कुल्लू/लखनऊ/भोपाल/दिल्ली : दिल्ली में हुमायूं का मकबरा कैंपस में एक कमरे की छत गिर गई। हादसे में पांच लोगों की मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, हादसे में तीन महिलाओं और दो पुरुषों की मौत हो गई।
जॉइंट सीपी संजय जैन ने बताया कि 10 लोगों को बचाकर एम्स ट्रॉमा सेंटर और LNJP अस्पताल भेजा गया। इनमें से एम्स ट्रॉमा सेंटर में भर्ती 5 लोगों की मौत हो गई। रेस्क्यू ऑपरेशन अब पूरा हो गया है।
प्रत्यक्षदर्शी विशाल कुमार ने बताया-

मैं हुमायूं के मकबरे में काम करता हूं। अचानक जोर की आवाज आई तो मेरा सुपरवाइजर दौड़ते हुए आया। हमने लोगों और प्रशासन को बुलाया और धीरे-धीरे फंसे हुए लोगों को बाहर निकाला।
वहीं, दिल्ली में यमुना का जलस्तर 204.65 मीटर पहुंच गया, जो चेतावनी स्तर से ऊपर है। हथिनीकुंड बैराज से 47,024 क्यूसेक और वजीराबाद से 35,130 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। खतरे का स्तर 205.33 मीटर है। प्रशासन ने हालात पर कड़ी नजर रखते हुए सतर्कता बढ़ा दी है।
हादसे फ़ोटो

हुमायूं के मकबरे में स्थित दरगाह शरीफ पत्ते शाह के एक कमरे की छत का हिस्सा शुक्रवार शाम चार बजे गिर गया।

पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची है। मौके पर तलाश अभियान जारी है।

10 लोगों को बचाकर एम्स ट्रॉमा सेंटर और एलएनजेपी अस्पताल भेजा गया था, इनमें से 5 की मौत हो गई।
हिमाचल में बादल फटा, UP के 20 जिलों में बाढ़
हिमाचल प्रदेश में बीते 2 दिनों में 4 जगह बादल फटने की घटनाएं हुई हैं। बुधवार रात कुल्लू जिले के श्रीखंड पहाड़ी, तीर्थन घाटी की बाथाढ़ पहाड़ी और शिमला के रामपुर और कोटखाई में बादल फटा।
शिमला के रामपुर में चट्टान गिरने ने से 20 साल की एक महिला की मौत हो गई, जबकि पार्वती नदी में बह जाने से एक व्यक्ति लापता हो गया। कोटखाई के खलटूनाला में 6 से ज्यादा गाड़ियां और पेट्रोल पंप मलबे में दब गया।
उत्तर प्रदेश में बीते कई दिनों से बारिश के बाद 20 से ज्यादा जिलों में बाढ़ के हालात हैं। लखीमपुर में शारदा नदी तेजी से कटान कर रही है। संभल में गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से 20 गांव में बाढ़ का खतरा बन गया है।
तस्वीरें…

पश्चिम बंगाल के कलिम्पोंग में भारी बारिश के बाद तीस्ता नदी उफान पर है। कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात हैं।

लखनऊ के अलीगंज इलाके में गुरुवार को भारी बारिश के कारण 15 फीट सड़क धंस गई।

हिमाचल के कोटखाई में गुरुवार सुबह बादल फटने के बाद मलबा आया। इसमें पेट्रोल पंप और गाड़ियां दब गईं।

गाजियाबाद समेत दिल्ली-NCR के कई इलाकों में गुरुवार को तेज बारिश हुई। सड़कों पर पानी भर गया।
दिल्ली में यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान के पार पहुंचा
दिल्ली में यमुना नदी का जलस्तर शुक्रवार दोपहर 1 बजे पुराने रेलवे पुल पर 204.65 मीटर पहुंच गया, जो चेतावनी स्तर 204.50 मीटर से ऊपर है। यह पुल नदी के बहाव और बाढ़ के खतरे पर नजर रखने का अहम पॉइंट है।
अधिकारियों ने बताया कि हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और सभी एजेंसियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं, क्योंकि अनुमान है कि जलस्तर और बढ़ेगा। जलस्तर बढ़ने की वजह वजीराबाद और हथिनीकुंड बैराज से हर घंटे छोड़ा जा रहा ज्यादा पानी है।
फ्लड कंट्रोल विभाग के अनुसार, हथिनीकुंड बैराज से करीब 47,024 क्यूसेक और वजीराबाद से 35,130 क्यूसेक पानी प्रति घंटे छोड़ा जा रहा है। दिल्ली में चेतावनी स्तर 204.50 मीटर, खतरे का स्तर 205.33 मीटर और 206 मीटर पर लोगों को सुरक्षित स्थान पर भेजना शुरू किया जाता है। बैराज से छोड़ा गया पानी आमतौर पर 48-50 घंटे में दिल्ली पहुंचता है।

