कराती हैं, जिससे उनके शोध, तर्क और प्रस्तुतीकरण कौशल का समग्र विकास होता है।
मुख्य अतिथि सेवानिवृत्त न्यायाधीश, राजस्थान उच्च न्यायालय, राजस्थान कैलाश चंद्र शर्मा ने अपने विस्तृत वक्तव्य में कहा कि मूट कोर्ट प्रतियोगिताएं विधि शिक्षा का सबसे प्रभावी व्यावहारिक माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि प्रतिस्पर्धा कानून आज के डिजिटल और वैश्विक बाजार में अत्यंत महत्वपूर्ण हो गया है। उन्होंने भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आयोग निष्पक्ष बाजार व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ उपभोक्ता संरक्षण सुनिश्चित करता है। उन्होंने छात्रों से आह्वान किया कि वे कानून को केवल करियर नहीं, बल्कि समाज में न्याय और निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा स्थापित करने के माध्यम के रूप में देखें।
गेस्ट ऑफ ऑनर सेवानिवृत्त प्रधान न्यायाधीश, फैमिली कोर्ट, नई दिल्ली मनमोहन शर्मा ने कहा कि मूट कोर्ट प्रतियोगिताएं छात्रों की आलोचनात्मक सोच, तर्क प्रस्तुत करने की क्षमता और आत्मविश्वास को मजबूत करती हैं। उन्होंने नियमित अभ्यास, अनुशासन और नैतिक मूल्यों को अपनाने की सलाह देते हुए जीएलए विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित इस प्रतियोगिता की सराहना की।
जीएलए के मुख्य वित्त अधिकारी डॉ. विवेक अग्रवाल ने कहा कि मूट कोर्ट प्रतियोगिताएं छात्रों को अकादमिक ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक और व्यावसायिक दक्षता भी प्रदान करती हैं। उन्होंने कहा कि जीएलए विश्वविद्यालय का निरंतर प्रयास है कि विधि शिक्षा को वास्तविक न्यायिक और संस्थागत आवश्यकताओं से जोड़ते हुए छात्रों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार किया जाए।
प्रतिस्पर्धा-विरोधी प्रथाओं का सीधा प्रभाव उपभोक्ताओं पर
इस अवसर पर जीएलए के कुलपति प्रो. अनूप कुमार गुप्ता ने कहा कि प्रतिस्पर्धा अधिनियम निष्पक्ष बाजार व्यवस्था और उपभोक्ता हितों की रक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कम्पटीशन लॉ के क्षेत्र में उभरती संभावनाओं और लॉ छात्रों के लिए अपार संभावनाओं पर भी प्रकाश डाला ।
डीन, इंस्टीट्यूट ऑफ लीगल स्टडीज एंड रिसर्च प्रो. (डॉ.) सोमेश धामीजा ने थीम एड्रेस के दौरान कहा कि प्रतिस्पर्धा-विरोधी प्रथाओं का सीधा प्रभाव उपभोक्ताओं पर पड़ता है। उन्होंने जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा के इंस्टीट्यूट ऑफ लीगल स्टडीज एंड रिसर्च संस्थान द्वारा छात्रों को बेहतर लर्निंग वातावरण उपलब्ध कराने एवं कानूनी क्षेत्र में रोजगार की अपार संभावनाओं के लिए सँस्थान के विधि छात्र-छात्राओं को विकसित करने हेतु किये जा रहे विभिन्न प्रयासों की विस्तृत व्याख्या की।
समापन सत्र में मुख्य अतिथि जिला न्यायाधीश, मथुरा विकास कुमार ने मूट कोर्ट संस्कृति को विधि शिक्षा की आधारशिला बताते हुए जीएलए विश्वविद्यालय की सराहना की। गेस्ट ऑफ ऑनर अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, नई दिल्ली अभिलाष महलोत्रा ने कानूनी क्षेत्र में उपलब्ध विभिन्न करियर अवसरों पर प्रकाश डाला, जबकि मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, मथुरा डा. उत्सव गौरव राज ने प्रतिभागी छात्रों को बधाई देते हुए आयोजन टीम के प्रयासों की प्रशंसा की।
प्रतियोगिता के परिणामों में सर्वश्रेष्ठ
कार्यक्रम का समापन विभागाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) अरुणा धामीजा के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता के परिणामों में सर्वश्रेष्ठ मेमोरियल और सर्वश्रेष्ठ शोधकर्ता का पुरस्कार कैंपस लॉ सेंटर, दिल्ली विश्वविद्यालय, नई दिल्ली की टीम को प्रदान किया गया, जबकि सर्वश्रेष्ठ मूटर का खिताब बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर यूनिवर्सिटी, लखनऊ की टीम ने हासिल किया। कड़े मुकाबलों के बाद द्वितीय उपविजेता का स्थान क्राइस्ट यूनिवर्सिटी, बेंगलुरु को मिला, वहीं प्रथम उपविजेता टीम बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर यूनिवर्सिटी, लखनऊ रही। प्रतियोगिता का विजेता खिताब विवेकानंद इंस्टीट्यूट ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज, इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय, नई दिल्ली की टीम ने अपने नाम किया।
इस अवसर पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, मथुरा डा. उत्सव गौरव राज, भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग के सलाहकार (वित्तीय विश्लेषण), प्रदीप के. मील सहित जीएलए के इंस्टीट्यूट ऑफ लीगल स्टडीज एंड रिसर्च संस्थान के सभी शिक्षक एवं शिक्षिकाओं सहित छात्रों का सहयोग सराहनीय रहा।
इस अवसर पर मुख्य रूप से कृति शर्मा, आशिमा सिंह तालियान, अनुष्का त्रिवेदी, डा. विवेक मेहरोत्रा, शिवम राणा (अध्यक्ष) और मानसी गौतम (उपाध्यक्ष) आदि शामिल थे। कार्यक्रम में मंच संचालन छात्रा सुदीक्षा धुंगल तथा छात्र तनुज ने किया।

