नई दिल्ली : दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर-1 के पास चलती कार में सोमवार शाम 6.52 बजे धमाका हुआ। इसमें 2 महिलाओं समेत 9 लोगों की मौत हो गई। ब्लास्ट में 24 लोग घायल हैं।
ब्लास्ट से ठीक पहले का CCTV फुटेज सामने आया है, जिसमें एक सफेद I-20 कार पार्किंग से निकलती दिख रही है। इसमें आतंकी डॉ. मोहम्मद उमर के होने का शक है।
पुलिस का कहना है कि उमर फरीदाबाद मॉड्यूल का हिस्सा हो सकता है। पिछले दिनों जम्मू-कश्मीर पुलिस ने हरियाणा के फरीदाबाद से लखनऊ तक अभियान चलाकर 2900kg विस्फोटक (संदिग्ध अमोनियम नाइट्रेट) जब्त किया है।
इस कार्रवाई में फरीदाबाद से डॉक्टर मुजम्मिल शकील और लखनऊ से महिला डॉक्टर शाहीन शाहिद को गिरफ्तार किया गया है।

ब्लास्ट तक आतंकी उमर कार में ही बैठा रहा, तस्वीर दोपहर 3.19 मिनट की है।
उमर कार में ढाई घंटे बैठा रहा, एक पल के लिए नहीं उतरा
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के सूत्रों के मुताबिक डॉ. उमर पार्किंग में खड़ी i-20 कार में लगभग ढाई से तीन घंटे तक बैठा रहा। वह एक पल के लिए भी कार से बाहर नहीं निकला।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, डॉ. उमर या तो किसी का इंतजार कर रहा था या फिर पार्किंग में किसी निर्देश का इंतजार में था। उमर फरीदाबाद मॉड्यूल का हिस्सा था।
दिल्ली पुलिस ने लाल किले के पास हुए विस्फोट को लेकर UAPA के तहत FIR दर्ज की है। सुरक्षा एजेंसियों ने आत्मघाती हमले के एंगल से भी जांच शुरू कर दी है। मौके से आरडीएक्स के सबूत नहीं मिले हैं।
दिल्ली धमाके की बड़ी अपडेट्स
- मरने वालों की उम्र 21 से 58 साल के बीच है। इनमें से दो शवों की पहचान हो सकी है। धमाके में लोग बुरी तरह जल गए या कुछ के शरीर के टुकड़ों में दूर-दूर तक बिखर गए। ब्लास्ट कार के पिछले हिस्से में हुआ। इसकी आवाज एक किमी तक सुनाई दी। धमाके से आसपास खड़ी 6 कारें, 2 ई-रिक्शा और 1 ऑटो जल गए।
- पुलिस के मुताबिक जिस कार में धमाका हुआ उसमें तीन लोग थे। कार हरियाणा के गुरुग्राम में सलमान के नाम पर रजिस्टर्ड थी। पुलिस ने सलमान को हिरासत में ले लिया है। सलमान ने कार पुलवामा के तारिक को बेची थी। पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
- ब्लास्ट को लेकर गृह मंत्री अमित शाह हाई लेवल मीटिंग करेंगे। इसमें इंटेलीजेंस ब्यूरो चीफ, जम्मू कश्मीर पुलिस समेत सुरक्षा एजेंसियों के बड़े अधिकारी शामिल होंगे। NIA इस केस की जांच अपने हाथ में ले सकती है।

धमाके के बाद की फुटेज। चारों तरफ अफरातफरी मच गई।

मौके के मौजूद लोगों ने घायलों को एम्बुलेंस तक पहुंचाया।

घटना वाली जगह को पुलिस और सिक्योरिटी फोर्स के जवानों ने घेर लिया।

NSG की टीम घटनास्थल पहुंची। जांच एजेंसियों ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

ब्लास्ट इतना जोरदार था कि आसपास की कई गाड़ियों में आग लग गई।
डॉक्टर बोले- शवों पर काले निशान नहीं
एक अधिकारी ने बताया कि घायलों के शरीर पर छर्रे या स्प्लिंटर की चोटें नहीं हैं, जो आमतौर पर बम धमाके में मिलती हैं। वहीं, शवों की जांच करने वाले एलएनजेपी अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि आमतौर पर आईईडी विस्फोट में मृतकों के शरीर काले पड़ जाते हैं, लेकिन इस धमाके में ऐसा नहीं दिखा है।

