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Wed. Feb 11th, 2026

भारत की उभरती अर्थव्यवस्था स्वयं में सबसे बड़ा अवसर : शिवम पुरी

दैनिक उजाला, मथुरा : जीएलए विश्वविद्यालय के 14वें दीक्षांत समारोह के विशिष्ट अतिथि सिप्ला हेल्थ लिमिटेड, मुंबई के प्रबंध निदेशक एवं सीईओ शिवम पुरी ने जीएलए विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि आज का युवा भारत इतिहास के सबसे सुनहरे दौर में प्रवेश कर रहा है। अपने पांच मिनट के प्रेरक उद्बोधन में उन्होंने बताया कि छात्र जीवन में आने वाला डर, असमंजस और भविष्य को लेकर अनिश्चितता स्वाभाविक है, पर भारत जैसी तेज़ी से उभरती अर्थव्यवस्था में प्रवेश करना स्वयं में सबसे बड़ा अवसर है।

शिवम पुरी ने कहा कि भारत और चीन कभी विश्व की 25 प्रतिशत जीडीपी का नेतृत्व करते थे और आजादी के समय भारत की जीडीपी 0.2 ट्रिलियन तक गिरने के बावजूद देश ने अभूतपूर्व प्रगति की है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में भारत 4 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था है, जो अगले दस वर्षों में 8 और 10 ट्रिलियन तक पहुंच सकती है, यानी अगले दशक में भारत के बराबर का एक नया भारत खड़ा हो जाएगा।

उन्होंने कहा कि आज दुनिया भारत की तरक्की, स्टार्टअप्स, लोकतांत्रिक स्थिरता और शांतिपूर्ण विकास को देखकर हैरान है और भारतीय होने का गर्व वैश्विक स्तर पर तेजी से बढ़ा है। उन्होंने विनम्रता, व्यवहारिकता और ईमानदारी को कॉर्पोरेट दुनिया की सबसे बड़ी कुंजी बताते हुए कहा कि अहंकार, ओवर-कॉन्फिडेंस और अहंभाव किसी भी करियर को गिरा सकता है, जबकि विनम्रता व्यक्ति को लगातार आगे बढ़ाती है। शिवम पुरी ने कहा कि जीएलए जैसे उत्कृष्ट संस्थान से डिग्री लेकर निकलना छात्रों के लिए सौभाग्य की बात है, क्योंकि यह वही समय है जब भारत सबसे तेज़ आर्थिक विस्तार के दौर में है और युवा वर्ग देश की प्रगति का असली इंजन बनेगा।

उन्होंने कहा कि दुनिया आज भारत की जनसांख्यिकीय शक्ति, स्थिर दिशा और एकजुट विकास को आश्चर्य से देख रही है, क्योंकि इतने बड़े देश का तेज़ी से आगे बढ़ना इतिहास में दुर्लभ है। पुरी ने एक निवेश बैंकर का उल्लेख करते हुए बताया कि पहले भारतीय पहचान छिपाई जाती थी, लेकिन आज लोग गर्व से कहते हैं कि वे भारत से हैं, क्योंकि भारत की वैश्विक छवि नई ऊंचाइयों पर पहुंची है। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में भारत में बनने वाले अवसर दुनिया में सबसे अधिक होंगे और युवा पीढ़ी को इन अवसरों को पूरे आत्मविश्वास और तैयारी के साथ अपनाना चाहिए।

इसी संदर्भ में उन्होंने कहा कि आपकी क्षमताएं, आपका दृष्टिकोण और आपकी मेहनत ही तय करेगी कि आप इस बदलते भारत का हिस्सा बनकर कितनी ऊंचाइयों तक जा सकते हैं। उन्होंने याद दिलाया कि सही समय, सही देश और सही दिशा में कदम रखने का यह अवसर हर पीढ़ी को नहीं मिलता और जीएलए के विद्यार्थी बेहद सौभाग्यशाली हैं कि वे इस परिवर्तन काल में करियर की शुरुआत कर रहे हैं।

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